धर्म

पितृपक्ष 2026: क्या ऑनलाइन किया जा सकता है श्राद्ध और पिंडदान? जानिए शास्त्रों के नियम और सही विकल्प

पितृपक्ष (श्राद्ध पक्ष) पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता, श्रद्धा और आत्मिक जुड़ाव का सबसे पावन पर्व है। हिंदू धर्म में मान्यता है कि पितृपक्ष के 16 दिनों में पितर देव भूलोक पर अपने वंशजों के निकट आते हैं और अन्न-जल व तर्पण की आशा रखते हैं। आधुनिक दौर में जब लोग रोजगार या अन्य कारणों से विदेशों या दूर-दराज के शहरों …

Read More »

4 दिन बाद 5 राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा: मंगल की राशि में चंद्रमा का गोचर, मिलेगा उम्मीद से ज्यादा धन-वैभव

वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा को मन, माता, मानसिक शांति और त्वरित गति का कारक ग्रह माना जाता है। सभी नौ ग्रहों में चंद्रमा सबसे तेजी से राशि परिवर्तन करने वाले ग्रह हैं, जो लगभग सवा दो दिन में एक राशि से दूसरी राशि में संचरण करते हैं। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, चार दिन बाद चंद्रमा का गोचर पराक्रम, ऊर्जा और …

Read More »

गणपति विसर्जन कितने बजे करें? जानें अनंत चतुर्दशी के चौघड़िया शुभ मुहूर्त, सही पूजा विधि और विसर्जन के कड़े नियम

भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी यानी अनंत चतुर्दशी का दिन भगवान श्री गणेश के भक्तों के लिए आस्था, उमंग और भावुकता का संगम होता है। पूरे 10 दिनों तक घर और पंडालों में विधि-विधान से विराजने के बाद इस पावन तिथि पर बप्पा को विदाई दी जाती है। ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारों …

Read More »

24 सितंबर को गुरु प्रदोष व्रत का दुर्लभ संयोग: पढ़ें ब्राह्मणी और राजकुमार से जुड़ी पावन कथा, दूर होंगे दरिद्रता और संकट

हिंदू धर्म में त्रयोदशी तिथि का व्रत यानी प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की असीम कृपा प्राप्त करने के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। गुरुवार के दिन पड़ने के कारण इसे ‘गुरु प्रदोष व्रत’ कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुरुवार को पड़ने वाले प्रदोष व्रत की महिमा कई गुना बढ़ जाती है, क्योंकि इस दिन देवों …

Read More »

पितृ पक्ष कब से हो रहा शुरू? श्राद्ध के दिन भूलकर भी न बनाएं ये चीजें; जानें पितरों के भोजन में क्या बनाएं और क्या नहीं

सनातन परंपरा में पितृ पक्ष (महालय) की अवधि पूर्वजों के प्रति आभार, सम्मान और पिंडदान-तर्पण के लिए समर्पित सबसे पावन समय मानी जाती है। मान्यता है कि भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि से लेकर आश्विन मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या (सर्वपितृ अमावस्या) तक कुल 16 दिनों के लिए पितर सूक्ष्म रूप में अपने परिजनों के घर आते हैं। इस …

Read More »

पितृ पक्ष में क्या करें और क्या न करें: तर्पण और श्राद्ध की सही विधि से लेकर पंचबलि भोग तक

सनातन धर्म में भाद्रपद मास की पूर्णिमा से लेकर आश्विन मास की सर्वपितृ अमावस्या तक के 16 दिनों की अवधि को पितृ पक्ष (श्राद्ध पक्ष) के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन 16 दिनों में पितृलोक से हमारे पूर्वज (पितर) सूक्ष्म रूप में धरती पर आते हैं और अपने वंशजों के श्रद्धा भाव, तर्पण व पिंडदान …

Read More »

घर में फेंगशुई कछुआ रखते ही मिलने लगते हैं ये 3 चमत्कारिक शुभ संकेत, बस जान लें इसे रखने की सही दिशा और नियम

वास्तु शास्त्र और चीनी फेंगशुई में कछुए को सकारात्मक ऊर्जा, स्थिरता, दीर्घायु और अपार धन-समृद्धि का सबसे शक्तिशाली प्रतीक माना गया है। सनातन परंपरा में भी कछुए को भगवान विष्णु के ‘कूर्म अवतार’ से जोड़ा जाता है, जिसका संबंध समुद्र मंथन के दौरान मां लक्ष्मी के प्राकट्य से है। अक्सर लोग घर या कार्यस्थल पर फेंगशुई कछुआ लाकर रख तो …

Read More »

आज से 3 राशियों का ‘गोल्डन पीरियड’ शुरू: शनि की राशि कुंभ में मिले चंद्रमा और राहु; पद-प्रतिष्ठा के साथ अचानक धन लाभ के प्रबल योग

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों के राशि परिवर्तन और युति का सीधा प्रभाव मानव जीवन और देश-दुनिया पर पड़ता है। इसी क्रम में आज आकाश मंडल में एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना घटित हुई है। कर्मफल दाता शनिदेव की मूल त्रिकोण राशि कुंभ में मन के कारक चंद्रमा और छाया ग्रह राहु का मिलन (युति) हो गया है। ज्योतिषीय दृष्टिकोण …

Read More »

पितृपक्ष का पहला दिन कब है और कब होंगे समाप्त? जान लें भाद्रपद पूर्णिमा से सर्वपितृ अमावस्या तक की सभी श्राद्ध तिथियां और जरूरी नियम

सनातन धर्म में माता-पिता और पूर्वजों के प्रति आदर, सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने के लिए ‘पितृपक्ष’ यानी महालय श्राद्ध को सर्वश्रेष्ठ और सर्वाधिक पुण्यदायी काल माना गया है। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि से आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि तक चलने वाले इस 16 दिवसीय कालखंड में हमारे पूर्वज सूक्ष्म रूप में पृथ्वी …

Read More »

परिवर्तिनी एकादशी या डोल ग्यारस पर किसकी करें पूजा? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पारण समय और भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ा यह खास संबंध

सनातन पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत कल्याणकारी और मोक्षदायिनी माना गया है। इस पावन तिथि को पूरे देश में विभिन्न नामों से जाना जाता है। उत्तर भारत और विशेष रूप से राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात व ब्रज क्षेत्र में इसे ‘डोल ग्यारस’ और ‘जलझूलनी एकादशी’ के नाम से हर्षोल्लास …

Read More »