CM योगी ने स्कूल प्रबंधकों और दलालों को दी सख्त चेतावनी, कहा- जॉइनिंग में लेनदेन हुआ तो होगी जेल

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मंगलवार को आयोजित भव्य नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बेहद आक्रामक और सख्त तेवर देखने को मिला। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा पारदर्शी प्रक्रिया के तहत चयनित 3,567 प्रधानाचार्यों, प्रधानाध्यापकों, प्रवक्ताओं (PGT) और सहायक अध्यापकों (TGT) को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए सीएम योगी ने मंच से सीधी चेतावनी जारी की। उन्होंने अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों के प्रबंधकों, बिचौलियों और तंत्र में बैठे अधिकारियों को सख्त लहजे में आगाह किया कि नियुक्ति पत्र मिलने के बाद यदि किसी भी शिक्षक से कार्यभार ग्रहण कराने (Joining) के नाम पर एक भी रुपया मांगा गया, तो घूस मांगने वाले को सीधे जेल की सलाखों के पीछे सड़ना पड़ेगा।

स्कूल प्रबंधकों और बिचौलियों को खुली चेतावनी: जॉइनिंग में बाधा डाली तो खैर नहीं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि नियुक्ति पाने वाले किसी भी अभ्यर्थी को विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करते समय किसी तरह की असुविधा या मानसिक प्रताड़ना का सामना नहीं करना पड़ना चाहिए। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन समितियों और प्रबंधकों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि यदि किसी प्रबंधक की कोई जिज्ञासा, आपत्ति या शंका है, तो वह सीधे शासन के समक्ष अपनी बात रखे। लेकिन नियुक्ति पत्र हाथ में आने के बाद यदि किसी ने प्रधानाचार्य, प्रवक्ता या शिक्षक से पैसे अथवा किसी प्रकार के अनुचित लेनदेन की बात की, तो सरकार उसके खिलाफ बेहद कठोर दंडात्मक कदम उठाएगी और दोषी को जेल में सड़ना होगा। सीएम ने कहा कि सरकार की स्पष्ट नीति है कि भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस लागू रहेगा और किसी भी मेहनती युवा के अधिकार पर डाका नहीं पड़ने दिया जाएगा।

2015-16 के घूसकांड का किया जिक्र: ‘खेत बेचकर 8 लाख जुटाए, फिर भी नहीं मिली थी नौकरी’

पूर्ववर्ती सरकारों की भर्ती प्रणाली पर तीखा हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में नियुक्ति पाने वाले एक अभ्यर्थी के दर्दनाक अनुभव को साझा किया। उन्होंने बताया कि एक नौजवान की आंखों में आंसू थे, जिसने बयां किया कि वर्ष 2015-16 में भी उसने इसी पद के लिए आवेदन किया था। उस समय उस पद के बदले उससे 8 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। उस अभ्यर्थी ने अपनी जमीन और खेत बेचकर पैसों का इंतजाम किया, लेकिन जब तक वह रकम लेकर पहुंचा, तब तक उससे ज्यादा घूस देने वाला दूसरा व्यक्ति सामने आ गया और उस गरीब युवा को नौकरी से वंचित कर दिया गया! सीएम ने कहा कि हमारी सरकार ने उस पूरी धांधली वाली प्रक्रिया को निरस्त किया और आज उसी अभ्यर्थी को पूरी ईमानदारी व मेरिट के आधार पर बिना एक रुपया खर्च किए उसका हक मिला है।

‘सैफई सिंडिकेट’ और नकल माफिया पर बरसे सीएम योगी, शिवपाल यादव पर कसा तंज

सीएम योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और पूर्ववर्ती तंत्र पर सीधा सियासी प्रहार करते हुए कहा कि पहले आयोगों और बोर्डों में नकल माफिया और ‘सैफई सिंडिकेट’ का कब्जा था, जहां परीक्षा कोई और देता था और नियुक्ति पत्र किसी दूसरे की जेब में चला जाता था। उन्होंने कहा कि इसीलिए उत्तर प्रदेश पुलिस के ईमानदार और तेजतर्रार अधिकारियों को शिक्षा सेवा चयन आयोग का अध्यक्ष बनाकर भेजा गया है, ताकि माफियाओं की कमर तोड़ी जा सके। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बयानों पर तंज कसते हुए सीएम ने कहा कि यह इस हफ्ते का तीसरा बड़ा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम है। पिछले एक सप्ताह में 5,297 युवाओं को और पिछले 9 वर्षों में साढ़े नौ लाख युवाओं को निष्पक्ष सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। सीएम ने चुटकी लेते हुए कहा कि हम नौकरियां देते जा रहे हैं और विपक्षी दल गिनते जाएं, और यदि उन्हें गिनती में कोई परेशानी हो तो वे अपने चाचा शिवपाल जी के सानिध्य में बैठ जाएं, वे बहुत अच्छी गिनती सिखा देंगे।

अगले 6 महीनों में 1 लाख और सरकारी नौकरियों का ऐलान

मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि मिशन रोजगार के तहत आगामी छह महीनों के भीतर राज्य सरकार एक लाख और युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां देने जा रही है। उन्होंने कहा कि जो उत्तर प्रदेश नौ साल पहले ‘बीमारू’ राज्य कहलाता था और राष्ट्रीय पायदान पर नीचे के 5 राज्यों में शुमार था, वह आज देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनकर टॉप-3 राज्यों में आ चुका है। राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय तीन गुना बढ़ चुकी है। सीएम ने नवनियुक्त शिक्षकों से आह्वान किया कि वे कक्षाओं में छात्रों की जिज्ञासा को बढ़ाएं और उन्हें केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और राष्ट्र सेवा के मूल्यों से जोड़ें।

Check Also

बीसी सखियों को उप मुख्यमंत्री ने दिया आश्वासन, प्रमुख सचिव को नियमानुसार कार्यवाही के निर्देश

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बीसी सखियों के प्रतिनिधिमंडल से की मुलाकात कर आश्वस्त किया …