गोरखपुर की सड़कों पर हाथों में तिरंगा थामे पैदल निकलेंगे सीएम योगी, 2.5 किलोमीटर की पदयात्रा में 16 जगहों पर होगा भव्य स्वागत; जानें ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री के इस ऐतिहासिक रूट की पूरी रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ स्वाधीनता दिवस के अवसर पर अपने गृह जनपद गोरखपुर की सड़कों पर राष्ट्रभक्ति का एक अनूठा और ऐतिहासिक अध्याय लिखने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर शुरू किए गए ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को जन-जन तक पहुँचाने और राष्ट्रीय चेतना का अलख जगाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं मैदान में उतर रहे हैं। वे गोरखपुर के प्रमुख व्यावसायिक व सांस्कृतिक मार्गों पर करीब ढाई (2.5) किलोमीटर तक हाथों में आन-बान-शान का प्रतीक राष्ट्रीय ध्वज ‘तिरंगा’ थामकर पैदल यात्रा करेंगे। किसी मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं आम नागरिकों के बीच उतरकर इतनी लंबी दूरी तक पैदल तिरंगा यात्रा निकालने का यह अपने आप में एक अभूतपूर्व और प्रेरणादायी आयोजन होगा। मुख्यमंत्री की इस पैदल यात्रा को लेकर पूरे अवध और पूर्वांचल क्षेत्र में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। गोरखपुर शहर को पूरी तरह से दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है, जहाँ हर गली, चौराहा और इमारत तीन रंगों से सराबोर नज़र आ रही है।

इन 16 प्रमुख चौराहों और मंचों पर होगा मुख्यमंत्री का भव्य नागरिक अभिनंदन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस 2.5 किलोमीटर लंबी पैदल तिरंगा यात्रा के स्वागत के लिए स्थानीय निवासियों, सामाजिक संगठनों, व्यापारिक मंडलों और मातृशक्ति द्वारा व्यापक तैयारियाँ की गई हैं। निर्धारित यात्रा मार्ग पर कुल 16 प्रमुख स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहाँ मुख्यमंत्री और उनके साथ चल रहे जनसैलाब का भव्य अभिनंदन किया जाएगा। इन 16 स्वागत स्थलों पर विशाल मंच बनाए जा रहे हैं, जहाँ से संत-महात्मा, प्रबुद्ध नागरिक, महिलाएँ और बच्चे मुख्यमंत्री पर पुष्प वर्षा करेंगे। इसके अलावा, ढोल-नगाड़ों, डमरू दलों और पीएसी (PAC) के संगीतमय बैंड की स्वर लहरियों के साथ देशभक्ति गीतों की गूंज से संपूर्ण वातावरण गुंजायमान रहेगा। कई स्थानों पर स्कूली बच्चों द्वारा भारत की सांस्कृतिक विविधता और स्वाधीनता संग्राम के नायकों पर आधारित सजीव झांकियाँ (Tableaux) भी प्रस्तुत की जाएँगी। व्यापार मण्डलों ने यात्रा मार्ग की दुकानों को तिरंगे से सजाने और जगह-जगह श्रद्धालुओं व पदयात्रियों के लिए शीतल पेयजल तथा जलपान के व्यापक प्रबंध किए हैं।

‘हर घर तिरंगा’ अभियान और युवाओं में उमड़ता अभूतपूर्व राष्ट्रीय चेतना का ज्वार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस पदयात्रा में सबसे बड़ी आकर्षण का केंद्र गोरखपुर और आसपास के जिलों से जुटने वाला युवाओं का विशाल हुजूम होगा। मुख्यमंत्री के पीछे-पीछे हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएँ, एनसीसी (NCC) कैडेट्स, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के स्वयंसेवक, स्काउट्स एंड गाइड्स, खेल जगत से जुड़े युवा और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग कदमताल करते हुए चलेंगे। युवाओं में इस आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारों से गूंजती इस यात्रा के माध्यम से मुख्यमंत्री प्रदेश के युवाओं को ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ने का काम करेंगे। मुख्यमंत्री का यह संदेश रहेगा कि देश का प्रत्येक नागरिक जब अपने-अपने क्षेत्रों में ईमानदारी से नागरिक कर्तव्यों का पालन करेगा, तभी भारत दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति के रूप में स्थापित होगा। युवाओं की यह विशाल भागीदारी यह साबित करती है कि ‘हर घर तिरंगा’ अब केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि देश के जन-मन का एक पवित्र राष्ट्रीय उत्सव बन चुका है।

सुरक्षा व्यवस्था का अभेद्य चक्र, ड्रोन कैमरों से लेकर कड़े यातायात डायवर्जन के इंतजाम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 2.5 किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा को सकुशल और निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए गोरखपुर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा का अभेद्य खाका तैयार किया है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरे यात्रा मार्ग को कई जोनों और सेक्टरों में विभाजित किया गया है। हर सेक्टर की कमान वरिष्ठ आईपीएस (IPS) और पीपीएस (PPS) अधिकारियों को सौंपी गई है। सुरक्षा व्यवस्था में एटीएस (ATS) के ब्लैक कैट कमांडो, आरएएफ (RAF), पीएसी (PAC) की कई कंपनियां और सैकड़ों सिविल पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पूरी यात्रा के दौरान मार्ग और बहुमंजिला इमारतों की छतों से हाई-रिज़ॉल्यूशन ड्रोन कैमरों तथा सीसीटीवी (CCTV) नेटवर्क के जरिए चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी। इसके साथ ही, आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए यातायात पुलिस ने विस्तृत ट्रैफिक डायवर्जन प्लान जारी किया है। भारी वाहनों को शहर की सीमाओं पर ही रोक दिया जाएगा और वैकल्पिक मार्गों से उनका संचालन कराया जाएगा, जिससे एम्बुलेंस व आपातकालीन सेवाओं को निर्बाध रास्ता मिल सके।

पूर्वांचल की पावन धरा पर राष्ट्रभक्ति का अलौकिक दृश्य और गोरखपुर का सांस्कृतिक जुड़ाव

भौगोलिक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से गोरखपुर का स्वतंत्रता संग्राम में एक गौरवशाली और अविस्मरणीय इतिहास रहा है। 1922 की ऐतिहासिक ‘चौरी-चौरा क्रांति’ से लेकर महान क्रांतिकारी अमर शहीद पंडित राम प्रसाद बिस्मिल की शहादत स्थली तक, गोरखपुर की माटी ने राष्ट्र की वेदी पर अपने अनेक सपूतों का बलिदान देखा है। ऐसे ऐतिहासिक पृष्ठभूमि वाले नगर में गोरक्षपीठ के अध्यक्ष और प्रदेश के मुख्यमंत्री का स्वयं सड़कों पर तिरंगा लेकर निकलना इस सांस्कृतिक और क्रांतिकारी धरोहर को एक नया सम्मान प्रदान करता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस पहल से न केवल गोरक्षनगरी की छवि राष्ट्रीय पटल पर एक ऊर्जावान केंद्र के रूप में उभरेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के मन में भी राष्ट्रप्रेम और स्वदेशी की भावना अधिक प्रगाढ़ होगी। यह आयोजन पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक राष्ट्रीय समरसता और अखंडता का अनुपम उदाहरण बनने जा रहा है।

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