‘चुनावी फायदे के लिए विशेष सत्र’: बंगाल-तमिलनाडु चुनाव के बीच संसद बुलाने पर कांग्रेस का केंद्र पर तीखा हमला

नई दिल्ली, 3 अप्रैल 2026: केंद्र सरकार द्वारा 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने के फैसले ने देश की सियासत में उबाल ला दिया है। कांग्रेस ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह सत्र केवल पांच राज्यों (विशेषकर पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु) में होने वाले विधानसभा चुनावों में चुनावी लाभ लेने और मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए बुलाया गया है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इसे ‘आचार संहिता का सीधा उल्लंघन’ करार दिया है।


कांग्रेस के मुख्य आरोप: ‘क्रेडिट लेने की राजनीति’

जयराम रमेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सरकार की मंशा पर कई सवाल उठाए:

  1. चुनावी टाइमिंग: पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है, जबकि तमिलनाडु में भी 23 अप्रैल को चुनाव हैं। कांग्रेस का कहना है कि मतदान से ठीक पहले विशेष सत्र बुलाकर प्रधानमंत्री मोदी महिला आरक्षण (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) पर बड़ी घोषणा कर श्रेय लेना चाहते हैं।

  2. सर्वदलीय बैठक की अनदेखी: जयराम रमेश के अनुसार, मल्लिकार्जुन खरगे ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू को पत्र लिखकर सुझाव दिया था कि 29 अप्रैल (चुनाव खत्म होने के बाद) सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए। लेकिन सरकार ने विपक्ष की मांग को दरकिनार कर एकतरफा फैसला लिया।

  3. परिसीमन का ‘खतरनाक’ खेल: कांग्रेस ने दावा किया कि इस सत्र में सरकार परिसीमन (Delimitation) को लेकर भी बड़ा फैसला ले सकती है। रमेश ने कहा कि यदि लोकसभा सीटों में 50% की समानुपातिक वृद्धि की गई, तो दक्षिण, पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत के छोटे राज्यों को भारी नुकसान होगा।


महिला आरक्षण पर 30 महीने बाद क्यों जागी सरकार?

कांग्रेस ने याद दिलाया कि 2023 में जब महिला आरक्षण विधेयक पारित हुआ था, तब कहा गया था कि यह जनगणना और परिसीमन के बाद लागू होगा।

  • सवाल: जयराम रमेश ने पूछा कि पिछले 30 महीनों से सरकार क्यों सो रही थी? अब अचानक चुनाव के बीच इसे 2029 से लागू करने का क्रेडिट लेने की कोशिश क्यों की जा रही है?

  • जनगणना का तर्क: सरकार का तर्क है कि जनगणना में समय लगेगा, लेकिन कांग्रेस ने जनगणना आयुक्त के हवाले से कहा कि 2027 तक आंकड़े आ सकते हैं, तो फिर इतनी जल्दबाजी क्यों?


विपक्ष की एकजुटता और अगली रणनीति

जयराम रमेश ने स्पष्ट किया कि इस विशेष सत्र के विरोध में विपक्ष पूरी तरह एकजुट है।

  • आगामी बैठक: कांग्रेस जल्द ही अपने वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाएगी, जिसके बाद ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के अन्य विपक्षी दलों के साथ साझा रणनीति तैयार की जाएगी।

  • लोकतंत्र पर हमला: कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनाव ‘चुराने’ की कोशिश की जा रही है और प्रशासन का दुरुपयोग हो रहा है।

पृष्ठभूमि: संसद का बजट सत्र जो 2 अप्रैल को समाप्त होना था, उसे महिला आरक्षण और अन्य महत्वपूर्ण संशोधनों के लिए बढ़ाकर अब 16-18 अप्रैल तक कर दिया गया है।

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