कई बार देखने में आता है कि कोई दुकान या ऑफिस शुरुआत में बहुत शानदार मुनाफा कमा रहा होता है, लेकिन अचानक ही ग्राहकों की लाइन गायब हो जाती है। घाटा बढ़ने लगता है, जमा-पूंजी खत्म होने लगती है और कर्ज का बोझ सिर पर आ जाता है। जब हर स्ट्रेटेजी और मेहनत फेल होने लगे, तो ज्योतिष और वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) के अनुसार इसका एक बड़ा कारण ‘बुरी नजर’ या व्यापार स्थल पर फैली ‘नकारात्मक ऊर्जा’ हो सकती है। व्यापार में आपकी तरक्की और सफलता को देखकर लोगों की ईर्ष्या और नकारात्मक सोच आपके ‘बिजनेस एनर्जी फील्ड’ को प्रभावित कर देती है। अगर आपका काम-धंधा भी किसी की नजर का शिकार हो गया है, तो घबराने के बजाय इन बेहद आसान और असरदार उपायों को आजमाएं।
मुख्य द्वार पर पानी का बर्तन: हर नकारात्मकता को सोख लेगा यह टोटका
जब भी आप सुबह अपने घर से दुकान, शोरूम या ऑफिस के लिए निकलें, तो घर के मुख्य द्वार (Main Gate) के ठीक बाहर एक साफ पात्र या लोटे में थोड़ा सा पानी भरकर रख दें। वास्तु विज्ञान के अनुसार, जल में नकारात्मक तरंगों को अपने भीतर समाहित करने की गजब की क्षमता होती है। घर से निकलने के बाद इस पानी को किसी पेड़ की जड़ में या घर से थोड़ी दूर ले जाकर डाल दें। यह छोटा सा प्रयोग आपके रास्ते की अदृश्य बाधाओं और नजर दोष को आपके साथ बिजनेस प्लेस तक नहीं पहुंचने देता।
कपूर और 9 लौंग का धुआं: ग्राहकों को करेगा आकर्षित
दुकान या ऑफिस पहुंचते ही सबसे पहले साफ-सफाई करें और फिर एक मिट्टी या धातु के बर्तन में थोड़ा सा कपूर और 9 साबुत लौंग (फूल वाली लौंग) रखकर जलाएं। इसके पवित्र धुएं को अपनी पूरी दुकान के हर कोने और लॉकर/कैश बॉक्स के आसपास घुमाएं। कपूर और लौंग का यह कॉम्बिनेशन न केवल वहां मौजूद बुरी शक्तियों और वास्तु दोष को नष्ट करता है, बल्कि वातावरण में ऐसी सकारात्मकता लाता है जिससे ग्राहक आपकी दुकान की तरफ खींचे चले आते हैं। इस उपाय को हफ्ते में कम से कम तीन दिन जरूर दोहराएं।
हनुमान चालीसा का कवच: संकटों से मिलेगी परमानेंट मुक्ति
महाबली हनुमान को संकटमोचक कहा गया है। यदि आपको लगता है कि किसी प्रतिद्वंदी (कंपटीटर) ने आपके काम पर कुछ करवा दिया है या भयंकर नजर लगी है, तो रोज सुबह दुकान खोलकर गद्दी पर बैठने से पहले हनुमान चालीसा का पाठ अनिवार्य रूप से करें। हनुमान जी की भक्ति का यह सुरक्षा कवच आपके बिजनेस को हर तरह की बुरी नजर, तंत्र-मंत्र और ईर्ष्या की भावनाओं से सुरक्षित रखता है। इससे बिजनेस में स्थिरता आती है और सही निर्णय लेने का आत्मविश्वास बढ़ता है।
नींबू-मिर्च और कोयले की पारंपरिक लड़ी: बुरी नजर का अचूक तोड़
यह सदियों पुराना और सबसे भरोसेमंद पारंपरिक उपाय है जिसे आज भी बड़े से बड़े सफल कॉरपोरेट घरानों और व्यापारियों द्वारा अपनाया जाता है। अपनी दुकान के शटर या मुख्य प्रवेश द्वार के बीचों-बीच 1 नींबू, 7 हरी मिर्च और कोयले का एक छोटा टुकड़ा काले धागे में पिरोकर लटकाएं। जब यह लड़ी सूख जाए (आमतौर पर हर शनिवार को), तो इसे बदलकर नई लड़ी लगा दें। कोयला और नींबू-मिर्च सामने से आने वाली किसी भी व्यक्ति की तीखी और नकारात्मक दृष्टि को तुरंत सोख लेते हैं, जिससे दुकान के अंदर का माहौल सुरक्षित रहता है।
उत्तर-पूर्व दिशा की सफाई और सकारात्मक रंग
वास्तु शास्त्र में उत्तर-पूर्व (North-East) यानी ईशान कोण को देवताओं और धन के आगमन की दिशा माना गया है। इस कोने को हमेशा पूरी तरह खाली, हल्का और कांच की तरह साफ रखें। यहां भूलकर भी कबाड़, भारी सामान या डस्टबिन न रखें, वरना भारी वित्तीय नुकसान झेलना पड़ सकता है। इसके अलावा, अपने कार्यस्थल की दीवारों पर हमेशा हल्के पीले, क्रीम या सफेद रंग का इस्तेमाल करें। ये रंग सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) के स्तर को बढ़ाते हैं और आपके ग्राहकों के मूड को भी खुशहाल बनाते हैं।
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