
गर्भधारण (Pregnancy) की कोशिश कर रहे कपल्स के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या खानपान का सीधा असर फर्टिलिटी पर पड़ता है? हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सिर्फ डाइट के भरोसे प्रेगनेंसी की गारंटी नहीं ली जा सकती, लेकिन एक सही और संतुलित आहार शरीर को गर्भधारण के लिए तैयार करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाता है।
हालिया मेडिकल रिसर्च और आधुनिक न्यूट्रिशन साइंस के अनुसार, पौष्टिक भोजन शरीर में हार्मोनल संतुलन (Hormonal Balance) बनाए रखने, ओव्यूलेशन को सपोर्ट करने और एग व स्पर्म की क्वालिटी को बेहतर बनाने में मददगार है। अगर आप भी पेरेंट्स बनने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो अपनी डेली डाइट में इन चीजों को तुरंत शामिल करें।
1. हरी पत्तेदार सब्जियां: फोलेट का पावरहाउस
पालक, मेथी, केल और चौलाई जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां फर्टिलिटी बूस्ट करने का सबसे बेहतरीन जरिया हैं। इनमें भरपूर मात्रा में ‘फोलेट’ (विटामिन B9) पाया जाता है, जो हेल्दी एग्स के विकास और प्रेगनेंसी के शुरुआती हफ्तों के लिए बेहद जरूरी है। इसके अलावा, इनमें मौजूद आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स हार्मोन्स को रेगुलेट करते हैं।
2. साबुत अनाज: PCOS और पीरियड्स की समस्या में वरदान
ब्राउन राइस, ओट्स, क्विनोआ और मिलेट्स (बाजरा, रागी) जैसे साबुत अनाज शरीर में ब्लड शुगर और इंसुलिन के स्तर को मेंटेन रखते हैं। खासकर PCOS या अनियमित पीरियड्स (Irregular Periods) से जूझ रही महिलाओं के लिए रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट (जैसे मैदा या सफेद चावल) की जगह साबुत अनाज खाना सबसे बेस्ट ऑप्शन है।
3. बेरीज और खट्टे फल: ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाव
स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, संतरा, कीवी और अनार विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट्स से लोडेड होते हैं। ये तत्व एग्स और स्पर्म को डैमेज होने से बचाते हैं। विशेष रूप से अनार का सेवन गर्भाशय (Uterus) में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है, जिससे एंब्रियो इंप्लांटेशन (भ्रूण के ठहरने) की संभावना बढ़ जाती है।
4. फैटी फिश: ओमेगा-3 का बेहतरीन सोर्स
सैल्मन और सार्डिन जैसी मछलियां ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होती हैं। यह हेल्दी फैट शरीर की सूजन (Inflammation) को कम करता है और प्रजनन अंगों तक रक्त प्रवाह बढ़ाता है। पुरुषों में यह स्पर्म काउंट और मॉर्फोलॉजी को सुधारता है, तो वहीं महिलाओं में ओव्यूलेशन प्रोसेस को स्मूथ बनाता है।
5. नट्स और सीड्स: जिंक और सेलेनियम का खजाना
अखरोट, बादाम, अलसी (Flaxseeds), कद्दू के बीज (Pumpkin Seeds) और सूरजमुखी के बीज फर्टिलिटी बढ़ाने वाले मिनरल्स जैसे जिंक और सेलेनियम के मुख्य स्रोत हैं। वैज्ञानिक अध्ययनों में यह साबित हो चुका है कि मुट्ठी भर अखरोट का नियमित सेवन पुरुषों में स्पर्म मोटिलिटी और क्वालिटी को काफी हद तक सुधार देता है।
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