ईरान-अमेरिका युद्ध: ‘स्कूल पर हमला कोई गलती नहीं, यह युद्ध अपराध है’, ईरानी विदेश मंत्री ने अमेरिका और इस्राइल को घेरा

तेहरान: ईरान और अमेरिका के बीच जारी भीषण संघर्ष को आज एक महीना पूरा हो गया है। इस अवसर पर ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) को भेजे एक कड़े वीडियो संदेश में अमेरिका और इस्राइल पर तीखा हमला बोला है। अराघची ने 28 फरवरी को मिनाब शहर के एक प्राथमिक विद्यालय पर हुए हमले को ‘सुनियोजित’ बताते हुए इसे मानवता के खिलाफ अपराध और ‘युद्ध अपराध’ करार दिया है।

175 छात्रों और शिक्षकों की मौत: ‘सुनियोजित था हमला’

ईरानी विदेश मंत्री ने अपने संबोधन में ‘शजराह तैय्येबह’ प्राथमिक स्कूल की घटना का जिक्र किया, जिसमें 175 से अधिक मासूम छात्रों और शिक्षकों की जान चली गई थी। अराघची ने अमेरिका और इस्राइल की अत्याधुनिक तकनीक पर सवाल उठाते हुए कहा, “जब ये देश दुनिया की सबसे उन्नत तकनीक होने का दावा करते हैं, तो कोई यह कैसे मान सकता है कि एक स्कूल पर हुआ हमला जानबूझकर नहीं किया गया था? यह कोई ‘हादसा’ या ‘तकनीकी गलती’ नहीं थी, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था।”

‘अमेरिकी बयानों से नहीं छिपेंगे अपराध’

अराघची ने अमेरिका द्वारा दिए जा रहे विरोधाभासी बयानों की आलोचना करते हुए कहा कि वाशिंगटन अपनी जिम्मेदारी से भागने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह के अत्याचार को न तो उचित ठहराया जा सकता है और न ही इस पर दुनिया को चुप रहना चाहिए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आह्वान किया कि इस क्रूरता की निंदा की जाए और दोषियों को सजा दी जाए। ईरानी अधिकारी ने अमेरिका के मौजूदा रुख की तुलना वियतनाम युद्ध के दौरान की गई गलतियों से भी की।

युद्ध का एक महीना: क्या थी मिनाब की घटना?

गौरतलब है कि 28 फरवरी 2026 को युद्ध के पहले ही दिन दक्षिण ईरान के मिनाब में स्थित शजराह तैय्यबेह प्राथमिक विद्यालय पर एक अमेरिकी ‘टोमहॉक क्रूज मिसाइल’ गिरी थी। इस हमले ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया था। आज 27 मार्च को जब इस संघर्ष को एक महीना बीत चुका है, ईरान इस मुद्दे को वैश्विक मंच पर उठाकर अमेरिका और उसके सहयोगियों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। ईरान का दावा है कि अब तक 80,000 से अधिक नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया जा चुका है।

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