नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने पत्रकार राणा अय्यूब द्वारा हिंदू देवी-देवताओं और सावरकर को लेकर किए गए पुराने ट्वीट्स पर कड़ी आपत्ति जताई है। बुधवार (8 अप्रैल 2026) को मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने इन पोस्ट्स को ‘बेहद अपमानजनक, भड़काऊ और सांप्रदायिक’ करार दिया। जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव की पीठ ने इस मामले में दिल्ली पुलिस और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) को तत्काल कार्रवाई करने और अगली सुनवाई तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
हाई कोर्ट ने क्यों जताई नाराजगी?
अदालत वकील अमिता सचदेवा की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिन्होंने आरोप लगाया है कि राणा अय्यूब ने 2013 से 2017 के बीच कई ऐसे ट्वीट किए जिनसे हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची और समाज में सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने की कोशिश की गई।
सुनवाई के दौरान जस्टिस कौरव ने कहा कि इस मामले पर तुरंत विचार करने की जरूरत है क्योंकि ट्वीट की सामग्री पहली नजर में बेहद आपत्तिजनक है। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को आदेश दिया कि वे ‘X’ कॉर्प के साथ समन्वय कर आवश्यक निर्देश दें और इस मामले में अपनी रिपोर्ट पेश करें। मामले की अगली सुनवाई 10 अप्रैल को तय की गई है।
क्या थे वो विवादित ट्वीट्स?
याचिका में राणा अय्यूब के छह प्रमुख ट्वीट्स का जिक्र किया गया है, जो अब विवादों के केंद्र में हैं:
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रामायण पर टिप्पणी: 2013 के एक ट्वीट में लिखा गया था कि “रावण ने सीता को छुआ तक नहीं, जबकि राम उनके लिए खड़े नहीं हुए। रावण 1, राम 0।”
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सावरकर पर आरोप: 2015 में किए गए ट्वीट्स में अय्यूब ने वीर सावरकर पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें ‘आतंकवादी समर्थक’ बताया था और दावा किया था कि उन्होंने हिंदुत्व के नाम पर हिंसा की वकालत की थी।
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भारतीय सेना पर सवाल: 2016 में एक घायल बच्चे की तस्वीर साझा करते हुए अय्यूब ने भारतीय सेना की भूमिका पर भी तंज कसा था।
निचली अदालत के आदेश पर पहले ही हो चुकी है FIR
इससे पहले, याचिकाकर्ता अमिता सचदेवा ने साकेत कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। ट्रायल कोर्ट के आदेश पर दिल्ली पुलिस ने इस मामले में पहले ही प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली थी। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने पूर्व में कोर्ट को बताया था कि विवादित ट्वीट अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं हैं। अब हाई कोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और केंद्र सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है।
कौन हैं राणा अय्यूब?
राणा अय्यूब एक स्वतंत्र खोजी पत्रकार हैं और ‘गुजरात फाइल्स’ किताब की लेखिका हैं। वह अक्सर मोदी सरकार की मुखर आलोचक के रूप में चर्चा में रहती हैं। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी उन पर चैरिटी के नाम पर जुटाए गए फंड के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए जांच कर चुका है। ताजा मामले में अब हाई कोर्ट की सख्ती ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
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