शनि दोष से थमी जिंदगी पकड़ेगी रफ्तार! शनिवार को कर लें ये 4 असरदार उपाय, टल जाएगा हर बड़ा संकट

नई दिल्ली । हिंदू धर्म में शनि देव को न्याय का देवता और कर्मफल दाता माना जाता है। वे मनुष्य को उसके अच्छे-बुरे कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। यही वजह है कि जब किसी जातक की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि दोष शुरू होता है, तो उसके जीवन में अचानक परेशानियां, आर्थिक तंगी, शारीरिक कष्ट और मानसिक तनाव बढ़ जाता है।

लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि देव केवल दंड ही नहीं देते, बल्कि सही नियम और निष्ठा से किए गए उपायों से वे अति शीघ्र प्रसन्न भी हो जाते हैं। शनिवार का दिन शनि महाराज को ही समर्पित है। इस दिन कुछ विशेष और आसान उपाय करने से शनि देव का प्रकोप शांत होता है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। आइए जानते हैं शनिवार के उन 4 अचूक उपायों के बारे में जो आपकी किस्मत बदल सकते हैं।

1. पीपल के पेड़ के नीचे दीपदान और परिक्रमा

शनिवार की शाम को सूर्यास्त के बाद पीपल के पेड़ के पास जाना बेहद शुभ फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पीपल के वृक्ष में शनि देव का वास होता है।

  • विधि: शनिवार की शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का एक चौमुखा दीपक जलाएं। दीपक जलाते समय मन ही मन ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जाप करते रहें। इसके बाद पीपल के वृक्ष की सात बार परिक्रमा करें। यह उपाय कुंडली के बड़े से बड़े शनि दोष को शांत करने की क्षमता रखता है।

2. ‘छाया दान’ से दूर होगी शरीर की नकारात्मकता

यदि आप लगातार बीमारियों से घिरे हैं या धन की भारी कमी का सामना कर रहे हैं, तो शनिवार को ‘छाया दान’ जरूर करें। ज्योतिष में इसे एक अचूक और बेहद शक्तिशाली टोटका माना गया है।

  • विधि: शनिवार की सुबह एक लोहे या मिट्टी के कटोरे में सरसों का तेल भरें। अब उस तेल में अपना चेहरा (प्रतिबिंब) अच्छी तरह देखें। चेहरा देखने के बाद उस तेल को और कटोरे को किसी डाकौत (शनि का दान लेने वाले) या जरूरतमंद गरीब को दान कर दें, अथवा शनि मंदिर में रख आएं। माना जाता है कि इस उपाय से शरीर की समस्त बलाएं और नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है।

3. संकटमोचन हनुमान जी की शरण में जाएं

पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब लंकापति रावण ने शनि देव को बंधक बना रखा था, तब हनुमान जी ने ही उन्हें रावण के चंगुल से मुक्त कराया था। उस समय शनि देव ने बजरंगबली को वचन दिया था कि जो भी भक्त हनुमान जी की आराधना करेगा, उसे शनि देव कभी कष्ट नहीं देंगे। इसलिए शनिवार के दिन हनुमान मंदिर जाकर हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ अवश्य करें। ऐसा करने से शनि की वक्र दृष्टि (टेढ़ी नजर) तुरंत शांत हो जाती है।

4. काले कुत्ते और कौवे को खिलाएं रोटी

शनि देव को बेजुबान पशु-पक्षियों की सेवा करने वाले लोग अत्यंत प्रिय हैं। शनिवार के दिन एक ताजी रोटी लें और उस पर सरसों का तेल लगाकर किसी काले कुत्ते को खिला दें। इसके साथ ही घर की छत पर कौवों के लिए सात प्रकार का अनाज (सप्तधान्य) डालें। इस उपाय को नियमित करने से राहु-केतु के साथ-साथ शनि जनित सभी बाधाएं और दुर्घटनाओं के योग टल जाते हैं।

शनिवार को दान करें ये चीजें, लेकिन इन कामों से बचें

शनि देव की कृपा पाने के लिए शनिवार के दिन काले तिल, काली उड़द की दाल, काला कंबल, छाता या जूते-चप्पल का दान किसी जरूरतमंद को करना चाहिए। इसके विपरीत, शनिवार के दिन भूलकर भी लोहा, नमक, सरसों का तेल, काली उड़द और लकड़ी खरीदकर घर न लाएं। इस दिन मांस-मदिरा जैसे तामसिक भोजन से पूरी तरह दूरी बनाकर रखने में ही भलाई है।

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