चेन्नई: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य में राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर है। 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) को सरकार बनाने का न्योता न मिलने से समर्थक आक्रोशित हैं। शुक्रवार को चेन्नई में राजभवन (लोक भवन) के बाहर टीवीके कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के खिलाफ नारेबाजी की।
राजभवन के बाहर भारी विरोध और पुलिसिया कार्रवाई
राज्यपाल द्वारा बहुमत साबित करने की शर्त रखे जाने से नाराज टीवीके समर्थक बड़ी संख्या में चेन्नई की सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि परंपरा के अनुसार सबसे बड़े दल के नेता होने के नाते विजय को तुरंत मुख्यमंत्री पद की शपथ के लिए आमंत्रित किया जाए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि विजय को अवसर नहीं दिया गया, तो राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा। हालांकि, स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर मौके से हटा दिया।
बहुमत का गणित: 6 सीटों की ‘जंग’
तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की आवश्यकता है। वर्तमान में टीवीके के पास 108 सीटें हैं और कांग्रेस के 5 विधायकों के समर्थन के साथ यह आंकड़ा 113 तक पहुंच गया है। सरकार बनाने के लिए पार्टी अभी भी 6 सीटों के जादुई आंकड़े से दूर है। इसी अंतर को आधार बनाकर राज्यपाल ने विजय से उन विधायकों की सूची मांगी है जो उनके दावे का समर्थन कर रहे हैं।
समर्थन के लिए CPI और VCK पर टिकी नजरें
बहुमत के संकट को दूर करने के लिए टीवीके ने गठबंधन की कवायद तेज कर दी है। पार्टी के संयुक्त महासचिव सीटीआर निर्मल कुमार ने भारतीय कम्युस्टि पार्टी (CPI) के नेताओं से मुलाकात की है। विधानसभा में CPI और VCK दोनों के पास 2-2 विधायक हैं। यदि ये दल समर्थन का एलान करते हैं, तो विजय बहुमत के बेहद करीब पहुंच जाएंगे। फिलहाल दोनों दलों ने आंतरिक बैठक के बाद फैसला लेने की बात कही है।
राजभवन बनाम विपक्ष: BJP पर बरसी कांग्रेस और TVK
इस राजनीतिक गतिरोध के बीच कांग्रेस और टीवीके ने राज्यपाल पर केंद्र की भाजपा सरकार के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस का कहना है कि सबसे बड़ी पार्टी को मौका न देना लोकतांत्रिक परंपराओं का उल्लंघन है। वहीं, AIADMK ने तंज कसते हुए कहा है कि राज्यपाल का काम बहुमत की पुष्टि करना है, और जब तक आंकड़े साफ नहीं होते, तब तक न्योता देना संवैधानिक रूप से सही नहीं होगा।
मंदिरों में प्रार्थनाओं का दौर
सियासी घमासान के बीच विजय के प्रति समर्थकों की दीवानगी भी देखने को मिल रही है। कुड्डालोर के प्रसिद्ध सलक्कराई मरियम्मन मंदिर में कार्यकर्ताओं ने विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठान किया। समर्थकों का मानना है कि ईश्वरीय आशीर्वाद से ही थलपति विजय तमिलनाडु के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे।
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