योगी सरकार की ‘सुपर कोचिंग’ का कमाल: UPSC में 6 होनहारों ने गाड़ा सफलता का झंडा, फ्री पढ़ाई से बने अफसर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना’ (Mukhyamantri Abhyuday Yojana) ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अगर प्रतिभा को सही मार्गदर्शन और संसाधन मिलें, तो आसमान छूना मुश्किल नहीं है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के ताजा नतीजों में यूपी सरकार की फ्री कोचिंग से पढ़ाई करने वाले 6 मेधावी छात्रों ने देश की सबसे प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित इन केंद्रों की इस उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि अब गरीबी किसी के आईएएस (IAS) बनने के सपने में बाधा नहीं बनेगी।

राजधानी के ‘भागीदारी भवन’ से निकले भविष्य के दो बड़े अधिकारी

इस बड़ी सफलता में लखनऊ के गोमती नगर स्थित ‘छत्रपति शाहू जी महाराज शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान’ (भागीदारी भवन) का विशेष योगदान रहा है। यहां की आवासीय कोचिंग से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले दो अभ्यर्थियों ने सीधे तौर पर मुख्य सूची में जगह बनाई है। विमल कुमार ने अखिल भारतीय स्तर पर 107वीं रैंक हासिल की है, वहीं विपिन देव यादव ने 316वीं रैंक पाकर यह साबित कर दिया कि सरकारी मार्गदर्शन में भी उच्च स्तर की तैयारी संभव है। इन छात्रों को यहां न केवल निशुल्क आवास और भोजन मिला, बल्कि वरिष्ठ आईएएस और पीसीएस अधिकारियों का सीधा मेंटरशिप भी प्राप्त हुआ।

मॉक इंटरव्यू प्रोग्राम ने भी रचा इतिहास, 4 और छात्र बने अफसर

सिर्फ मुख्य परीक्षाओं में ही नहीं, बल्कि ‘अभ्युदय योजना’ के अंतर्गत आयोजित मॉक इंटरव्यू सत्रों ने भी छात्रों की राह आसान की है। इस योजना के तहत इंटरव्यू की तैयारी करने वाली मानसी ने 444वीं रैंक हासिल की है। इसके अलावा महेश जायसवाल को 590वीं, अदिति सिंह को 859वीं और तनीषा सिंह को 930वीं रैंक मिली है। समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संकल्प है कि हर मेधावी युवा को, चाहे वह किसी भी आर्थिक पृष्ठभूमि से हो, गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन मिले।

हर जिले में मिल रहा है फ्री कोचिंग का लाभ

बता दें कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में नीट, जेईई, यूपीएससी और एनडीए जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है। भागीदारी भवन जैसे केंद्रों पर छात्रों को मुफ्त लाइब्रेरी, ऑनलाइन क्लासेज और स्टडी मटेरियल के साथ-साथ रहने की सुविधा भी दी जाती है। इस बार के परिणामों ने उन हजारों छात्रों में नया भरोसा जगाया है जो आर्थिक तंगी के चलते दिल्ली या प्रयागराज जैसे बड़े शहरों में मोटी फीस नहीं भर सकते थे। अब उत्तर प्रदेश का हर मेधावी छात्र ‘अभ्युदय’ के सारथी बनकर प्रशासनिक सेवा की ओर कदम बढ़ा रहा है।

 

Check Also

लखनऊ में रूह कंपा देने वाला तिहरा कांड: पति ने ICICI बैंक की रिलेशनशिप मैनेजर पत्नी और साली को मारी गोली, फिर खुद को उड़ाया

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में दिल दहला देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है, …