नई दिल्ली: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है, लेकिन वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की मोहिनी एकादशी को सभी एकादशियों में अत्यंत प्रभावशाली माना गया है। इस साल यह पावन व्रत 27 अप्रैल 2026, सोमवार को रखा जाएगा। मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान विष्णु ने असुरों का वध करने और देवताओं को अमृत पान कराने के लिए ‘मोहिनी’ का रूप धारण किया था। जो भक्त इस दिन विधि-विधान से व्रत रखते हैं, उनके जीवन के समस्त मोह-जाल और कष्ट कट जाते हैं।
मोहिनी एकादशी का धार्मिक महत्व
पौराणिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान जब अमृत निकला, तो असुर उसे छीनकर भागने लगे। तब भगवान विष्णु ने एक अति सुंदर स्त्री ‘मोहिनी’ का रूप धारण किया और अपनी माया से असुरों को मोहित कर लिया। उन्होंने सारा अमृत देवताओं को पिला दिया, जिससे देवता अमर हो गए। जिस दिन विष्णु जी ने यह रूप धरा था, वह वैशाख शुक्ल एकादशी थी। माना जाता है कि इस व्रत को करने से व्यक्ति को 1000 गायों के दान के समान पुण्य प्राप्त होता है।
व्रत रखने से क्या-क्या होते हैं फायदे?
मोहिनी एकादशी का व्रत केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि का मार्ग भी है:
-
पापों से मुक्ति: जाने-अनजाने में हुए पुराने पापों का नाश होता है।
-
मानसिक शांति: मोह-माया के बंधनों से मुक्ति मिलती है और मन शांत होता है।
-
सौभाग्य की प्राप्ति: जीवन में सुख, समृद्धि और यश की वृद्धि होती है।
-
पितरों का उद्धार: इस व्रत का पुण्य फल पितरों को भी तृप्ति प्रदान करता है।
-
विष्णु लोक की प्राप्ति: मृत्यु के पश्चात जातक को बैकुंठ धाम में स्थान मिलने की मान्यता है।
पूजा-विधि: ऐसे करें भगवान विष्णु को प्रसन्न
-
स्नान और संकल्प: सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी या घर पर ही गंगाजल मिलाकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें।
-
स्थापना: चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु के मोहिनी स्वरूप की प्रतिमा रखें।
-
श्रृंगार: भगवान को पीले वस्त्र, चंदन का तिलक और पीले फूल अर्पित करें।
-
भोग: तुलसी दल (तुलसी का पत्ता) के बिना पूजा अधूरी है। फल, पंचामृत और पीली मिठाई का भोग लगाएं।
-
मंत्र जाप: ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का निरंतर जाप करें।
मोहिनी एकादशी के अचूक उपाय
आर्थिक तंगी दूर करने और घर में खुशहाली लाने के लिए इस दिन ये उपाय जरूर करें:
-
तुलसी के पास दीपक: एकादशी की शाम तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं और 11 परिक्रमा करें।
-
पीली चीजों का दान: इस दिन चने की दाल, पीले वस्त्र या केले का दान करने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
-
मुख्य द्वार पर रोशनी: शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाएं, इससे माता लक्ष्मी का आगमन होता है।
-
केसर का भोग: भगवान विष्णु को केसरिया चावल या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं, यह उन्हें अत्यंत प्रिय है।
नोट: एकादशी के दिन चावल का सेवन वर्जित माना गया है। साथ ही इस दिन क्रोध और वाद-विवाद से दूर रहकर सात्विक जीवन जीना चाहिए।
Shashwat Lokwarta – State News,Up News देश-दुनिया