ज्योतिष शास्त्र में सूर्य देव का गोचर हमेशा से ही बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन इस बार का नक्षत्र परिवर्तन बेहद खास और दुर्लभ संयोग लेकर आ रहा है। आगामी 25 मई को सूर्य देव वृषभ राशि में रहते हुए रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं। सबसे विशेष बात यह है कि यह खगोलीय घटना इस बार अधिकमास (मलमास) के दौरान घटित हो रही है। रोहिणी नक्षत्र का स्वामी चंद्रमा है और यह शुक्र की राशि वृषभ के अंतर्गत आता है। सूर्य का अपने मित्र ग्रहों के इस प्रभाव क्षेत्र में आना देश-दुनिया सहित सभी राशियों के जीवन में बड़े बदलाव लेकर आएगा। सूर्य के इस गोचर के साथ ही ‘नौतपा’ की शुरुआत हो जाएगी, जिससे पूरी धरती भीषण गर्मी से तपेगी। हालांकि, इस दौरान कुछ खास राशियों के जीवन में भाग्य का जबरदस्त साथ मिलने वाला है।
क्या होता है नौतपा और अधिकमास में इसका महत्व
जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो उस समय से लेकर अगले नौ दिनों तक की अवधि को ‘नौतपा’ कहा जाता है। मान्यता है कि इन नौ दिनों में सूर्य की किरणें पृथ्वी पर सबसे सीधी और तीखी पड़ती हैं, जिसके कारण साल के इन दिनों में सबसे अधिक गर्मी दर्ज की जाती है। इस साल नौतपा का संयोग अधिकमास में बन रहा है। ज्योतिषविदों के अनुसार, अधिकमास में सूर्य के इस गोचर के दौरान किए गए दान, पुण्य, जप और तप का फल आम दिनों की तुलना में कई गुना अधिक प्राप्त होता है। सूर्य देव अगले महीने जून में मिथुन राशि और मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश कर जाएंगे, तब जाकर लोगों को इस प्रचंड तपन से थोड़ी राहत मिलेगी।
इन 3 भाग्यशाली राशियों पर होगी धनवर्षा
सूर्य का रोहिणी नक्षत्र में जाना सभी 12 राशियों को प्रभावित करेगा, लेकिन तीन राशियां ऐसी हैं जिन्हें इस दौरान किस्मत का पूरा साथ मिलने जा रहा है।
-
वृषभ राशि (Taurus): सूर्य का यह गोचर आपकी ही राशि में हो रहा है, इसलिए इसका सबसे उत्तम प्रभाव आप पर दिखेगा। इस अवधि में आपको एक नहीं बल्कि दो अलग-अलग योजनाओं के जरिए बड़ा आर्थिक लाभ मिल सकता है। आपको बस अपने काम में थोड़ा धैर्य रखने की जरूरत है। समय पर लिए गए सटीक फैसले आपको करियर और बिजनेस में उम्मीद से अधिक मुनाफा दिलाएंगे।
-
सिंह राशि (Leo): सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं होगा। लंबे समय से अटके हुए और अधूरे काम अब तेजी से पूरे होने लगेंगे। किस्मत के सहयोग से आपका बैंक बैलेंस मजबूत होगा और आर्थिक तंगी से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाएगा। नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर नई पहचान और मान-सम्मान मिलेगा।
-
धनु राशि (Sagittarius): आपके लिए यह गोचर तरक्की के नए रास्ते खोलने वाला साबित होगा। पूर्व में किए गए निवेश से इस समय आपको अचानक बड़ा लाभ मिल सकता है। यदि आप लंबे समय से नया मकान या वाहन खरीदने की योजना बना रहे थे, तो इस नौतपा के दौरान आपकी यह इच्छा पूरी हो सकती है। इस समय अवधि में दान-पुण्य करना आपके लिए विशेष रूप से फलदायी रहेगा।
नौतपा और अधिकमास में क्या करें और किन कामों से बचें
शास्त्रों के अनुसार, अधिकमास और नौतपा के इस पावन एवं तपते समय में कुछ खास नियमों का पालन करना अनिवार्य माना गया है। इस दौरान भीषण गर्मी को देखते हुए छाता, ठंडा जल, सत्तू और भोजन का दान करना सबसे उत्तम माना जाता है। इसके अलावा सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए तांबा, गेहूं और लाल कपड़ों का दान भी किया जा सकता है। अधिकमास के दौरान तीर्थ स्नान, देवी-देवताओं के दर्शन, उपवास रखना, संतान प्राप्ति के अनुष्ठान और राज्याभिषेक जैसे कार्य किए जा सकते हैं।
इसके विपरीत, अधिकमास को मलमास भी कहा जाता है, इसलिए इस पूरे महीने में मांगलिक और शुभ कार्यों पर पूरी तरह रोक रहती है। इस दौरान विवाह, मुंडन (चूड़ाकर्म), उपनयन संस्कार, नए घर का निर्माण, गृह प्रवेश, नई व्यापारिक प्रतिष्ठा, मंत्र दीक्षा, यज्ञ और तीर्थयात्रा जैसे मांगलिक कार्यों को करना वर्जित माना गया है। इस समय में केवल भगवान विष्णु और सूर्य देव की मानसिक आराधना करना ही सबसे श्रेष्ठ फल प्रदान करता है।
Shashwat Lokwarta – State News,Up News देश-दुनिया