उत्तर कोरिया ने उतारा दुनिया का सबसे खतरनाक टैंक, ड्रोन और मिसाइल भी होंगे नाकाम, बेटी ‘जू ए’ को घोषित किया अगला कमांडर…

प्योंगयांग: उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने एक बार फिर दुनिया की नींद उड़ाने वाला कदम उठाया है। एक भव्य सैन्य शक्ति प्रदर्शन के दौरान किम ने अपनी सेना के नए और ‘अभेद्य’ मुख्य युद्धक टैंक (Main Battle Tank) का अनावरण किया है। उत्तर कोरियाई मीडिया के दावों के अनुसार, यह आधुनिक टैंक तकनीकी रूप से इतना उन्नत है कि यह ड्रोन हमलों और एंटी-टेंट मिसाइलों को 100 प्रतिशत रोकने में सक्षम है। इस सैन्य अभ्यास के दौरान न केवल हथियारों की नुमाइश हुई, बल्कि किम जोंग उन की बेटी ‘किम जू ए’ की मौजूदगी ने भविष्य के राजनीतिक उत्तराधिकार के संकेतों को और अधिक स्पष्ट कर दिया है।

ड्रोन और मिसाइलों के खिलाफ अभेद्य कवच से लैस नया टैंक

उत्तर कोरिया द्वारा प्रदर्शित किया गया यह नया टैंक आधुनिक युद्ध कला को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। किम जोंग उन ने खुद इस टैंक का निरीक्षण किया और इसकी मारक क्षमता की सराहना की। विशेषज्ञों का मानना है कि इस टैंक में ऐसी एक्टिव प्रोटेक्शन प्रणाली (APS) लगाई गई है, जो दुश्मन के आत्मघाती ड्रोन और सटीक मार करने वाली मिसाइलों को बीच हवा में ही नष्ट कर सकती है। किम ने इसे ‘दुनिया का सबसे शक्तिशाली टैंक’ करार देते हुए कहा कि यह किसी भी युद्ध की स्थिति में दुश्मन के दांत खट्टे करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

सैन्य अभ्यास में बेटी ‘जू ए’ का बढ़ा कद, मिली कमांडर की पहचान

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अधिक चर्चा किम जोंग उन की बेटी ‘किम जू ए’ की रही। सैन्य अभ्यास के दौरान वह अपने पिता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलती नजर आईं। उत्तर कोरियाई मीडिया ने उन्हें ‘भावी नेता’ और ‘महान कमांडर’ जैसे विशेषणों से संबोधित किया है। सैन्य अधिकारियों ने जिस तरह ‘जू ए’ को सम्मान दिया, उससे यह साफ हो गया है कि किम जोंग उन अपनी बेटी को भविष्य के सर्वोच्च नेतृत्व के लिए तैयार कर रहे हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सेना के सामने ‘जू ए’ की यह प्रस्तुति उन्हें अगले उत्तराधिकारी के रूप में स्थापित करने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।

कोरियाई प्रायद्वीप में बढ़ा तनाव, पड़ोसी देशों की बढ़ी चिंता

किम जोंग उन के इस आक्रामक रुख और नए हथियारों के प्रदर्शन ने दक्षिण कोरिया और अमेरिका की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस अभ्यास के दौरान किम ने अपनी सेना को ‘युद्ध के लिए तैयार’ रहने का आदेश दिया है। नए टैंक की क्षमताओं को देखते हुए सैन्य विश्लेषक इसे रूस और पश्चिमी देशों के टैंकों को टक्कर देने वाला बता रहे हैं। किम ने स्पष्ट किया कि उनकी सेना अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। इस शक्ति प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उत्तर कोरिया अपनी सैन्य शक्ति को आधुनिक बनाने की दिशा में तेजी से कदम उठा रहा है।

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