
अंक ज्योतिष (Numerology) में हर मूलांक का अपना एक विशेष महत्व और स्वभाव होता है। यदि आपका या आपके किसी परिचित का जन्म महीने की 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 7 बनता है। मूलांक 7 का स्वामी ग्रह ‘केतु’ है। केतु के विशेष प्रभाव के कारण इस मूलांक वाले लोगों की अंतरात्मा की आवाज (Gut-Feeling) और छठी इंद्री (Sixth Sense) इतनी मजबूत होती है कि इन्हें भविष्य में होने वाली घटनाओं का पूर्वभास पहले ही हो जाता है।
केतु का प्रभाव: जबरदस्त गट-फीलिंग और सिक्स सेंस
मूलांक 7 के जातकों पर रहस्यमयी ग्रह केतु का सीधा प्रभाव होता है। यही कारण है कि कई बार किसी परिस्थिति में कुछ गलत होने से पहले ही इन्हें अंदर से पूर्वाभास हो जाता है। यदि इनका मन अचानक किसी काम को करने से मना कर दे, तो बाद में साबित होता है कि इनका फैसला बिल्कुल सही था।
1. लोगों की नीयत और सोच को तुरंत भांप लेना
मूलांक 7 वाले लोगों की सबसे बड़ी खूबी यह होती है कि ये जब भी किसी व्यक्ति से मिलते हैं, तो उसकी सोच और इरादों का अंदाजा बहुत जल्दी लगा लेते हैं। सामने वाले की नीयत कैसी है, इसे ये पल भर में पहचान जाते हैं।
2. सपनों के जरिए मिलते हैं भविष्य के संकेत
इस मूलांक के जातकों को कई बार ऐसे सपने आते हैं जो आगे चलकर किसी न किसी रूप में सच हो जाते हैं। ये हर अनुभव और भावना को बहुत ही गहराई से महसूस करते हैं, जिससे इनकी आंतरिक क्षमता बेहद मजबूत होती है।
3. स्वतंत्र और गहराई से सोचकर फैसले लेना
मूलांक 7 के लोग कभी भी दूसरों के दबाव या राय में आकर निर्णय नहीं लेते। ये हर बात को अपने नजरिए और अंतरात्मा की आवाज के आधार पर परखते हैं और फिर ही किसी नतीजे पर पहुंचते हैं।
4. अपनों का दुख-दर्द बिना कहे समझ जाना
केतु ग्रह इन्हें अत्यधिक संवेदनशील और दयालु बनाता है। बिना कुछ कहे ही ये अपने करीबियों या दोस्तों की परेशानी और उनके मानसिक हाल को भांप लेते हैं। हालांकि, हर व्यक्ति के व्यक्तिगत स्वभाव और माहौल के आधार पर इनके अनुभव में थोड़ा अंतर हो सकता है।
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