हिंदू धर्म ग्रंथों में साल की सभी 24 एकादशियों में से निर्जला एकादशी (Nirjala Ekadashi) को सबसे श्रेष्ठ और फलदायी माना गया है। इसे भीमसेनी एकादशी भी कहते हैं। आज 25 जून 2026, गुरुवार के दिन निर्जला एकादशी का महापर्व मनाया जा रहा है। गुरुवार के दिन एकादशी पड़ने से इसका महत्व और अधिक बढ़ गया है, क्योंकि यह दिन भगवान विष्णु की आराधना के लिए सर्वोत्तम है।
तुलसी को साक्षात मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि निर्जला एकादशी के दिन घर में मौजूद सूखी तुलसी की लकड़ियों या टहनियों से जुड़े कुछ विशेष उपाय किए जाएं, तो घर की दरिद्रता दूर होती है और बंद किस्मत के ताले खुल जाते हैं। आइए जानते हैं इन 5 खास उपायों के बारे में:
1. सूखी तुलसी की लकड़ी का दीपक जलाएं
निर्जला एकादशी की शाम को सूखी तुलसी के 7 छोटे-छोटे डंठल या टुकड़ों को एक साथ मिलाकर सफेद सूत (धागे) से बांध लें। अब इस बंडल को शुद्ध देसी घी में अच्छी तरह डुबोकर भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर के सामने एक दीपक में रखकर बत्ती की तरह जला दें।
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लाभ: मान्यता है कि इस उपाय से श्रीहरि और माता लक्ष्मी अत्यंत प्रसन्न होते हैं और जातक को सीधे बैकुंठ धाम की कृपा मिलती है। (विशेष ध्यान रखें: एकादशी के दिन जीवित तुलसी के पौधे से न तो पत्ते तोड़ें और न ही टहनियां, केवल पहले से सूखी गिरी लकड़ियों का ही उपयोग करें)
2. मुख्य द्वार पर बांधें तुलसी की लकड़ी
इस पावन दिन पर सूखी तुलसी की कुछ लकड़ियों को लेकर उन्हें गंगाजल या साफ पानी से धो लें। इसके बाद इन्हें एक साफ लाल या पीले रंग के कपड़े में लपेटकर अपने घर के मुख्य द्वार (Main Gate) के बीचों-बीच या चौखट पर बांध दें।
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लाभ: ऐसा करने से घर में किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं कर पाती और मां लक्ष्मी का घर में स्थाई वास होता है।
3. पूरे घर में करें गंगाजल का छिड़काव
तुलसी की सूखी टहनियों का एक छोटा सा बंडल बनाकर उसे सफेद धागे से बांध लें। अब एक पात्र में गंगाजल लें और इस तुलसी के बंडल को गंगाजल में डुबोकर अपने पूरे घर के कोने-कोने में छिड़काव करें।
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लाभ: इस उपाय को करने से घर में मौजूद हर तरह का वास्तु दोष और नकारात्मक शक्तियां नष्ट हो जाती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिससे धन-धान्य की वृद्धि होती है।
4. हवन सामग्री में करें प्रयोग
यदि आप एकादशी के दिन घर में छोटा सा भी हवन या पूजा कर रहे हैं, तो उसमें सूखी तुलसी की टहनियों और सूखे पत्तों को हवन सामग्री के साथ मिलाकर आहुति दें।
विशेष मंत्र: आहुति देते समय या तुलसी की छोटी टहनियों को विष्णु जी के चरणों में अर्पित करते समय “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः” महामंत्र का मन ही मन जाप करें। इससे घर का वातावरण शुद्ध होता है और सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
5. घर के मंदिर या तिजोरी में स्थापित करें
यदि घर में लगातार पैसों की तंगी बनी रहती है या कर्ज बढ़ता जा रहा है, तो निर्जला एकादशी के दिन सूखी तुलसी की टहनियों को गंगाजल से पवित्र करके अपने घर के पूजा स्थल (मंदिर) में भगवान के पास या फिर अपनी तिजोरी में रख दें।
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लाभ: यह उपाय घर की आर्थिक खुशहाली को बढ़ाता है, आय के नए स्रोत खोलता है और पैसों की अनावश्यक बर्बादी को रोकता है।
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