PM मोदी की Gen-Z संग ‘भजन क्लबिंग’ पर गरमाई सियासत: कांग्रेस ने चुनाव आयोग विवाद से जोड़ कसा तंज

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय पार्क में शुक्रवार शाम आयोजित ‘भजन क्लबिंग’ कार्यक्रम को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी जुबानी जंग शुरू हो गई है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नई पीढ़ी यानी जेन-ज़ी (Gen-Z) के युवाओं के बीच पहली पंक्ति में बैठे नजर आए थे। इस दौरान भक्ति धुनों पर युवाओं के साथ ताल मिलाते हुए पीएम मोदी ने खंजरी (डफली) भी बजाई। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे लेकर प्रधानमंत्री की कार्यशैली और प्राथमिकताओं पर तीखा तंज कसा, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर भारत की सांस्कृतिक विरासत का उपहास उड़ाने का आरोप लगाया।

‘भजन क्लबिंग के लिए समय है, चुनाव आयोग विवाद पर नहीं’: कांग्रेस का हमला

कांग्रेस नेता और कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएम मोदी के इस कार्यक्रम को हालिया निर्वाचन आयोग से जुड़े विवाद से जोड़ते हुए निशाना साधा। खरगे ने आरोप लगाया कि देश जब गंभीर संवैधानिक और लोकतांत्रिक सवालों से जूझ रहा है, तब प्रधानमंत्री जवाबदेही से बचते हुए ऐसे आयोजनों में व्यस्त हैं।

प्रियांक खरगे ने तल्ख लहजे में लिखा:

“पीएम मोदी के पास ‘भजन क्लबिंग’ के लिए पूरा समय है, लेकिन चुनाव आयोग के जरिए लोकतंत्र खत्म करने के लिए जो ‘क्लबिंग’ हुई है, उससे जुड़े गंभीर सवालों का जवाब देने के लिए उनके पास कोई वक्त नहीं है।”

कांग्रेस नेता ने आगे आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों से यह पैटर्न देखा जा रहा है कि जब भी सरकार के सामने जवाबदेही के कठिन सवाल आते हैं, तो प्रधानमंत्री चुप रहते हैं या प्रेस कॉन्फ्रेंस से बचते हैं, लेकिन उत्सव और प्रचार के मौकों पर सबसे आगे खड़े दिखाई देते हैं।

‘भक्ति और सनातन परंपरा का अपमान बंद करे कांग्रेस’: भाजपा का पलटवार

कांग्रेस के इस तंज पर भारतीय जनता पार्टी ने तुरंत कड़ा रुख अपनाते हुए तीखा पलटवार किया। भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस नेता भारतीय सभ्यता, भक्ति परंपरा और आधुनिक पीढ़ी के सांस्कृतिक जुड़ाव को पचा नहीं पा रहे हैं। भाजपा नेता सी. आर. केशवन ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी एक बार फिर भारत की भजन, कीर्तन और सांस्कृतिक विरासत का उपहास उड़ाने पर उतर आई है।

भाजपा प्रवक्ताओं ने कहा कि ‘जूनियर खरगे’ केवल एक परिवार की चाटुकारिता में व्यस्त रहते हैं, इसलिए उन्हें नई पीढ़ी का अपनी जड़ों से जुड़ना रास नहीं आ रहा। भाजपा ने स्पष्ट किया कि ‘भजन क्लबिंग’ भारतीय भक्ति संगीत का आधुनिक रूप है, जहां युवा क्लब कल्चर के भटकाव से हटकर अपनी आध्यात्मिक परंपराओं और राष्ट्रीय चेतना से जुड़ रहे हैं। पार्टी के अनुसार, प्रधानमंत्री का युवाओं के बीच बैठना यह साबित करता है कि वे देश की नई पीढ़ी के साथ एक अटूट सांस्कृतिक संवाद स्थापित कर रहे हैं।

क्या है ‘भजन क्लबिंग’ और क्यों चर्चा में है यह ट्रेंड?

‘भजन क्लबिंग’ दरअसल भारतीय भजन और संकीर्तन का एक आधुनिक और ऊर्जावान स्वरूप है, जो इन दिनों मेट्रो शहरों और सोशल मीडिया पर युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इसमें पारंपरिक वाद्ययंत्रों और भक्ति पदों (जैसे हनुमान चालीसा, शिव तांडव और राम भजन) को आधुनिक बीट्स, सिंथेसाइज़र और लाइव कॉन्सर्ट के प्रारूप में प्रस्तुत किया जाता है।

दिल्ली के इस विशेष आयोजन में फिल्म ‘हनुमान अंश’ के गायक साधु तिवारी और निर्देशक विशाल चतुर्वेदी सहित कई कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं। प्रधानमंत्री ने युवाओं के उत्साह का वीडियो साझा करते हुए इस नए सांस्कृतिक प्रयोग की सराहना की थी। हालांकि, चुनाव आयोग पर जारी राष्ट्रीय गतिरोध और विपक्ष के तीखे हमलों के बीच यह आध्यात्मिक शाम अब पूर्ण राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो चुकी है।

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