
करवा चौथ पर अपने सुहाग की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना के साथ निर्जला उपवास रख रहीं सुहागिनों के सब्र की परीक्षा आज मौसम का मिजाज ले सकता है। देश के कई हिस्सों में बने चक्रवाती तंत्र और मौसमी बदलाव का असर राजस्थान के आसमान पर भी साफ देखा जा रहा है। जयपुर, अलवर, भरतपुर, दौसा, कोटा और अजमेर संभाग सहित पूर्वी व दक्षिणी राजस्थान के कई जिलों में आंशिक से लेकर घने बादल छाए हुए हैं, जिससे चंद्रमा के दीदार में बाधा उत्पन्न हो सकती है। खगोल विज्ञान और पंचांग के अनुसार जो समय चंद्रोदय का निर्धारित किया जाता है, वह क्षितिज के स्तर पर चंद्रमा के उदित होने का गणितीय समय होता है। यदि आसमान में बादल, धुंध या धूल भरी तेज हवाएं सक्रिय रहती हैं, तो आंखों से चांद की पहली किरण को निहारने में निर्धारित पंचांग समय से 15 से 20 मिनट की अतिरिक्त देरी हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, बीकानेर और जैसलमेर संभाग में भी हवाओं के कारण दृश्यता प्रभावित होने की संभावना बनी हुई है।
पूर्व से पश्चिम के बीच 30 मिनट का फासला: धौलपुर में सबसे पहले और बाड़मेर में सबसे देर से चंद्रोदय
भौगोलिक और देशांतरीय विस्तार के चलते राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी छोर के बीच चंद्र दर्शन के समय में लगभग आधे घंटे का बड़ा अंतर देखने को मिलता है। पृथ्वी के पश्चिम से पूर्व की ओर घूर्णन करने के कारण चंद्रमा का उदय सबसे पहले प्रदेश के सुदूर पूर्वी जिले धौलपुर में रात लगभग 8:14 बजे से 8:24 बजे के बीच देखने को मिलेगा। इसके बाद चंद्रोदय का क्रम धीरे-धीरे पश्चिम की ओर बढ़ेगा और सबसे अंत में रेगिस्तानी जिले बाड़मेर तथा जैसलमेर में रात करीब 8:44 बजे से 9:00 बजे के आसपास चांद क्षितिज पर नजर आएगा। राजधानी जयपुर में चांद दिखने का अनुमानित समय रात 8:23 बजे से 8:28 बजे के मध्य है। ऐसे में व्रती महिलाओं को अपने शहर के निर्धारित समय के अनुसार पूजा की थाली तैयार रखने और मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए धैर्य बनाए रखने की आवश्यकता है।
राजस्थान के सभी प्रमुख जिलों में चांद निकलने का संभावित समय: देखें पूरी लिस्ट
| जिला / शहर | पंचांग अनुसार संभावित चंद्रोदय (रात) |
| धौलपुर | 08:14 PM – 08:24 PM |
| भरतपुर / डीग | 08:15 PM |
| खैरथल-तिजारा / अलवर | 08:16 PM – 08:27 PM |
| करौली | 08:19 PM |
| दौसा | 08:20 PM |
| झुंझुनूं | 08:21 PM |
| सीकर | 08:22 PM |
| जयपुर ग्रामीण व शहर | 08:23 PM – 08:28 PM |
| सवाई माधोपुर | 08:23 PM – 08:33 PM |
| चूरू | 08:24 PM |
| टोंक | 08:25 PM |
| बारां | 08:25 PM |
| बूंदी | 08:26 PM |
| कोटा | 08:27 PM – 08:37 PM |
| झालावाड़ | 08:27 PM |
| अजमेर | 08:29 PM – 08:39 PM |
| बीकानेर | 08:30 PM – 08:40 PM |
| भीलवाड़ा / ब्यावर | 08:32 PM |
| चित्तौड़गढ़ | 08:33 PM – 08:42 PM |
| जोधपुर | 08:36 PM – 08:46 PM |
| पाली / फलोदी | 08:36 PM – 08:46 PM |
| राजसमंद | 08:36 PM |
| बांसवाड़ा | 08:37 PM |
| उदयपुर / सलूंबर | 08:38 PM – 08:48 PM |
| जालोर | 08:39 PM |
| सिरोही / माउंट आबू | 08:40 PM – 09:00 PM |
| बाड़मेर / बालोतरा | 08:40 PM – 08:44 PM |
| जैसलमेर | 08:43 PM – 09:00 PM |
अगर घने बादलों की वजह से चांद न दिखे तो कैसे खोलें करवा चौथ का व्रत?
मौसम विभाग की चेतावनी के बीच यदि आपके शहर में चक्रवाती बादलों के कारण देर रात तक चंद्रमा की एक झलक भी नजर न आए, तो धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार व्रती महिलाओं को विचलित होने की आवश्यकता नहीं है। धर्मशास्त्रों में ऐसी विषम मौसम परिस्थितियों के लिए स्पष्ट विकल्प सुझाए गए हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, जब आपके शहर में चंद्रोदय का पंचांग समय पूरा हो जाए, तो उसके बाद आप भगवान शिव के शीश पर विराजमान चंद्रदेव का मानसिक ध्यान कर सकती हैं। इसके अलावा पूजा की थाली में अक्षत (चावल) या शुद्ध चांदी के सिक्के से चंद्रमा की सुंदर प्रतीकात्मक आकृति बनाकर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा की ओर मुख करके भावपूर्वक अर्घ्य अर्पित करें। इसके बाद छलनी में आटे का जलता हुआ चौमुखी दीपक रखकर अपने पति का चेहरा देखें, उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें और उनके हाथों से शुद्ध जल तथा मिष्ठान ग्रहण कर अपना निर्जला व्रत विधिपूर्वक पूर्ण करें। श्रद्धा और निष्ठा से किए गए इस मानसिक अर्घ्य से भी अखंड सौभाग्य का संपूर्ण फल प्राप्त होता है।
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