अक्षय तृतीया पर ‘त्रिपुष्कर योग’ का दुर्लभ संयोग, सफलता के लिए आज ही नोट कर लें ये 5 जरूरी काम

नई दिल्ली: सनातन धर्म में अक्षय तृतीया का दिन अपने आप में सिद्ध मुहूर्त माना जाता है, लेकिन साल 2026 की अक्षय तृतीया बेहद खास होने वाली है। इस बार 19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया के साथ-साथ त्रिपुष्कर योग का भी निर्माण हो रहा है। ज्योतिष शास्त्र में त्रिपुष्कर योग को बहुत शक्तिशाली माना गया है—मान्यता है कि इस योग में किए गए किसी भी शुभ कार्य का फल तीन गुना होकर वापस मिलता है।


क्यों खास है इस बार का संयोग?

ज्योतिष गणना के अनुसार, इस साल अक्षय तृतीया रविवार को है। सुबह 10:52 के बाद तृतीया तिथि शुरू होगी और साथ ही सुबह 7:10 से कृतिका नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। तिथि, वार और नक्षत्र के इसी विशेष मेल से ‘त्रिपुष्कर योग’ बन रहा है। यदि आप अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करना चाहते हैं या करियर में ऊंची छलांग लगाना चाहते हैं, तो इस दिन ये 5 काम जरूर करें:


सफलता और समृद्धि के लिए करें ये 5 काम

1. नए निवेश की शुरुआत (Investment)

त्रिपुष्कर योग निवेश के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। इस दिन आप शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या किसी नई बिजनेस डील की शुरुआत कर सकते हैं। इस विशेष मुहूर्त में किया गया निवेश भविष्य में कई गुना अधिक रिटर्न देने की क्षमता रखता है।

2. स्वर्ण आभूषणों की खरीदारी (Buying Gold)

अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना परंपरा भी है और समृद्धि का प्रतीक भी। त्रिपुष्कर योग में खरीदा गया सोना न केवल आपके वैभव को बढ़ाता है, बल्कि घर में बरकत भी लाता है। यदि आप भारी आभूषण नहीं ले सकते, तो सोने का एक छोटा सिक्का लेना भी शुभ रहेगा।

3. बचत का संकल्प (Savings)

आर्थिक स्थिरता के लिए बचत बहुत जरूरी है। इस दिन आप नया बैंक अकाउंट खोल सकते हैं, एफडी (FD) करा सकते हैं या किसी भी नई बचत योजना (Saving Scheme) का हिस्सा बन सकते हैं। इस दिन शुरू की गई बचत में कभी कमी नहीं आती।

4. नई स्किल या विद्या का आरंभ (New Learning)

अगर आप कोई नई भाषा, संगीत, प्रोफेशनल कोर्स या कोई हुनर सीखना चाहते हैं, तो 19 अप्रैल का दिन इसके श्रीगणेश के लिए सर्वश्रेष्ठ है। त्रिपुष्कर योग में शुरू किया गया सीखना आपको उस क्षेत्र में विशेषज्ञता और सफलता दिलाने में मदद करता है।

5. अक्षय दान (Charity)

अक्षय तृतीया का अर्थ ही है—जिसका पुण्य कभी खत्म न हो। इस दिन जरूरतमंदों को जल, ठंडा शरबत, सत्तू, अनाज, वस्त्र या जूते-चप्पल का दान करें। आपकी दी हुई छोटी सी मदद इस योग के प्रभाव से आपके जीवन में असीम शांति और सुख लेकर आएगी।


अक्षय तृतीया 2026 का विशेष समय

  • तिथि: 19 अप्रैल 2026, रविवार

  • तृतीया तिथि आरंभ: सुबह 10:52 बजे से

  • त्रिपुष्कर योग का प्रभाव: नक्षत्र और तिथि के मेल के साथ पूरे दिन सक्रिय।

Check Also

गणपति बप्पा को दूर्वा अर्पित करने का सही तरीका: कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये बड़ी गलतियां?

बुधवार का दिन भगवान गणेश की आराधना के लिए समर्पित है। शास्त्र बताते हैं कि …