रत्न शास्त्र (Gemology) में रत्नों को ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम करने और सोई हुई किस्मत को जगाने का एक बेहद सशक्त माध्यम माना गया है. इन्हीं नौ मुख्य रत्नों में से एक है ‘पुखराज’ (Yellow Sapphire), जिसका सीधा संबंध सौरमंडल के सबसे बड़े और शुभ ग्रह देवगुरु बृहस्पति (बृहस्पति) से है. गुरु को ज्ञान, भाग्य, विवाह और धन का कारक माना जाता है, इसलिए लोग सुख-समृद्धि की चाह में पुखराज धारण कर लेते हैं. लेकिन रत्न शास्त्र का एक कड़ा नियम है—हर चमकती चीज हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं होती. यदि पुखराज आपकी कुंडली के अनुसार सही नहीं है या आपने इसे बिना किसी अनुभवी ज्योतिषी की सलाह के पहन लिया है, तो यह फायदे की जगह आपके जीवन को पूरी तरह तहस-नहस कर सकता है. आइए जानते हैं पुखराज सूट न करने के वो 5 बड़े साइड इफेक्ट्स, जिन्हें कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
1. बनते हुए कामों में अचानक आने लगती हैं बड़ी बाधाएं
यदि पुखराज रत्न आपकी राशि और कुंडली के अनुकूल नहीं है, तो आपके जीवन की रफ्तार अचानक थम जाएगी. आप कितनी भी कड़ी मेहनत क्यों न कर लें, आपके सारे काम ऐन वक्त पर अटकने लगेंगे. आपकी निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होगी, जिसके चलते आप अपनी बनाई गई योजनाओं (Planning) में बार-बार बदलाव करेंगे. इसका नतीजा यह होगा कि हर जरूरी काम में अनचाही देरी होने लगेगी और सफलता आपके हाथ से फिसलती जाएगी.
2. बिना वजह बढ़ता है मानसिक तनाव और बेचैनी
देवगुरु बृहस्पति का यह रत्न सीधे तौर पर आपके मस्तिष्क और विचारों को प्रभावित करता है. गलत तरीके से या गलत धातु में पहना गया पुखराज मन में अजीब सी घबराहट और बेचैनी पैदा कर देता है. इंसान छोटी-छोटी बातों को लेकर गहरी चिंता में डूब जाता है. बिना किसी ठोस वजह के मानसिक तनाव (Depression) और चिड़चिड़ापन इस कदर बढ़ जाता है कि व्यक्ति की रातों की नींद उड़ जाती है.
3. आर्थिक स्थिति हो जाती है बदहाल, बढ़ता है फिजूलखर्ची
गुरु ग्रह को धन-धान्य का स्वामी माना जाता है, लेकिन जब पुखराज विपरीत असर दिखाने पर आता है, तो सबसे बड़ा प्रहार आपकी जेब पर ही होता है. गलत पुखराज पहनने से आपकी आर्थिक स्थिति डगमगा जाती है. अचानक ऐसे अनचाहे और फालतू के खर्चे सामने आने लगते हैं जिन्हें टालना मुश्किल हो जाता है. इसके अलावा, पैसों से जुड़ा कोई भी बड़ा या निवेश का फैसला लेते समय भ्रम (Confusion) की स्थिति बनी रहती है, जिससे व्यापार में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.
4. पारिवारिक रिश्तों में आने लगता है बिखराव
पुखराज का नकारात्मक असर आपकी पर्सनल लाइफ को भी बुरी तरह प्रभावित करता है. गुरु को वैवाहिक जीवन और सुखद परिवार का कारक माना जाता है, लेकिन इसके अशुभ होते ही घर में कलह का माहौल बन जाता है. परिवार के सदस्यों और जीवनसाथी के साथ छोटी-छोटी बातों पर गंभीर मतभेद और वैचारिक टकराव शुरू हो जाते हैं. हंसी-खुशी रहने वाले घर की सकारात्मक ऊर्जा पूरी तरह खत्म होने लगती है.
5. सेहत पर पड़ता है सीधा असर, हर वक्त बनी रहती है सुस्ती
रत्न शास्त्र के अनुसार, जिन लोगों को पुखराज रत्न रास नहीं आता, उनके स्वास्थ्य में भी गिरावट देखी जाती है. ऐसे जातकों को बिना किसी शारीरिक काम के भी हमेशा भारी थकान महसूस होती है. दिनभर शरीर पर एक अजीब सी सुस्ती और आलस छाया रहता है. पाचन तंत्र से जुड़ी दिक्कतें या लिवर संबंधी परेशानियां भी अचानक उभर सकती हैं.
पुखराज सूट न करने पर तुरंत करें ये जरूरी काम
अगर पुखराज धारण करने के कुछ ही दिनों के भीतर आपको अपने जीवन में ऊपर बताए गए लक्षणों में से दो या तीन बदलाव भी महसूस होने लगें, तो सतर्क हो जाएं.
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पहला कदम: बिना एक पल की देरी किए उस पुखराज को अपनी उंगली से उतारकर अलग रख दें.
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दूसरा कदम: किसी योग्य और विद्वान ज्योतिषी से अपनी कुंडली का गहन विश्लेषण करवाएं. कुंडली में गुरु की स्थिति, महादशा और अंतर्दशा को देखने के बाद ही तय करें कि आपको पुखराज दोबारा पहनना चाहिए या उसका दान कर देना चाहिए.
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