तमिलनाडु की सियासत में हलचल: कांग्रेस ने विजय को दिया ‘शर्त’ के साथ समर्थन, TVK महासचिव ने की AIADMK से मुलाकात

चेन्नई/तमिलनाडु: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद सरकार बनाने की कवायद तेज हो गई है। सुपरस्टार विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) सबसे बड़ी पार्टी बनकर तो उभरी है, लेकिन बहुमत के आंकड़े से अभी भी दूर है। इस बीच, कांग्रेस ने विजय को समर्थन देने का ऐलान किया है, लेकिन साथ ही एक बड़ी शर्त भी रख दी है।

कांग्रेस का समर्थन और ‘सांप्रदायिक शक्ति’ वाली शर्त

बुधवार को कांग्रेस ने विजय को लिखे एक पत्र में समर्थन देने की बात कही। कांग्रेस ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि वे विजय की सरकार बनाने में मदद करेंगे, बशर्ते TVK इस गठबंधन से ऐसी किसी भी सांप्रदायिक शक्ति को दूर रखे जो भारत के संविधान में विश्वास नहीं रखती।

  • धर्मनिरपेक्षता पर जोर: कांग्रेस ने कहा कि तमिलनाडु की जनता, विशेषकर युवाओं ने एक धर्मनिरपेक्ष और प्रगतिशील सरकार के लिए जनादेश दिया है।

  • लंबा गठबंधन: कांग्रेस ने इस गठबंधन को केवल सरकार बनाने तक सीमित न रखकर भविष्य के स्थानीय निकाय चुनाव और लोकसभा चुनावों तक ले जाने की इच्छा जताई है।

बहुमत का गणित: विजय के लिए अब भी डगर कठिन

तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की आवश्यकता है। वर्तमान स्थिति इस प्रकार है:

विवरण संख्या
TVK की कुल सीटें 108
विजय द्वारा जीती गई सीटें (तिरुचिरापल्ली पूर्व, पेरम्बूर) 02
प्रभावी संख्या (एक सीट छोड़ने के बाद) 107
कांग्रेस का समर्थन 05
कुल गठबंधन संख्या 112

कांग्रेस के समर्थन के बाद भी विजय के पास केवल 112 विधायक हो रहे हैं, जो बहुमत के आंकड़े से 6 कम हैं।

क्या AIADMK के साथ बनेगा गठबंधन?

बहुमत की कमी को देखते हुए TVK ने अब AIADMK का रुख किया है। बुधवार को TVK के महासचिव एन. आनंद ने AIADMK महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) से मुलाकात की।

  • AIADMK की ताकत: इस चुनाव में AIADMK ने 47 सीटें जीती हैं।

  • राजनीतिक समीकरण: यदि AIADMK और TVK साथ आते हैं, तो विजय को न केवल स्पष्ट बहुमत मिलेगा, बल्कि उन्हें कांग्रेस की ‘शर्तों’ के बोझ तले दबने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि, AIADMK नेता सीवी शनमुगम का कहना है कि अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व ही लेगा।

राज्यपाल से मिलने का समय मांगा

TVK सूत्रों के अनुसार, विजय ने तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर से मिलने का समय मांगा है। उम्मीद जताई जा रही है कि विजय जल्द ही सरकार बनाने का आधिकारिक दावा पेश कर सकते हैं। तमिलनाडु की जनता की निगाहें अब चेन्नई में हो रही बैठकों और नए संभावित गठबंधनों पर टिकी हैं।

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