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विजयादशमी पर क्यों जरूरी है देवी अपराजिता और शमी पूजन? जानिए शुभ मुहूर्त, वराह पुराण का रहस्य और श्रीराम की विजय से जुड़ा इतिहास

शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ पावन रूपों की उपासना के बाद दशमी तिथि यानी विजयादशमी का पर्व पूरे देश में विजय और शक्ति के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विजयादशमी के दिन मां दुर्गा के मूल स्वरूप ‘देवी अपराजिता’ की विशेष पूजा का विधान है। सनातन धर्म में अपराजिता …

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