
मौसम का मिजाज बेहद खौफनाक रूप ले चुका है। कुदरत के एक भीषण प्रकोप के रूप में सामने आए महातूफान ‘डॉल्फिन’ (Super Typhoon Dolphin) ने तटीय इलाकों में भारी तबाही मचा दी है। लगभग 198 किलोमीटर प्रति घंटे की विनाशकारी रफ्तार से चल रही तूफानी हवाओं और मूसलाधार बारिश ने पूरे जनजीवन को पूरी तरह से पटरी से उतार दिया है। समंदर में ऊंची-ऊंची लहरें उठ रही हैं और तटीय बस्तियों में पानी भर गया है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। अब तक 500 से अधिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द करना पड़ा है, जबकि कई ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया है। देश और विदेश के मौसम वैज्ञानिकों ने इस तूफान को हाल के वर्षों का सबसे भीषण चक्रवात करार दिया है। स्थानीय प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और बचाव दल पूरी तरह मुस्तैद हैं, लेकिन लगातार हो रही भारी बारिश और तेज हवाएं राहत कार्य में बड़ी बाधा पैदा कर रही हैं।
तटीय क्षेत्रों में ‘डॉल्फिन’ का भीषण प्रहार, 198 किमी/घंटा की रफ्तार से टकराया महातूफान
महातूफान ‘डॉल्फिन’ के तट से टकराते ही स्थिति बेहद भयावह हो गई। चक्रवात के केंद्र के समीप हवाओं की गति 198 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई है। इस तूफानी बवंडर के कारण हजारों पेड़ जड़ से उखड़ गए हैं और सैकड़ों बिजली के खंभे गिर गए हैं, जिससे कई जिलों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है। समुद्र तट के पास स्थित कच्चे मकानों की छतें उड़ गई हैं और पक्के ढांचों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। भारी बारिश के चलते तटीय और निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। सड़कों पर जलजमाव होने की वजह से कई मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो चुके हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसा भयानक दृश्य पहले कभी नहीं देखा। तेज हवाओं के थपेड़ों और गरज-चमक के साथ गिरती बारिश की बूंदों ने हर तरफ खौफ का माहौल बना दिया है।
परिवहन व्यवस्था ध्वस्त: 500 से अधिक उड़ानें रद्द और ट्रेनें ठप
इस महातूफान का सबसे बड़ा और प्रत्यक्ष प्रभाव देश-विदेश की परिवहन व्यवस्था पर पड़ा है। नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने सुरक्षा को प्राथमिक ध्यान में रखते हुए प्रभावित क्षेत्रों के सभी प्रमुख हवाई अड्डों से परिचालन अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। अब तक विभिन्न एयरलाइंस द्वारा 500 से अधिक उड़ानों को रद्द किया जा चुका है, जबकि दर्जनों उड़ानों को दूसरे सुरक्षित हवाई अड्डों की ओर डायवर्ट किया गया है। एयरपोर्ट्स पर हजारों यात्री फंसे हुए हैं और एयरलाइंस द्वारा उन्हें लगातार अपडेट दिए जा रहे हैं। हवाई सफर के साथ-साथ रेल और सड़क यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई प्रमुख रेल मार्गों पर पटरियों के ऊपर पानी भर जाने या पेड़ गिर जाने से ट्रेन सेवाएं रोक दी गई हैं। रेलवे ने एहतियातन दर्जनों एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों को रद्द कर दिया है। अंतरराज्यीय बस सेवाओं को भी अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
जनजीवन अस्त-व्यस्त, बिजली और संचार सेवाएं पूरी तरह प्रभावित
‘डॉल्फिन’ तूफान के चलते आम नागरिकों का दैनिक जीवन पूरी तरह से थम सा गया है। बिजली नेटवर्क के ध्वस्त होने से लाखों घरों में अंधेरा छा गया है। कई इलाकों में मोबाइल टॉवरों के क्षतिग्रस्त होने से इंटरनेट और टेलीफोन सेवाएं बाधित हो गई हैं, जिससे लोग अपने परिजनों से संपर्क स्थापित करने के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं। पीने के पानी की आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं और स्थानीय बाजारों में आवश्यक वस्तुओं की किल्लत पैदा होने लगी है। प्रशासन द्वारा लोगों से घरों के भीतर रहने और सुरक्षित स्थानों पर बने रहने की अपील की जा रही है। शैक्षणिक संस्थानों, स्कूलों और कॉलेजों को एहतियातन बंद कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, निजी व सरकारी कार्यालयों में भी वर्क फ्रॉम होम या छुट्टियों का ऐलान कर दिया गया है ताकि सड़कों पर आवाजाही न्यूनतम रहे और किसी भी आपात स्थिति से आसानी से निपटा जा सके।
राहत और बचाव कार्य तेज: NDRF, सेना और तटरक्षक बल हाई अलर्ट पर
आपदा की इस घड़ी में राहत और बचाव दल लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), भारतीय सेना और तटरक्षक बल (Coast Guard) की कई टीमों को सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है। तटीय और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लाखों लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों (Relief Camps) में स्थानांतरित किया जा चुका है। इन शिविरों में प्रभावित लोगों के लिए भोजन, पीने का स्वच्छ पानी, दवाइयां और चिकित्सा सहायता की व्यवस्था की जा रही है। आपदा प्रबंधन टीमों द्वारा लाइफ बोट, हेलीकॉप्टरों और आधुनिक उपकरणों की मदद से जलभराव वाले क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकाला जा रहा है। सरकार और स्थानीय प्रशासन पल-पल की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और आपातकालीन कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं ताकि संकट में फंसे नागरिक तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें।
मौसम विभाग (IMD) की रेड अलर्ट चेतावनी और आगे का अनुमान
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, महातूफान ‘डॉल्फिन’ की तीव्रता अगले 24 से 48 घंटों तक बनी रह सकती है। विभाग ने प्रभावित राज्यों और तटीय क्षेत्रों के लिए ‘रेड अलर्ट’ (Red Alert) जारी रखा है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह तूफान धीरे-धीरे स्थल मार्ग से आगे बढ़ते हुए कमजोर पड़ेगा, लेकिन इस दौरान रुक-रुक कर मूसलाधार बारिश और 100 से 150 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना बनी रहेगी। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है और तटीय पर्यटन स्थलों को पूरी तरह सील कर दिया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन और समुद्री तापमान में वृद्धि के कारण इस तरह के चक्रवातों की आवृत्ति और तीव्रता में इजाफा हो रहा है। प्रशासन का पूरा ध्यान इस बात पर केंद्रित है कि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके और स्थिति सामान्य होते ही बुनियादी ढांचे की मरम्मत का कार्य तेजी से शुरू किया जाए।
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