कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। ऊर्जा मंत्री के निर्देश के बाद अब केस्को (KESCO) के अंतर्गत आने वाले 1.30 लाख 4G प्रीपेड स्मार्ट मीटरों को दोबारा पोस्टपेड मोड में बदल दिया जाएगा। इस फैसले से उपभोक्ताओं को जहां बिल जमा करने के लिए एक महीने का समय मिलेगा, वहीं उन पर एक बार फिर ‘सिक्योरिटी मनी’ का वित्तीय बोझ बढ़ने वाला है।
1.30 लाख मीटरों की होगी ‘घर वापसी’
केस्को ने पिछले एक साल के दौरान पुराने पोस्टपेड मीटरों को बदलकर लगभग 1.61 लाख स्मार्ट मीटर लगाए थे। इनमें से 1.30 लाख मीटरों को प्रीपेड मोड पर सक्रिय कर दिया गया था। अब इन सभी मीटरों को वापस पोस्टपेड कर दिया जाएगा।
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2G मीटरों पर भी फैसला: 2018 से लगे 1.58 लाख टू-जी (2G) नेटवर्क वाले प्रीपेड मीटरों को भी पोस्टपेड करने का रास्ता साफ हो गया है।
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नहीं आएगा मीटर रीडर: पोस्टपेड होने के बाद भी कोई कर्मचारी रीडिंग लेने घर नहीं आएगा। ऑनलाइन सर्वर के जरिए खपत का आकलन होगा और उपभोक्ता के मोबाइल पर बिल का एसएमएस (SMS) भेजा जाएगा।
सिक्योरिटी मनी का नया गणित: कितना देना होगा पैसा?
जब मीटरों को प्रीपेड किया गया था, तब केस्को ने उपभोक्ताओं की सिक्योरिटी मनी को रिचार्ज में एडजस्ट कर वापस कर दिया था। अब पोस्टपेड होते ही इसे दोबारा जमा करना होगा:
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घरेलू कनेक्शन (2 किलोवाट तक): 300 रुपये प्रति किलोवाट।
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घरेलू कनेक्शन (3 किलोवाट से ऊपर): 400 रुपये प्रति किलोवाट।
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कॉमर्शियल कनेक्शन: 1000 रुपये प्रति किलोवाट।
बकाया एरियर के लिए 10 किस्तों की सुविधा
यूपीपीसीएल (UPPCL) के चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल के अनुसार, प्रीपेड मीटरों के दौरान जो पिछला बकाया (Arrear) था, उसे अब 10 आसान किस्तों में चुकाने की सुविधा मिलेगी।
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किस्त का नियम: यदि किसी का 10,000 रुपये बकाया है, तो अगले 10 महीनों तक उसके बिल में 1-1 हजार रुपये जोड़कर लिए जाएंगे।
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ब्याज का प्रावधान: किस्तों में भुगतान करने पर 2% ब्याज देय होगा। हालांकि, यदि उपभोक्ता चाहे तो एकमुश्त बकाया जमा कर ब्याज से बच सकता है।
किरायेदारों के लिए प्रीपेड का विकल्प रहेगा खुला
केस्को ने स्पष्ट किया है कि जो उपभोक्ता स्वेच्छा से प्रीपेड मीटर चाहते हैं (विशेषकर मकान मालिक जो किरायेदारों के बिजली बिल के झंझट से बचना चाहते हैं), उनके लिए प्रीपेड की व्यवस्था जारी रहेगी। शहर में लगभग 4.5 लाख पुराने पोस्टपेड मीटरों को फिलहाल स्मार्ट मीटर में नहीं बदलने का निर्णय लिया गया है, उनकी रीडिंग पहले की तरह मीटर रीडरों द्वारा ही की जाएगी।
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