यूरिक एसिड बढ़ने के लिए जिम्मेदार हैं आपकी ये 5 आदतें, आज ही सुधारें वरना जोड़ों का दर्द बना देगा अपाहिज

नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगड़ते लाइफस्टाइल के कारण शरीर में कई बीमारियां घर कर रही हैं। इन्हीं में से एक गंभीर समस्या है यूरिक एसिड (Uric Acid) का बढ़ना। जब शरीर में यूरिक एसिड का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है, तो इसके क्रिस्टल्स हाथ-पैरों के जोड़ों और उंगलियों में जमा होने लगते हैं, जिससे असहनीय दर्द और सूजन (Gout) की समस्या पैदा हो जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो हमारी कुछ छोटी-छोटी गलतियां और गलत खान-पान इस समस्या को और भी खतरनाक बना देते हैं। आइए जानते हैं वो कौन सी 5 प्रमुख गलतियां हैं जो आपके शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को तेजी से बढ़ा सकती हैं।

1. शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)

यूरिक एसिड बढ़ने का सबसे बड़ा कारण पानी कम पीना है। पानी शरीर से विषाक्त पदार्थों (Toxins) को बाहर निकालने का काम करता है। यदि आप पर्याप्त पानी नहीं पीते हैं, तो किडनी यूरिक एसिड को शरीर से बाहर नहीं निकाल पाती, जिससे इसका लेवल खून में बढ़ने लगता है। विशेषज्ञों के अनुसार, सुबह उठते ही एक गिलास पानी पीना और पूरे दिन खुद को हाइड्रेटेड रखना अनिवार्य है।

2. चाय और कॉफी का अत्यधिक सेवन

क्या आप भी दिन भर में कई बार चाय या कॉफी पीते हैं? यदि हाँ, तो सावधान हो जाएं। कैफीन का अधिक सेवन शरीर में पानी की कमी का कारण बनता है। जब शरीर डिहाइड्रेटेड होता है, तो यूरिक एसिड के क्रिस्टल्स जोड़ों में जमने लगते हैं। बेहतर होगा कि आप इनकी जगह हर्बल टी या सादे पानी को प्राथमिकता दें।

3. फिजिकल एक्टिविटी और एक्सरसाइज की कमी

आलस और शारीरिक व्यायाम न करना आपके मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देता है। मेटाबॉलिज्म सुस्त होने से शरीर यूरिक एसिड को प्रोसेस नहीं कर पाता। रोजाना कम से कम 30 मिनट की वॉक या एक्सरसाइज आपके शरीर के ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करती है और यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद करती है।

4. डाइट में मीठे की अधिक मात्रा

बहुत अधिक मीठा या फ्रुक्टोज युक्त खाद्य पदार्थ यूरिक एसिड को शरीर में ‘फिक्स’ कर देते हैं। शुगर के क्रिस्टल्स यूरिक एसिड के साथ मिलकर हड्डियों के बीच में जमा हो जाते हैं, जो बाद में गंभीर अर्थराइटिस का रूप ले लेते हैं। अपनी डाइट से प्रोसेस्ड शुगर और मीठे ड्रिंक्स को तुरंत हटा दें।

5. मांस और मछली का ज्यादा सेवन

नॉन-वेज, विशेष रूप से रेड मीट और कुछ प्रकार की मछलियों में प्यूरीन (Purine) की मात्रा बहुत अधिक होती है। जब शरीर प्यूरीन को पचाता है, तो बाय-प्रोडक्ट के रूप में यूरिक एसिड बनता है। अधिक मात्रा में मांस-मछली खाने से शरीर में प्यूरीन का बोझ बढ़ जाता है और यूरिक एसिड का स्तर खतरे के निशान से ऊपर चला जाता है।

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