‘सपने सच हों और दुआएं कबूल हों’: बकरीद पर टीएमसी सांसद सायोनी घोष ने दी शुभकामनाएं

तृणमूल कांग्रेस की चर्चित सांसद सायोनी घोष ने बकरीद (ईद-उल-अजहा) के पावन अवसर पर देशवासियों को हार्दिक बधाई दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी पोस्ट में उन्होंने सभी के लिए शांति, प्यार और खुशहाली की कामना की है।

सायोनी का संदेश: “शांति और मेलजोल की रोशनी से भर जाए दिल”

बकरीद की बधाई देते हुए सायोनी घोष ने अपने संदेश में लिखा, “ईद-उल-अजहा की हार्दिक बधाई! इस पवित्र दिन पर, सपने सच हों और दुआएं ऊपर वाले कबूल करें। सभी का दिल प्यार, शांति और मेलजोल की रोशनी से भर जाए।” उनके साथ ही टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने भी सोशल मीडिया के जरिए जनता को ईद की मुबारकबाद दी और इसे उम्मीद व खुशी का मौका बताया।

चुनावी रैलियों में ‘काबा-मदीना’ गाने से चर्चा में आई थीं सायोनी

सायोनी घोष का नाम 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान खासी सुर्खियों में रहा था। चुनावी प्रचार के दौरान उन्होंने मंच से ‘मेरे दिल में है काबा, आंखों में मदीना’ गीत गाया था, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

इस गीत के बाद बंगाल की राजनीति में एक नई बहस छिड़ गई थी:

  • विपक्ष का आरोप: भाजपा और अन्य विपक्षी दलों ने इसे मुस्लिम वोट बैंक को साधने की एक ‘ध्रुवीकरण’ वाली कोशिश करार दिया था।

  • टीएमसी का तर्क: तृणमूल समर्थकों का मानना था कि यह बंगाल की साझी संस्कृति और सांप्रदायिक सौहार्द की परंपरा का हिस्सा है।

चुनावी हार और ‘गाना’

बंगाल चुनाव में टीएमसी की हार के बाद, राजनीतिक विशेषज्ञों ने सायोनी घोष के इस चुनावी प्रचार के अंदाज को भी विश्लेषण का विषय बनाया था। कई जानकारों का मानना था कि इस तरह के प्रचार से एक विशेष वर्ग का समर्थन तो मिला, लेकिन एक बड़ा तबका इससे दूर हो गया, जो चुनाव परिणामों में भी झलका। बावजूद इन विवादों के, सायोनी घोष टीएमसी की एक मुखर और चर्चित नेता के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए हैं।

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