क्या आपके घर में भी हैं चूहे? कहीं बन न जाए जानलेवा हंतावायरस का कारण, एक्सपर्ट्स से जानें बचाव का तरीका

हंतावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम (Hantavirus Pulmonary Syndrome): क्या आपने कभी सोचा है कि घर में दौड़ते-भागते चूहे सिर्फ सामान ही खराब नहीं करते, बल्कि एक गंभीर जानलेवा बीमारी को भी न्योता दे सकते हैं? हाल के दिनों में हंतावायरस को लेकर दुनिया भर में चर्चा तेज हो गई है। चिकित्सा विज्ञान में इसे ‘हंतावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम’ कहा जाता है। यह एक ऐसा खतरनाक वायरल संक्रमण है जो मुख्य रूप से संक्रमित चूहों के संपर्क में आने से इंसानों तक पहुंचता है। अगर आपके घर में भी चूहों का आतंक है, तो यह खबर आपके लिए अलर्ट साबित हो सकती है।

कैसे फैलता है हंतावायरस का संक्रमण?

विशेषज्ञों के मुताबिक, हंतावायरस का प्रसार संक्रमित चूहों के मल, मूत्र और लार के जरिए होता है। खतरा तब सबसे ज्यादा बढ़ जाता है जब इन संक्रमित पदार्थों के सूखने के बाद उनके कण हवा में मिल जाते हैं और अनजाने में मनुष्य इन्हें सांस के जरिए अपने शरीर के अंदर ले लेते हैं। खासकर लंबे समय से बंद पड़े कमरे, गोदाम या गंदगी वाली जगहें इस वायरस के पनपने के लिए अनुकूल मानी जाती हैं। यदि आप ऐसी जगहों की बिना सावधानी के सफाई करते हैं, तो संक्रमण का जोखिम काफी बढ़ जाता है।

घर में चूहों के खतरे को ऐसे पहचानें

घर में चूहों की मौजूदगी को बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। यदि आपको घर के किसी कोने में अजीब सी दुर्गंध महसूस हो रही है या खाने-पीने की चीजों के अलावा सामानों को कुतरने के निशान दिख रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। यह चूहों के बढ़ते उपद्रव का स्पष्ट संकेत है। बंद पड़े कमरों को लंबे समय बाद खोलने से पहले पूरी सावधानी बरतें। सफाई के दौरान कोशिश करें कि आप मास्क का उपयोग करें, क्योंकि धूल और हवा के कणों के जरिए वायरस आपके श्वसन तंत्र तक पहुंच सकता है। यदि किसी व्यक्ति को अचानक तेज बुखार, मांसपेशियों में असहनीय दर्द या अत्यधिक थकान महसूस हो रही है, तो इसे सामान्य वायरल न समझें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

क्या भारत में हंतावायरस का खौफ है?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या भारत में रहने वाले लोगों को इससे डरने की जरूरत है? प्रसिद्ध महामारी विशेषज्ञ डॉ. जुगल किशोर का इस पर स्पष्ट मत है। वे कहते हैं कि भारत के अधिकांश घरों में चूहों का पाया जाना सामान्य बात है, लेकिन इसका अर्थ यह कतई नहीं है कि हंतावायरस यहां बड़ी समस्या बन चुका है। फिलहाल भारत में हंतावायरस का कोई पुख्ता मामला सामने नहीं आया है। साथ ही, यह समझना जरूरी है कि हर चूहा संक्रमित नहीं होता। लाखों चूहों में से बहुत कम संख्या में ही यह वायरस पाया जाता है। इसलिए घबराने के बजाय सावधानी और स्वच्छता अपनाना ही इस खतरे से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।

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