
उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की तैयारियों के बीच योगी आदित्यनाथ सरकार ग्रामीण क्षेत्रों की मतदाता सूची में होने वाली मनमानी और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए बड़ा नीतिगत बदलाव करने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 5, कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पर बुलाई गई कैबिनेट बैठक में पंचायती राज विभाग के इस अहम प्रस्ताव को मंजूरी के लिए पेश किया जा रहा है। अक्सर पंचायत चुनावों से पहले रसूखदार प्रत्याशियों द्वारा अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर बाहरी लोगों के नाम स्थानीय ग्राम पंचायत की वोटर लिस्ट में जुड़वाने या वास्तविक मतदाताओं के नाम कटवाने की शिकायतें आती रही हैं। सरकार की इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य वोटर लिस्ट तैयार करने की प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता लाना और स्थानीय स्तर पर होने वाली प्रशासनिक मनमानी को हमेशा के लिए समाप्त करना है।
‘उत्तर प्रदेश पंचायती राज सामान्य निवास अवधारणा नियमावली-2026’ का मसौदा
प्रस्तावित नियमों के तहत कैबिनेट के समक्ष ‘उत्तर प्रदेश पंचायती राज सामान्य निवास अवधारणा नियमावली-2026’ को लागू करने का प्रस्ताव रखा गया है। इस नई नियमावली के प्रभाव में आने के बाद किसी भी व्यक्ति को किसी गांव का मतदाता बनने के लिए ‘सामान्य निवास’ (Ordinary Resident) के कड़े और स्पष्ट मानकों को पूरा करना अनिवार्य होगा। इसके तहत निवास के सत्यापन के लिए दस्तावेजों और भौतिक जांच की प्रक्रिया को कड़ा किया जाएगा। पंचायती राज अधिनियम में संशोधन के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जब तक कोई नागरिक वास्तविक रूप से उस गांव का स्थायी या सामान्य निवासी न हो, उसका नाम पंचायत की मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जा सकेगा।
शिक्षकों को कैशलेस इलाज और पीपीपी मॉडल पर अस्पताल
पंचायत वोटर लिस्ट के अलावा कैबिनेट के एजेंडे में 21 से अधिक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी शामिल किए गए हैं:
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शिक्षकों व संविदा कर्मियों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा: प्रदेश के माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत काम करने वाले नियमित और संविदा कर्मियों (शिक्षामित्र, अनुदेशक आदि) को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का प्रस्ताव लाया गया है, जिससे लगभग पौने दो लाख कर्मचारियों और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
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अस्पतालों का पीपीपी मॉडल पर संचालन: प्रदेश के विभिन्न जिलों में 200 बेड वाले चार बड़े चिकित्सालयों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मोड पर संचालित करने का निर्णय भी कैबिनेट एजेंडे में है।
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रोबोटिक्स पार्क और नवाचार: राज्य में आधुनिक तकनीकी निवेश को गति देने के लिए रोबोटिक्स पार्क की स्थापना और साइबर सुरक्षा केंद्रों से जुड़े प्रस्तावों पर भी मुहर लगने की संभावना है।
विपक्ष के आरोपों और सुप्रीम कोर्ट की बहसों के बीच बड़ा कदम
मौजूदा समय में पूरे देश सहित उत्तर प्रदेश में मतदाता सूचियों में कथित विसंगतियों को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है और यह मामला सर्वोच्च न्यायालय तक भी पहुंच चुका है। ऐसे माहौल में राज्य सरकार द्वारा पंचायत स्तर पर नियमों को सख्त करने का यह कदम राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। नियम स्पष्ट होने से न केवल फर्जी वोटिंग पर अंकुश लगेगा, बल्कि चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन पर लगने वाले पक्षपात के आरोपों की गुंजाइश भी काफी हद तक समाप्त हो सकेगी।
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