
सर्दियों की शुरुआत के साथ ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और समूचे एनसीआर में गहराने वाले खतरनाक वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने कड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। 1 नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली की सीमाओं पर गैर-बीएस 6 (Non-BS VI) बाहरी वाहनों के प्रवेश पर व्यापक पाबंदी लागू की जा रही है। इस नए नियम का सबसे गंभीर असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले पर पड़ा है। परिवहन विभाग के ताजा आकलनों के अनुसार, सहारनपुर में पंजीकृत कुल वाहनों में से लगभग 80 प्रतिशत गाड़ियां इस मानक को पूरा नहीं करती हैं, जिसके चलते 1 नवंबर से वे सीधे तौर पर दिल्ली की सीमा में प्रवेश नहीं कर पाएंगी।
सिर्फ 20% वाहन ही मानकों पर खरे, 2020 से पहले की गाड़ियां प्रभावित
सहारनपुर परिवहन विभाग (RTO) के आंकड़ों के मुताबिक, जिले में पंजीकृत कुल वाहनों में से केवल 20 फीसदी गाड़ियां ही बीएस-6 (BS-VI) मानकों वाली हैं। देश में बीएस-6 उत्सर्जन मानक अप्रैल 2020 से अनिवार्य किए गए थे। इसका सीधा अर्थ यह है कि 2020 से पहले खरीदे गए अधिकांश वाहन बीएस-3 या बीएस-4 श्रेणी के हैं।
सहारनपुर एआरटीओ (प्रवर्तन) एमपी सिंह के अनुसार, नए नियमों के तहत 1 नवंबर से दिल्ली में केवल:
-
सीएनजी (CNG) चालित वाहन
-
इलेक्ट्रिक वाहन (EV)
-
बीएस-6 (BS-VI) मानक वाले पेट्रोल और डीजल वाहन
इन्हीं तीन श्रेणियों के वाहनों को राजधानी में एंट्री दी जाएगी। इसके अलावा पुराने सभी वाणिज्यिक (कमर्शियल) और निजी वाहन प्रतिबंध के दायरे में रहेंगे।
व्यापार, फल-सब्जी सप्लाई और आम यात्रियों पर पड़ेगा सीधा असर
सहारनपुर से रोजाना हजारों की संख्या में छोटे-बड़े कमर्शियल वाहन, ट्रक, कैब और निजी गाड़ियां फल-सब्जियां, औद्योगिक माल, लकड़ी के हस्तशिल्प और कृषि उत्पाद लेकर दिल्ली की आजादपुर मंडी व अन्य बाजारों में पहुंचते हैं। 80 फीसदी गाड़ियों के बाहर होने से ट्रांसपोर्टरों और व्यापारियों में हड़कंप मच गया है।
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशनों का कहना है कि अचानक बिना पर्याप्त समय और वैकल्पिक इंतजाम के इस तरह का प्रतिबंध लगाने से माल ढुलाई का किराया बढ़ सकता है और सप्लाई चेन बाधित होने से जरूरी सामानों की कीमतों में उछाल आ सकता है। परिवहन विभाग अब जगह-जगह एडवाइजरी जारी कर वाहन स्वामियों और ट्रांसपोर्टरों को पहले से सतर्क कर रहा है।
दिल्ली बॉर्डर पर AI कैमरों का पहरा, भारी चालान का प्रावधान
दिल्ली पुलिस और परिवहन विभाग ने राजधानी के सभी प्रमुख बॉर्डरों (गाजीपुर, अप्सरा, टिकरी, सिंघु, बदरपुर) पर निगरानी बढ़ा दी है:
-
ANPR कैमरे: बॉर्डर चेकपॉइंट्स पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरे लगाए गए हैं, जो सीमा में प्रवेश करते ही गाड़ी की नंबर प्लेट स्कैन कर उसके उत्सर्जन मानक (BS नॉर्म्स) की पहचान कर लेंगे।
-
भारी जुर्माना: गैर-अनुपालन वाले वाहनों और प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत ₹10,000 से लेकर ₹20,000 तक के भारी चालान और वाहन जब्ती का प्रावधान किया गया है।
-
नो पीयूसी, नो फ्यूल: दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC) न होने पर ईंधन न देने की नीति भी साथ ही लागू हो रही है।
अपनी गाड़ी का स्टेटस कैसे जांचें
यदि आप 1 नवंबर के बाद दिल्ली जाने की योजना बना रहे हैं, तो अपने वाहन के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) पर दर्ज ‘Emission Norms’ की जांच अवश्य कर लें। इसके अलावा केंद्र सरकार के mParivahan ऐप या परिवहन सेवा पोर्टल पर गाड़ी का नंबर दर्ज करके भी यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि वाहन BS-VI, CNG या EV श्रेणी में आता है या नहीं। नियम के दायरे में न आने वाले वाहन चालकों को दिल्ली यात्रा के लिए मेट्रो, अनुमत बस सेवाओं या ट्रेन का सहारा लेने की सलाह दी गई है।
Shashwat Lokwarta – State News,Up News देश-दुनिया