
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में बीएलओ (Booth Level Officer) पर बढ़ते प्रशासनिक दबाव और ‘एसआईआर-2026’ (SIR-2026) के क्रियान्वयन को लेकर योगी सरकार को आड़े हाथों लिया है। फतेहपुर में एक शिक्षामित्र बीएलओ द्वारा की गई आत्महत्या के मामले को उठाते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि अधिकारियों द्वारा बीएलओ पर न केवल काम का बोझ डाला जा रहा है, बल्कि उनसे ‘गलत काम’ कराने का दबाव भी बनाया जा रहा है।
‘एसआईआर-2026’ और फर्जी नामों का खेल?
अखिलेश यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में बीएलओ पर दोतरफा दबाव है:
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नया फर्जीवाड़ा: पहले फॉर्म-7 के जरिए सही मतदाताओं के नाम कटवाने का दबाव था, और अब फॉर्म-6 के माध्यम से नए फर्जी नाम जोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है।
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नैतिक संकट: सपा प्रमुख के अनुसार, अधिकतर बीएलओ का मन ऐसे गलत कामों के लिए गवाही नहीं देता, जिससे वे मानसिक रूप से टूट रहे हैं और हताश होकर आत्महत्या जैसा कदम उठा रहे हैं।
फतेहपुर सुसाइड केस: ‘जीवनमुक्ति’ पत्र ने हिलाया प्रदेश
फतेहपुर के बिंदकी (ग्राम अलियाबाद) में शिक्षामित्र बीएलओ अखिलेश कुमार सविता की आत्महत्या का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा:
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सुसाइड नोट: मृतक ने ‘एसआईआर-2026 जीवनमुक्ति’ शीर्षक से सुसाइड नोट लिखा है।
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बेटी की शादी: 10 दिन बाद मृतक की बेटी की शादी थी, लेकिन अधिकारियों ने एसआईआर के काम का हवाला देकर उन्हें छुट्टी देने से मना कर दिया।
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संवेदनहीनता: अखिलेश यादव ने कहा, “बेटी की शादी की जिम्मेदारी क्या होती है, यह वही समझ सकता है जिसका अपना परिवार हो। भाजपा ने अधिकारियों को हृदयहीन बना दिया है।”
बीएलओ से भावुक अपील: ‘आपका जीवन अनमोल है’
अखिलेश यादव ने प्रदेश के सभी बीएलओ और कर्मचारियों से अपील की है कि वे किसी भी दबाव में आकर निराश न हों। उन्होंने कहा:
“निराश-हताश न हों, आपका जीवन आपके परिवार के लिए अनमोल है। इतिहास गवाह है कि ऐसी निर्मम सत्ताओं का पतन निश्चित है। भाजपा को इस पाप का महापाप लगेगा।”
लखनऊ में भी प्रदर्शन की चेतावनी
राजधानी लखनऊ में भी एसआईआर के काम को लेकर तनाव बढ़ रहा है। बीएलओ के लापता होने और उन पर अत्यधिक दबाव के विरोध में कर्मचारी संगठनों ने तीन दिन के भीतर समाधान न होने पर बड़े प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
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