UP Weather, 31 August: यूपी में झमाझम बारिश की संभावना, पूर्वांचल में भारी वर्षा और वज्रपात का अलर्ट

उत्तर प्रदेश में अगस्त के अंतिम दिन मॉनसून ने एक बार फिर जोरदार वापसी की है। पिछले कुछ दिनों से उमस भरी गर्मी और तेज धूप का सामना कर रहे प्रदेशवासियों के लिए राहत की खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने एक सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र (Well-Marked Low Pressure Area) और उत्तर प्रदेश से होकर गुजर रही मॉनसून ट्रफ लाइन के प्रभाव से राज्य के मौसम में बड़ा बदलाव आया है। 31 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश (पूर्वांचल) के अधिकांश जिलों में मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली गिरने (Thunderstorm & Lightning) का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बारिश का यह सिलसिला केवल 31 अगस्त तक सीमित नहीं रहेगा। सितंबर के पहले सप्ताह (1 सितंबर से 6 सितंबर) के दौरान राज्यभर में मॉनसूनी गतिविधियों में और तेजी आएगी। पूर्वांचल और मध्य यूपी के संभागों में अगले 5 से 7 दिनों के दौरान लगभग 100 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की जा सकती है। इस सक्रिय मौसमी तंत्र के कारण प्रदेश के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जाएगी और लोगों को चिपचिपी उमस से बड़ी राहत मिलेगी।

बंगाल की खाड़ी में बना वेल-मार्क्ड लो-प्रेशर और मॉनसून ट्रफ: यूपी में क्यों सक्रिय हुआ मौसमी सिस्टम?

लखनऊ मौसम केंद्र और आईएमडी के सिनॉप्टिक बुलेटिन के अनुसार, वर्तमान में उत्तर भारत के वायुमंडल में दो से तीन प्रमुख मौसमी प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं:

  • उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में गहरा कम दबाव का क्षेत्र: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तट पर बना निम्न दबाव क्षेत्र अब ‘वेल-मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया’ में तब्दील हो चुका है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) समुद्र तल से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है, जो भारी नमी वाली हवाओं को ओडिशा, झारखंड और बिहार होते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर धकेल रहा है।

  • यूपी के ऊपर से गुजर रही मॉनसून ट्रफ लाइन: समुद्र तल पर मॉनसून की अक्षीय रेखा (Trough Line) अमृतसर, मुजफ्फरनगर, हरदोई, गोरखपुर, पटना और बांकुड़ा से होते हुए बंगाल की खाड़ी के कम दबाव केंद्र तक जा रही है। हरदोई, कानपुर और गोरखपुर के ऊपर से ट्रफ लाइन गुजरने के कारण मध्य और पूर्वी यूपी में घने बादलों का जमावड़ा बना हुआ है।

  • पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव: उत्तरी पाकिस्तान और जम्मू संभाग के ऊपर समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में मौजूद है, जिसके चलते पश्चिमी यूपी के तराई और मैदानी इलाकों में भी बादलों की सक्रियता बनी हुई है।

पूर्वांचल में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट: इन जिलों में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा

मौसम विभाग ने 31 अगस्त और 1 सितंबर के लिए विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है:

  • ऑरेंज अलर्ट वाले जिले: गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, संत कबीर नगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, बलिया, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर और सोनभद्र में कुछ स्थानों पर बादलों की तेज गर्जना के साथ भारी से बहुत भारी वर्षा होने की प्रबल संभावना है।

  • येलो अलर्ट वाले जिले: प्रयागराज, प्रतापगढ़, कौशाम्बी, फतेहपुर, जौनपुर, भदोही, अयोध्या, सुल्तानपुर, अंबेडकर नगर, अमेठी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर और गोंडा में मध्यम से तेज बारिश के साथ वज्रपात (Thunderbolt) की चेतावनी दी गई है।

  • मध्य यूपी का मिजाज: कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली और हरदोई में आसमान में घने काले बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ेंगी।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम?

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मॉनसून पूर्वी संभाग की तुलना में थोड़ा कम आक्रामक रहेगा, लेकिन यहां भी बादलों की आवाजाही और छिटपुट बारिश का दौर जारी रहेगा:

  • एनसीआर और ब्रज क्षेत्र: नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, मथुरा, आगरा और अलीगढ़ में आंशिक से सामान्य रूप से बादल छाए रहेंगे। स्थानीय स्तर पर नमी के कारण 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चल सकती हैं और दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की बौछारें पड़ सकती हैं।

  • रुहेलखंड और तराई क्षेत्र: बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, मुरादाबाद, रामपुर, बिजनौर और सहारनपुर में अगले 48 घंटों के दौरान कहीं-कहीं तेज बारिश की संभावना बनी हुई है।

अगले सात दिनों (31 अगस्त से 6 सितंबर) का संपूर्ण मौसम पूर्वानुमान

आईएमडी के सात दिवसीय सांख्यिकीय मॉडल के अनुसार उत्तर प्रदेश में 6 सितंबर तक बारिश का दौर लगातार जारी रहेगा:

तारीख / दिन पूर्वी उत्तर प्रदेश (पूर्वांचल) पश्चिमी उत्तर प्रदेश मौसमी चेतावनी
31 अगस्त (सोमवार) अनेक स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पूर्वांचल में भारी वर्षा व बिजली गिरने का अलर्ट
01 सितंबर (मंगलवार) अधिकांश स्थानों पर झमाझम बारिश कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश वज्रपात व तेज हवाओं का येलो अलर्ट
02 सितंबर (बुधवार) व्यापक वर्षा और बादल छिटपुट स्थानों पर वर्षा निचले इलाकों में जलभराव की संभावना
03 सितंबर (गुरुवार) अनेक स्थानों पर मध्यम बारिश कुछ स्थानों पर वर्षा का दायरा बढ़ेगा आंधी-तूफान और गरज-चमक
04 सितंबर (शुक्रवार) संभाग में कई जगह हल्की/मध्यम वर्षा कई स्थानों पर वर्षा उमस में भारी गिरावट
05 सितंबर (शनिवार) रुक-रुक कर बारिश का दौर कुछ स्थानों पर बौछारें सामान्य मॉनसूनी गतिविधियां
06 सितंबर (रविवार) आसमान में बादल, छिटपुट वर्षा मौसम सामान्यतः शुष्क व बादल तापमान में स्थिरता

तापमान का हाल: उमस भरी गर्मी से राहत, जानिए प्रमुख शहरों का पारा

लगातार हो रही बारिश और ठंडी पुरवैया हवाओं के चलने से पूरे प्रदेश के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है:

  • लखनऊ: अधिकतम तापमान 32°C और न्यूनतम तापमान 26°C के आसपास रहने का अनुमान है।

  • कानपुर: अधिकतम तापमान 33°C और न्यूनतम 25.5°C दर्ज किया गया।

  • वाराणसी व प्रयागराज: अधिकतम तापमान 31°C से 32.5°C और न्यूनतम 25°C रहने का अनुमान है।

  • गोरखपुर: अधिकतम तापमान 32°C के करीब रहेगा, दिनभर घने बादल छाए रहेंगे।

  • आगरा व मेरठ: अधिकतम तापमान 34°C से 35°C और न्यूनतम तापमान 26°C के आसपास रहेगा।

  • नोएडा/गाजियाबाद: अधिकतम पारा 34°C और न्यूनतम 26.5°C के बीच बना रहेगा।

किसानों और आम नागरिकों के लिए एडवाइजरी: आकाशीय बिजली से बचाव के जरूरी नियम

चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (CSA) कानपुर और मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों व ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों के लिए सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

  • धान की फसल के लिए अमृत बनेगी बारिश: कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश धान (Paddy), तिलहन, मक्का और गन्ने की फसलों के लिए संजीवनी साबित होगी। इससे भूजल का स्तर सुधरेगा और किसानों को नलकूप चलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि दलहनी फसलों वाले खेतों से जल निकासी का उचित प्रबंध रखने की सलाह दी गई है।

  • आकाशीय बिजली से सुरक्षा: बारिश या बादलों की तेज गड़गड़ाहट के दौरान खेतों में खुले में काम करने से बचें। किसी भी स्थिति में ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों, टीन शेड या मोबाइल टावरों के नीचे शरण न लें।

  • शहरी क्षेत्रों में जलभराव से सतर्कता: भारी बारिश के दौरान महानगरों में अंडरपास, सीवर लाइनों और खुले गड्ढों से दूरी बनाकर वाहन चलाएं। दोपहिया वाहन चालकों को फिसलन से बचने के लिए धीमी गति में चलने की सलाह दी गई है।

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