
उत्तर प्रदेश में उमस और चिपचिपी गर्मी से बेहाल लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसमी तंत्र (Low Pressure System) के चलते राज्य में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत से सक्रिय हो गया है। आज 11 सितंबर से अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, बादलों की गरज-चमक और झमाझम बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी तेज हवाएं चल सकती हैं। आंधी और बारिश के इस दौर से दिन और रात के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जाएगी। इससे पिछले कई दिनों से तीखी धूप और 80 फीसदी से ऊपर चल रही आर्द्रता (ह्यूमिडिटी) के कारण हो रही असहनीय उमस से आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।
अगले 48 घंटे इन जिलों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों संभागों में मौसम का मिजाज बदला रहेगा। विशेष रूप से तराई और मध्यवर्ती जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
राजधानी लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, अयोध्या, बहराइच, बाराबंकी, गोंडा, बस्ती, बलिया और गाजीपुर समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश इलाकों में अगले दो दिनों तक रुक-रुक कर तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) की प्रबल आशंका है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, झांसी और बरेली में भी गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने और अंधड़ चलने के आसार हैं। बीते 24 घंटों में भी प्रदेश के कई जिलों में बादलों की आवाजाही रही और कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिससे मौसम का रुख बदल गया है।
पारे में आएगी गिरावट: जानें कैसा रहेगा तापमान का हाल
बारिश और बादलों के डेरे के चलते प्रदेश भर में अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आएगी। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जहां पिछले दिनों कई जिलों में पारा 36 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था, वहीं अब अगले 48 घंटों में अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास सिमटने की उम्मीद है। रात का न्यूनतम तापमान भी गिरकर 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा सकता है।
हवा में ठंडक बढ़ने से सुबह और शाम के समय मौसम बेहद सुहावना रहेगा। हालांकि, रुक-रुक कर होने वाली बारिश से निचले इलाकों और प्रमुख शहरों की सड़कों पर जलभराव की समस्या भी पैदा हो सकती है।
आकाशीय बिजली और आंधी को लेकर मौसम विभाग की सख्त एडवाइजरी
खराब मौसम और आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन और मौसम विभाग ने नागरिकों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
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आंधी और बादलों की तेज गड़गड़ाहट के समय खुले मैदानों, बड़े पेड़ों और टीन शेड के नीचे खड़े होने से बचें।
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किसान भाई खेतों में काम करते समय मौसम खराब होते ही तुरंत पक्के मकानों या सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।
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तेज हवाओं के दौरान जर्जर इमारतों, बिजली के खंभों और होर्डिंग्स के पास गाड़ियां पार्क न करें।
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जलभराव वाले रास्तों पर यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें और वाहन की गति नियंत्रित रखें।
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