मेरठ/बागपत। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में बीते कुछ दिनों से जारी उमस और तेज धूप के बीच गुरुवार को मौसम ने अचानक करवट बदल ली। दोपहर बाद छाई काली घटाओं ने दिन में ही अंधेरे जैसा अहसास करा दिया और शाम होते-होते तेज आंधी के साथ बारिश और ओलावृष्टि ने दस्तक दे दी। इस बदलाव से जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं मेरठ समेत कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मौसम विभाग की मानें तो बारिश और आंधी का यह सिलसिला 6 मई तक रुक-रुककर जारी रह सकता है।
60 किमी की रफ्तार से चली आंधी, कई जिलों में ओले गिरे
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और बिजनौर में गुरुवार को 30 से 60 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चली। बुलंदशहर के सिकंदराबाद और खुर्जा में भारी ओलावृष्टि दर्ज की गई, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई है। हालांकि, खुर्जा में पेड़ गिरने से एक दुखद घटना में एक वृद्ध महिला की जान चली गई। बागपत में करीब आधे घंटे तक हुई झमाझम बारिश और ओलों के कारण दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर जलभराव की स्थिति बन गई।
तापमान में गिरावट, लेकिन प्रदूषण ने बढ़ाई चिंता
मेरठ में अधिकतम तापमान 34.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.4 डिग्री कम है। बारिश के बाद न्यूनतम तापमान में भी गिरावट आई है, जिससे रात में ठंडक का अहसास हो रहा है। लेकिन चिंता की बात यह है कि मेरठ 237 एक्यूआई (AQI) के साथ उत्तर प्रदेश का सबसे प्रदूषित और देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रिकॉर्ड किया गया।
बिजली संकट और आम के बागों को नुकसान
मुजफ्फरनगर और आसपास के इलाकों में तेज आंधी के कारण हाईटेंशन लाइनों में ब्रेकडाउन हो गया, जिससे 110 बिजलीघर ठप रहे और 80 से अधिक गांवों की बिजली गुल हो गई। आंधी और ओलावृष्टि ने आम के बागानों को भी काफी नुकसान पहुंचाया है, जिससे बागवानों की चिंता बढ़ गई है।
4 मई से फिर दिखेगा मौसम का रौद्र रूप
लखनऊ मौसम विभाग के अनुसार, वेस्ट यूपी में राहत का यह दौर लंबा खिंच सकता है। 3 मई के बाद मौसम फिर से करवट लेगा। विशेषकर 4 मई से 6 मई के बीच तेज मेघगर्जन, वज्रपात (आकाशीय बिजली) और 60 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चलने वाली झोंकेदार हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
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