पाकिस्तान और अफगानिस्तान में ‘आर-पार’ की जंग, डूरंड लाइन पर बरसाए बम…

इस्लामाबाद/काबुल। दक्षिण एशिया के दो पड़ोसी मुल्कों, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव अब ‘खुली जंग’ में तब्दील हो गया है। विवादित डूरंड लाइन पर पिछले कई घंटों से भारी गोलाबारी और हवाई हमले जारी हैं, जिससे सीमावर्ती इलाकों में भारी तबाही की खबर है। पाकिस्तानी वायुसेना द्वारा अफगान सीमा के भीतर किए गए हवाई हमलों ने आग में घी डालने का काम किया है, जिसके जवाब में तालिबान लड़ाकों ने भी अत्याधुनिक हथियारों से पाकिस्तानी चौकियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। इस सैन्य टकराव ने पूरे क्षेत्र में अस्थिरता का माहौल पैदा कर दिया है, जिससे युद्ध के और भी भीषण होने की आशंका गहरा गई है।

पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक से दहला अफगानिस्तान

ताजा घटनाक्रम के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने डूरंड लाइन के पास स्थित अफगान ठिकानों पर भारी बमबारी की है। पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों और लंबी दूरी की तोपों ने सीमा के पार कई रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया, जिसमें संपत्ति के साथ-साथ जान-माल का भी भारी नुकसान हुआ है। पाकिस्तान का दावा है कि वह अपनी सीमा में हो रहे आतंकी हमलों के जवाब में ‘प्रिसिजन स्ट्राइक’ कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। इन हमलों के बाद सीमा पर धुएं के गुबार और चीख-पुकार का मंजर साफ देखा जा सकता है।

तालिबान का ‘कड़ा पलटवार’ और डूरंड लाइन पर कोहराम

हवाई हमलों के तुरंत बाद तालिबान सरकार के रक्षा मंत्रालय ने जवाबी कार्रवाई का आदेश दे दिया। तालिबान के लड़ाकों ने भारी मशीनगनों और मोर्टार से पाकिस्तानी सेना की अग्रिम चौकियों पर हमला बोल दिया है। काबुल से जारी एक कड़े बयान में तालिबान ने कहा है कि वह अपनी संप्रभुता की रक्षा करना बखूबी जानता है और पाकिस्तान को इस हिमाकत का भारी खामियाजा भुगतना होगा। डूरंड लाइन, जो दशकों से दोनों देशों के बीच विवाद की जड़ रही है, अब पूरी तरह से युद्ध के मैदान में तब्दील हो चुकी है, जहां दोनों ओर से भारी सैन्य तैनाती की गई है।

भारत ने जताई चिंता: आम नागरिकों की मौत की कड़ी निंदा

पड़ोसी मुल्कों के बीच भड़के इस युद्ध पर भारत ने अपनी पैनी नजर बनाए रखी है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर अफगानिस्तान में हो रहे हमलों में आम नागरिकों (Sovereign Civilians) की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। भारत ने स्पष्ट रूप से इन हमलों में हो रही निर्दोषों की हत्या की कड़ी निंदा की है और दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। नई दिल्ली ने इस बात पर जोर दिया है कि हिंसा और आतंकवाद किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकते, और निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है।

खतरे में दक्षिण एशिया की शांति

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष तुरंत नहीं थमा, तो यह एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है। पाकिस्तान की आंतरिक राजनीतिक अस्थिरता और तालिबान की आक्रामक विस्तारवादी नीति ने इस संकट को और जटिल बना दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस समय स्थिति पर नजर रखे हुए है, क्योंकि इन दोनों परमाणु और सैन्य शक्तियों के बीच टकराव का सीधा असर वैश्विक सुरक्षा और व्यापार मार्गों पर पड़ सकता है। फिलहाल, सीमा पर दोनों ओर से टैंकों और भारी हथियारों की गूंज सुनाई दे रही है।

Check Also

ट्रंप का ‘मिजाज’ फिर बदला: ईरान पर हमले की दी धमकी, ‘शहादत’ के लिए तैयार तेहरान ने किया पलटवार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान को लेकर रुख किसी पेंडुलम की तरह लगातार बदल …