उत्तर प्रदेश में मौसम का तांडव: आंधी-तूफान और ओलावृष्टि से 31 लोगों की दर्दनाक मौत, 1 जून तक अलर्ट जारी

उत्तर प्रदेश में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ने भारी तबाही मचाई है। गुरुवार देर रात और शुक्रवार तड़के राज्य के विभिन्न हिस्सों में आई तेज आंधी, तूफान, ओलावृष्टि और आसमानी बिजली (गाज) गिरने से कुल 31 लोगों की जान चली गई है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 1 जून तक प्रदेश के कई जिलों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

कहां-कहां हुआ कितना नुकसान?

प्रदेश भर से सामने आ रही रिपोर्टों के अनुसार, मौतों का आंकड़ा काफी दुखद है:

  • प्रयागराज मंडल: 9 मौतें।

  • बुंदेलखंड क्षेत्र: 8 मौतें (बांदा में 4, उरई में 2, हमीरपुर व महोबा में 1-1)।

  • पूर्वांचल: 6 मौतें।

  • ब्रज क्षेत्र: 4 मौतें।

  • अवध क्षेत्र: 2 मौतें।

  • सहारनपुर: शाकंभरी देवी मंदिर क्षेत्र में नदी में अचानक आए उफान से दो महिलाओं की डूबने से मौत हो गई। यहाँ बाढ़ के कारण वाहन और अस्थायी पुल भी बह गए।

  • लखनऊ: चारबाग रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म शेड गिरने से एक टीटीई समेत तीन लोग घायल हो गए।

हीट वेव से मिली राहत, लेकिन खतरा अभी बरकरार

16 मई से प्रदेश में जारी भीषण लू (हीट वेव) के दौर पर अब ब्रेक लग गया है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के कई जिलों में तापमान में 6 से 10 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है:

  • तापमान: कानपुर में मात्र 7 मिमी बारिश से ही तापमान में 7 डिग्री की गिरावट आई। अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री से घटकर 35.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री से गिरकर 21.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है।

  • राहत: कम से कम 3 जून तक लू से राहत की संभावना है।

मौसम विभाग की चेतावनी:

विभाग के अनुसार, शनिवार और रविवार को भी आंधी-पानी की प्रबल संभावना बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें, पेड़ या जर्जर इमारतों के नीचे आश्रय न लें और बिजली के खंभों व तारों से दूर रहें।

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