
नई दिल्ली। चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है, क्योंकि इसी पावन दिन साहस, शक्ति और अटूट भक्ति के प्रतीक भगवान हनुमान का अवतरण हुआ था। साल 2026 में हनुमान जन्मोत्सव (Hanuman Janmotsav 2026) का पर्व बेहद खास संयोग लेकर आ रहा है। संकटमोचन की कृपा पाने के लिए भक्त अभी से तैयारियों में जुट गए हैं। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस बार उदया तिथि के मान और ग्रहों की विशेष स्थिति के कारण बजरंगबली की पूजा का फल कई गुना बढ़ जाएगा। आइए जानते हैं कि साल 2026 में हनुमान जन्मोत्सव किस तारीख को है और पूजा का सबसे उत्तम समय क्या रहेगा।
2 अप्रैल 2026 को मनेगा जन्मोत्सव, जानें तिथि का गणित
हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 1 अप्रैल 2026 को सुबह 07:06 बजे से शुरू होगी और इसका समापन 2 अप्रैल 2026 को सुबह 07:41 बजे होगा। चूंकि हिंदू धर्म में त्योहार उदया तिथि (सूर्योदय के समय मौजूद तिथि) के आधार पर मनाए जाते हैं, इसलिए हनुमान जन्मोत्सव 2 अप्रैल 2026, गुरुवार को ही पूरे देश में श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। गुरुवार का दिन भगवान विष्णु का होता है और हनुमान जी उनके अवतार श्री राम के अनन्य भक्त हैं, ऐसे में गुरुवार को जन्मोत्सव का होना एक दुर्लभ और शुभ संयोग है।
पूजा का महामुहूर्त: सुबह 6 बजे से ही शुरू हो जाएगा मंगल समय
विद्वानों के अनुसार, हनुमान जी की पूजा के लिए ब्रह्म मुहूर्त और सुबह का समय सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। 2 अप्रैल को पूजा का मुख्य शुभ मुहूर्त सुबह 06:05 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक रहेगा। हालांकि, जो भक्त सुबह पूजा नहीं कर पाएंगे, वे शाम को सूर्यास्त के समय भी बजरंगबली की आराधना कर सकते हैं। मान्यता है कि इस दिन हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और बजरंग बाण का पाठ करने से जीवन के सभी ज्ञात-अज्ञात संकटों से मुक्ति मिलती है और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
चोला चढ़ाने और सिंदूर के लेप की विशेष विधि
हनुमान जन्मोत्सव के दिन बजरंगबली को चोला चढ़ाना अत्यंत फलदायी माना जाता है। इसके लिए चमेली के तेल में शुद्ध सिंदूर मिलाकर हनुमान जी की प्रतिमा पर लेप लगाएं। पूजा के दौरान उन्हें लाल फूल, जनेऊ, और मोतीचूर के लड्डू या बूंदी का भोग लगाएं। यदि संभव हो, तो इस दिन लाल रंग के वस्त्र धारण करें। महिलाएं हनुमान जी को स्पर्श न करें, वे दूर से ही दीप जलाकर और हनुमान चालीसा का पाठ कर उनकी कृपा प्राप्त कर सकती हैं। संकटमोचन को चोला चढ़ाने से शनि दोष और मंगल दोष का प्रभाव भी कम होता है।
हनुमान जन्मोत्सव पर जरूर करें ये खास उपाय
यदि आपके जीवन में लंबे समय से परेशानियां चल रही हैं, तो इस दिन पीपल के 11 पत्तों पर चंदन से ‘श्री राम’ लिखकर उनकी माला बनाकर हनुमान जी को पहनाएं। साथ ही, शाम के समय किसी हनुमान मंदिर में जाकर सरसों के तेल का दीपक जलाएं और उसमें दो लौंग डाल दें। यह उपाय शत्रुओं पर विजय दिलाने और धन आगमन की बाधाओं को दूर करने में सहायक माना जाता है। याद रखें कि हनुमान जी की पूजा में शुद्धता और सात्विकता का पालन करना अनिवार्य है।
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