मनोरंजन डेस्क: हिंदी सिनेमा का इतिहास न सिर्फ रुपहले पर्दे पर दिखाई जाने वाली कहानियों से समृद्ध है, बल्कि इसके गलियारों में कई ऐसी वास्तविक प्रेम कहानियां भी पनपीं जो हमेशा-हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गईं। ऐसी ही एक बेहद चर्चित, शिद्दत से भरी और अधूरी प्रेम कहानी थी— शो-मैन राज कपूर और ‘मदर इंडिया’ फेम नरगिस दत्त की। दोनों एक-दूसरे से बेइंतहा मोहब्बत करते थे और उनकी ऑन-स्क्रीन और ऑफ-स्क्रीन केमिस्ट्री उस दौर में टॉक ऑफ द टाउन हुआ करती थी। नरगिस राज कपूर के साथ शादी करके अपना घर बसाने का ख्वाब देख रही थीं, लेकिन एक कानूनी और सामाजिक दीवार ने उनके इस सपने को कभी पूरा नहीं होने दिया। इसी जिद में नरगिस एक बार देश के कद्दावर नेता और तत्कालीन गृह मंत्री से भी मदद मांगने पहुंच गई थीं।
प्यार के आड़े आ रही थी राज कपूर की पहली शादी
राज कपूर और नरगिस की पहली मुलाकात का किस्सा भी बेहद फिल्मी था, जहां राज कपूर नरगिस को देखते ही अपना दिल हार बैठे थे। इसके बाद जब दोनों ने आरके फिल्म्स (RK Films) के बैनर तले एक के बाद एक कई सुपरहिट फिल्मों में साथ काम किया, तो उनका प्यार परवान चढ़ने लगा। नरगिस इस रिश्ते को एक नाम देना चाहती थीं और राज कपूर की पत्नी बनना चाहती थीं।
लेकिन इस राह में सबसे बड़ा रोड़ा यह था कि राज कपूर पहले से शादीशुदा थे और उनकी पत्नी का नाम कृष्णा कपूर था। राज कपूर नरगिस से प्यार तो बहुत करते थे, लेकिन वह अपनी पत्नी कृष्णा को तलाक (Divorce) देने के लिए किसी भी कीमत पर तैयार नहीं थे। इसके अलावा राज कपूर के पिता, पृथ्वीराज कपूर भी इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे।
कानूनी रास्ता खोजने मोरारजी देसाई के पास पहुंची थीं नरगिस
जब नरगिस को राज कपूर की तरफ से कोई ठोस रास्ता नजर नहीं आया, तो उन्होंने एक ऐसा कदम उठाया जिसकी चर्चा आज भी राजनीतिक और फिल्मी गलियारों में होती है। राज कपूर को किसी भी हाल में पाने की चाहत में नरगिस बंबई (अब मुंबई) के तत्कालीन गृह मंत्री मोरारजी देसाई से मिलने उनके दफ्तर पहुंच गईं।
मशहूर लेखिका मधु जैन ने कपूर खानदान के इतिहास पर लिखी अपनी चर्चित किताब ‘फर्स्ट फैमिली ऑफ इंडियन सिनेमा: द कपूर्स’ में इस वाकये का विस्तार से जिक्र किया है। किताब के मुताबिक, नरगिस राज कपूर से शादी करने के लिए इस कदर दीवानी थीं कि उन्होंने मोरारजी देसाई से सीधे तौर पर यह सलाह मांगी थी कि वे किस तरह कानूनी रूप से एक शादीशुदा व्यक्ति (राज कपूर) से शादी कर सकती हैं और इसके लिए कानून में क्या गुंजाइश है। उन्होंने गृह मंत्री से इस मामले में मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन कानूनन ऐसा संभव नहीं था।
जब नरगिस को हुआ अहसास और ‘मदर इंडिया’ ने बदली जिंदगी
वक्त बीतने के साथ और हर तरफ से रास्ते बंद होने के बाद आखिरकार नरगिस को यह कड़वा सच समझ में आ गया कि राज कपूर अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों और समाज के डर से उनसे कभी शादी नहीं रच पाएंगे। इसके बाद नरगिस ने एक बेहद कड़ा फैसला लेते हुए खुद को राज कपूर की जिंदगी और उनके प्रोडक्शन हाउस ‘आरके फिल्म्स’ से हमेशा के लिए दूर कर लिया।
नरगिस का यह फैसला राज कपूर के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं था। आरके फिल्म्स का दामन छोड़ने के बाद नरगिस ने डायरेक्टर महबूब खान की कल्ट क्लासिक फिल्म ‘मदर इंडिया’ (Mother India) साइन की। इसी फिल्म की शूटिंग के दौरान सेट पर भयानक आग लग गई थी, जहां अपनी जान की परवाह न करते हुए सुनील दत्त ने नरगिस को आग की लपटों से सुरक्षित बाहर निकाला था।
इस घटना ने दोनों को करीब ला दिया। सुनील दत्त के सीधे और सच्चे व्यवहार ने नरगिस का दिल जीत लिया और आखिरकार साल 1958 में नरगिस और सुनील दत्त ने शादी कर ली, जिसके बाद नरगिस दत्त हमेशा के लिए दत्त परिवार की गरिमा बन गईं।
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