
नई दिल्ली: नीट (NEET) पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन शनिवार (18 जुलाई) को बेहद हिंसक और विवादित मोड़ पर पहुंच गया। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा जबरन अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद मोर्चा संभालने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीप्के (Abhijit Deepke) पर शनिवार दोपहर एक अज्ञात महिला ने अचानक स्याही फेंक (Ink Attack) दी।
इस अप्रत्याशित घटना के बाद पूरे जंतर-मंतर परिसर में हड़कंप मच गया और कुछ समय के लिए प्रदर्शन पूरी तरह बाधित हो गया। घटना के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महिला को हिरासत में ले लिया है।
मंच पर हुआ हमला: स्याही फेंकने के बाद का पूरा घटनाक्रम
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर वायरल हुए वीडियो और चश्मदीदों के मुताबिक, यह घटना उस वक्त हुई जब अभिजीत दीप्के मंच पर सीजेपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ अनशन पर बैठे हुए थे:
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अचानक स्याही का हमला: भीड़ के बीच से आई एक महिला ने अचानक मंच की तरफ बढ़कर अभिजीत दीप्के पर काली स्याही फेंक दी।
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सपोर्टर्स का हंगामा: स्याही फेंकते ही मौके पर मौजूद सीजेपी समर्थक और कार्यकर्ता आक्रोशित होकर मंच की ओर दौड़ पड़े, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
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पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन: ड्यूटी पर तैनात दिल्ली पुलिस के जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला और महिला को चारों तरफ से घेरकर उग्र भीड़ के बीच से सुरक्षित बाहर निकाला।
‘जय श्रीराम’ के नारे और मारपीट के आरोप
हिरासत में लिए जाने के दौरान जब मीडियाकर्मियों और वहां मौजूद लोगों ने कैमरों के साथ महिला को घेरा, तो उसने बेहद चौंकाने वाले दावे किए:
महिला का बयान: पुलिसकर्मियों के घेरे के बीच कैमरों के सामने महिला अपने हाथ जोड़ती हुई दिखाई दी। जब उससे पूछा गया कि आखिर उसने ऐसा क्यों किया और अंदर क्या हुआ, तो उसने रोते हुए कहा, “मुझे बहुत मारा-बहुत मारा। जय श्रीराम।” महिला लगातार ‘जय श्रीराम’ के धार्मिक नारे लगाती हुई पुलिस वैन की तरफ बढ़ती दिखी।
पुलिस सूत्रों ने पुष्टि की है कि महिला की पहचान और इस तरह के कृत्य (स्याही फेंकने) के पीछे के असली कारणों और साजिश की गहराई से जांच की जा रही है।
संसद मार्च से पहले चरम पर पहुंचा दिल्ली का सियासी पारा
यह हाई-प्रोफाइल ड्रामा ऐसे समय में सामने आया है जब विपक्षी दल और छात्र संगठन मिलकर सोमवार (20 जुलाई) से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र के दौरान जंतर-मंतर से संसद तक एक विशाल मार्च निकालने की तैयारी कर रहे हैं।
| आंदोलन का टाइमलाइन और वर्तमान स्थिति | प्रशासनिक और मेडिकल एक्शन |
| सोनम वांगचुक का 21वां दिन | शनिवार तड़के दिल्ली पुलिस ने 21 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों और डॉक्टरों की सलाह पर जबरन सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। |
| डॉक्टर्स की मेडिकल रिपोर्ट | जांच कर रहे डॉक्टरों के अनुसार, 20 दिनों तक खाना न खाने के कारण वांगचुक का वजन 9 किलो गिर चुका है और उनके शरीर में गंभीर डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) व इलेक्ट्रोलाइट्स असंतुलन दर्ज किया गया है। वे वर्तमान में एक्सपर्ट्स की निगरानी में हैं। |
| अभिजीत दीप्के का मोर्चा | वांगचुक के अस्पताल जाते ही आंदोलन को जिंदा रखने के लिए सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीप्के खुद अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गए, जिसके कुछ ही घंटों बाद उन पर यह स्याही हमला हो गया। |
सीजेपी समर्थकों का आरोप है कि यह हमला आंदोलन को भटकाने और दमन करने की एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। वहीं, संसद सत्र की शुरुआत से पहले जंतर-मंतर और आसपास के पूरे लुटियंस जोन को दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने कड़ी सुरक्षा घेरे में ले लिया है ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में रहे।
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