
बॉलीवुड के ‘जग्गू दादा’ यानी जैकी श्रॉफ अपनी बिंदास जीवनशैली, पर्यावरण प्रेम और अनोखे अंदाज के लिए हमेशा चर्चा में बने रहते हैं। सोशल मीडिया पर अक्सर पुराने किस्से और दिलचस्प वीडियो साझा करने वाले जैकी श्रॉफ ने हाल ही में अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर एक ऐसा थ्रोबैक वीडियो रीशेयर किया, जिसने एक्शन फिल्मों के दीवानों की पुरानी यादें ताजा कर दी हैं। यह वीडियो उनकी क्लासिक एक्शन फिल्म ‘कमांडो’ (Commando) का एक आइकॉनिक सीन है, जिसमें उनका बेहद गंभीर, दमदार और रौबदार अवतार देखने को मिल रहा है। जैकी श्रॉफ ने वीडियो को रीशेयर करते हुए अपने सिग्नेचर स्वैग के साथ फैंस को याद दिलाया कि असली एक्शन और जानदार डायलॉग डिलीवरी का दौर कैसा हुआ करता था।
‘अच्छे-अच्छे ब्लैंक हो जाते हैं’: जानिए क्या है वह धांसू डायलॉग?
वायरल हो रही इस छोटी सी वीडियो क्लिप में जैकी श्रॉफ का किरदार सामने खड़े एक युवा सिपाही से सीधे सवाल करता नजर आता है। इस सीन में जैकी पूरी गंभीरता और चेहरे पर सख्त भाव लिए कहते हैं—“कभी फायरिंग झेली है? जब गोलियों की बौछार होती है और सीटी बजाती हुई गोलियां कानों के पास से गुजरती हैं, तो अच्छे-अच्छों के दिमाग ब्लैंक हो जाते हैं!”
जैकी श्रॉफ की भारी और रौबदार आवाज में बोले गए इस संवाद में जो ठहराव, डर और वास्तविकता की भावना है, वह सीधे दर्शकों के जेहन में उतर जाती है। पर्दे पर उनकी इस संवाद अदायगी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि क्यों 80 और 90 के दशक में उनकी स्क्रीन प्रेजेंस का मुकाबला कर पाना किसी भी समकालीन अभिनेता के लिए आसान नहीं था।
एक्शन और देशभक्ति से लबरेज थी फिल्म ‘कमांडो’
साल 1988 में बड़े पर्दे पर रिलीज हुई एक्शन फिल्म ‘कमांडो’ का निर्देशन बाबूभाई मिस्त्री ने किया था। इस फिल्म में जैकी श्रॉफ के साथ मिथुन चक्रवर्ती, मंदाकिनी, किमी काटकर और अमरीश पुरी जैसे कई दिग्गज सितारे मुख्य भूमिकाओं में थे। इस फिल्म में जैकी श्रॉफ ने एक बेहद अनुशासित, जांबाज और निडर सुरक्षा अधिकारी का किरदार निभाया था, जो देश के दुश्मनों और खतरनाक हथियारों के तस्करों से मुकाबला करने के लिए अपनी जान दांव पर लगा देता है। फिल्म में हाई-ऑक्टेन एक्शन, हेलीकॉप्टर चेज और उस जमाने के हिसाब से बेहद आधुनिक हथियार दिखाए गए थे, जिसे दर्शकों ने सिनेमाघरों में खूब सराहा था। जैकी श्रॉफ का यह सीन उसी कठिन ट्रेनिंग और वास्तविक युद्ध के खौफ को बयां करने वाले प्रसंग का हिस्सा था।
सोशल मीडिया पर फैंस का रिएक्शन: ‘जग्गू दादा का आज भी कोई तोड़ नहीं’
जैकी श्रॉफ द्वारा इस वीडियो को रीशेयर करते ही इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई। फैंस उनके इस विंटेज लुक और बिना किसी स्पेशल इफेक्ट्स के की गई स्वाभाविक एक्टिंग की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि 80-90 के दशक का सिनेमा अपनी डायलॉग डिलीवरी के दम पर ही अमर हुआ करता था और आज के डिजिटल दौर में उस तरह की भारी आवाज और पर्सनालिटी वाले एक्टर्स की कमी खलती है। वहीं एक यूजर ने कमेंट किया कि ‘जग्गू दादा जैसा स्वैग न कभी किसी का था और न कभी होगा’।
जैकी श्रॉफ के इस थ्रोबैक वीडियो ने न केवल उनके पुराने प्रशंसकों को उस स्वर्णिम दौर में वापस भेज दिया, बल्कि आज की युवा पीढ़ी को भी यह दिखा दिया कि उस दौर के सिनेमा में असली डायलॉगबाजी का वजन क्या हुआ करता था।
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