
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर इन दिनों पौराणिक मान्यताओं, रहस्यों और वैज्ञानिक तर्कों के टकराव पर आधारित सिनेमाई कहानियों का जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है। ‘कार्तिकेय’ और ‘सुब्रमण्यपुरम’ जैसी फिल्मों को पसंद करने वाले दर्शकों के लिए हाल ही में सितंबर के महीने में रिलीज हुई एक नई साउथ माइथोलॉजिकल सस्पेंस थ्रिलर फिल्म इंटरनेट और ओटीटी की दुनिया में जमकर चर्चा बटोर रही है। फिल्म का नाम है ‘महेंद्रगिरी वाराही’ (Mahendragiri Vaaraahi)। मशहूर निर्देशक संतोष जगर्लापुडी के निर्देशन में बनी और प्रतिभाशाली अभिनेता सुमंत के सशक्त अभिनय से सजी इस फिल्म को आईएमडीबी (IMDb) पर 10 में से शानदार 7.9 की रेटिंग हासिल हुई है। रहस्य, आस्था और आधुनिकता के अद्भुत मिश्रण को समेटे यह फिल्म सीधे तौर पर दर्शकों की सोच और मान्यताओं को चुनौती देती है।
150 साल पुराना दैवीय श्राप बनाम एक नास्तिक यूट्यूबर की जांच
फिल्म की पूरी पटकथा सिद्धार्थ (अभिनीत: सुमंत) नामक एक आधुनिक, प्रखर और नास्तिक यूट्यूबर के इर्द-गिर्द घूमती है। सिद्धार्थ अंधविश्वासों, कथित चमत्कारों और रूढ़िवादिता पर तीखे सवाल खड़े करने के लिए जाना जाता है और वह हर रहस्यमयी घटना के पीछे वैज्ञानिक व तार्किक सबूत तलाशने का पक्का हिमायती है। कहानी में असली रोमांच और भयानक मोड़ तब आता है जब उसके अपने भाई की बेहद रहस्यमयी परिस्थितियों में असमय मौत हो जाती है।
अपने भाई की मौत की तह तक जाने और उसके पीछे छिपे असली सच को उजागर करने के लिए सिद्धार्थ महेंद्रगिरी नामक एक दूरदराज और अजीबोगरीब गांव पहुंचता है। उस गांव में सदियों से यह खौफनाक मान्यता चली आ रही है कि वहां के ऐतिहासिक राजपरिवार पर करीब 150 साल पुराना ‘मां वाराही’ का दैवीय श्राप लगा हुआ है, जिसके चलते परिवार में लगातार अनहोनी और मौतें होती रहती हैं। पूरा गांव और राजघराना इन घटनाओं को मां वाराही के प्रकोप का परिणाम मानता है, लेकिन सिद्धार्थ इस बात को मानने से साफ इनकार कर देता है। इसके बाद शुरू होती है दैवीय शक्ति के विश्वास और एक इंसान की वैज्ञानिक जांच के बीच की रोंगटे खड़े कर देने वाली जंग, जहां सिद्धार्थ यह साबित करने में जुट जाता है कि यह कोई श्राप है या फिर पर्दे के पीछे किसी शातिर दिमाग की रची गई खूनी साजिश।
आस्था और तर्क की सीधी टक्कर: क्या है फिल्म की सबसे बड़ी ताकत?
‘महेंद्रगिरी वाराही’ का सबसे मजबूत और दिलचस्प पहलू यही है कि यह दर्शकों को सिर्फ डराने या अंधविश्वास परोसने का काम नहीं करती, बल्कि सदियों पुरानी परंपराओं और तर्कसंगत सोच के बीच होने वाले द्वंद्व को सामने रखती है। एक तरफ गांव के सीधे-सादे लोगों का अपनी कुलदेवी और परंपराओं पर अटूट विश्वास दिखाया गया है, तो दूसरी तरफ एक ऐसा युवक है जो हर बात का जवाब फॉरेंसिक और जमीनी सबूतों के आधार पर मांगता है।
राजपरिवार के प्राचीन इतिहास, छिपे हुए तहखानों और वाराही देवी के श्राप से जुड़े रहस्यों को जिस सधे हुए अंदाज में स्क्रीन पर पेश किया गया है, वह शुरुआत से ही दर्शकों को बांधे रखता है। अभिनेता सुमंत ने सिद्धार्थ के गंभीर और तार्किक किरदार को बेहद सहजता और परिपक्वता के साथ निभाया है। वह किसी फिल्मी नायक की तरह अंधाधुंध मारपीट करने के बजाय अपनी बुद्धि और धैर्य से गुत्थियों को सुलझाते हुए नजर आते हैं, जो किरदार को बेहद स्वाभाविक बनाता है। फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर और सिनेमैटोग्राफी गांव के रहस्यमयी माहौल को और अधिक गहरा करने में पूरी तरह कामयाब साबित होते हैं।
कुछ कमजोर कड़ियां और सस्पेंस प्रेमियों के लिए फिल्म का मिजाज
सकारात्मक पहलुओं के साथ-साथ फिल्म में कुछ तकनीकी और पटकथा स्तर की खामियां भी देखने को मिलती हैं। थ्रिलर जॉनर की फिल्मों के शौकीन दर्शकों के लिए फिल्म की कहानी कुछ जगहों पर थोड़ी धीमी पड़ जाती है। जांच-पड़ताल के दौरान सिद्धार्थ को कुछ अहम सुराग बहुत ही आसानी से मिल जाते हैं, जिससे जटिल रहस्यों को सुलझाने का जो चरम रोमांच होना चाहिए, उसमें हल्की सी कमी महसूस होती है।
इसके अलावा, क्लाइमेक्स से पहले आने वाले कुछ ट्विस्ट्स का अंदाजा अनुभवी दर्शक पहले ही लगा लेते हैं। अभिनेत्री मीनाक्षी गोस्वामी के किरदार के पास कहानी में बहुत अधिक करने की गुंजाइश नहीं थी, जिसे और अधिक धार दी जा सकती थी। इन छोटी-मोटी खामियों के बावजूद, यदि आपको सुपरनैचुरल मिस्ट्री, लोककथाओं और प्राचीन मंदिरों से जुड़े रहस्यों पर आधारित फिल्में पसंद आती हैं, तो यह फिल्म आपको निराश नहीं करेगी और अपनी मनोरंजक रफ्तार से आपको सीट से चिपकाए रखेगी।
कहां और कैसे देख सकते हैं ‘महेंद्रगिरी वाराही’?
अगर आप वीकेंड पर किसी मनोरंजक और दिमाग की कसरत कराने वाली माइथोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म की तलाश में हैं, तो ‘महेंद्रगिरी वाराही’ को अपनी वॉचलिस्ट में जरूर शामिल कर सकते हैं। यह फिल्म इस समय लोकप्रिय ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम वीडियो (Amazon Prime Video) पर आधिकारिक तौर पर स्ट्रीम की जा रही है।
हिंदी भाषी दर्शकों के लिए एक जरूरी बात यह है कि वर्तमान में यह फिल्म अपनी मूल भाषा (तेलुगू) में ही उपलब्ध है और इसका हिंदी डब ऑडियो अभी रिलीज नहीं किया गया है। हालांकि, ओटीटी प्लेटफॉर्म पर बेहतरीन अंग्रेजी सबटाइटल्स (English Subtitles) की सुविधा दी गई है, जिसकी मदद से आप बिना किसी भाषा की बाधा के इस सस्पेंस और आस्था से भरी शानदार माइथोलॉजिकल मिस्ट्री का पूरा लुत्फ उठा सकते हैं।
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