
मुंबई: भारतीय सिनेमा के इतिहास के सबसे बड़े और प्रतीक्षित पल की उल्टी गिनती अब समाप्त हो चुकी है। निर्देशक नितेश तिवारी और ऑस्कर विजेता विजुअल इफेक्ट्स कंपनी डीएनईजी (DNEG) के ग्लोबल हेड नमित मल्होत्रा की महाकाव्य फिल्म ‘रामायण: पार्ट वन’ कल यानी गुरुवार को दुनियाभर के सिनेमाघरों में एक साथ रिलीज होने जा रही है। दिवाली के पावन उत्सव से ठीक पहले रिलीज हो रही इस फिल्म को लेकर देश के मेट्रो शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक दर्शकों में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। एडवांस बुकिंग के पहले दिन से ही टिकट खिड़कियों पर रिकॉर्ड तोड़ भीड़ उमड़ रही है और कई प्रमुख शहरों में पहले वीकेंड के आईमैक्स (IMAX) व 3D शोज रिलीज से 24 घंटे पहले ही हाउसफुल हो चुके हैं। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की अमर गाथा को आधुनिक वैश्विक सिनेमाई तकनीक के साथ बड़े पर्दे पर देखने के लिए दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यदि आप भी कल अपने परिवार, बच्चों या मित्रों के साथ थिएटर्स में इस भव्य सिनेमाई अनुभव का हिस्सा बनने की योजना बना रहे हैं, तो सिनेमा हॉल में कदम रखने से पहले फिल्म से जुड़ी इन 5 सबसे महत्वपूर्ण और दिलचस्प बातों को विस्तार से जान लेना बेहद आवश्यक है।
1. 835 करोड़ का ऐतिहासिक बजट और ऑस्कर विनिंग DNEG के विजुअल इफेक्ट्स
‘रामायण’ केवल एक पौराणिक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा के इतिहास का सबसे महंगा और तकनीकी रूप से सबसे उन्नत सिनेमाई प्रोजेक्ट है। इस फिल्म के पहले भाग पर लगभग 835 करोड़ रुपये (100 मिलियन डॉलर से अधिक) का भारी-भरकम बजट खर्च किया गया है। मेकर्स का सबसे बड़ा ध्यान इस बात पर रहा है कि पिछली कुछ पौराणिक फिल्मों में वीएफएक्स और खराब एनिमेशन को लेकर जो गलतियां हुई थीं, वे यहां रत्ती भर भी न दोहराई जाएं। फिल्म के संपूर्ण विजुअल इफेक्ट्स और सीजीआई का जिम्मा हॉलीवुड की दिग्गज कंपनी DNEG ने संभाला है, जिसने ‘ड्यून’, ‘ओपेनहाइमर’ और ‘ब्लेड रनर 2049’ जैसी फिल्मों के लिए ऑस्कर पुरस्कार जीते हैं। अयोध्या नगरी की दिव्य भव्यता, सरयू नदी का मनोरम तट, ऋषि वशिष्ठ का आश्रम और वनवास के अलौकिक दृश्यों को पर्दे पर इस तरह सजीव किया गया है कि दर्शक खुद को त्रेतायुग में मौजूद महसूस करेंगे। फिल्म को पारंपरिक 2D के साथ-साथ विशेष रूप से आईमैक्स 3D (IMAX 3D) फॉर्मेट के लिए डिजाइन किया गया है, जिसका विजुअल स्केल हॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर फिल्मों को सीधी टक्कर देता नजर आएगा।
2. रणबीर-साई पल्लवी की दिव्य केमिस्ट्री और यश का खूंखार ‘रावण’ अवतार
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी स्टारकास्ट का चयन है, जिस पर मेकर्स ने महीनों तक गहन ऑडिशन और स्क्रीन टेस्ट किए हैं। बॉलीवुड के सबसे संजीदा अभिनेताओं में शुमार रणबीर कपूर ने भगवान श्रीराम के शांत, गंभीर, मर्यादित और तेजस्वी रूप को जीवंत करने के लिए कई महीनों तक अपनी आवाज के मॉड्यूलेशन, तीरंदाजी और सात्विक जीवनशैली पर काम किया है। वहीं दक्षिण भारतीय सिनेमा की लोकप्रिय और स्वाभाविक अभिनय के लिए पहचानी जाने वाली अभिनेत्री साई पल्लवी माता सीता की भूमिका निभा रही हैं। उनकी सादगी, गरिमा और रूहानी भाव-भंगिमाएं इस किरदार को एक नई पवित्रता प्रदान करती हैं। लंकापति रावण की भूमिका में कन्नड़ सुपरस्टार और ‘केजीएफ’ फेम यश पर्दे पर नजर आएंगे। यश का स्क्रीन अपीयरेंस इतना खूंखार, अहंकारी और शक्तिशाली गढ़ा गया है कि जब वे पर्दे पर दहाड़ेंगे तो दर्शकों के रोंगटे खड़े हो जाएंगे। इसके अलावा सनी देओल महाबली हनुमान की भूमिका में नजर आएंगे, जिनकी एंट्री पहले भाग के अंतिम पलों में रखी गई है, जबकि रवि दुबे लक्ष्मण के रूप में श्रीराम के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलते दिखेंगे।
3. हंस ज़िमर और ए.आर. रहमान की जुगल्बंदी: संगीत का ऐतिहासिक संगम
सिनेमा के इतिहास में यह पहला अवसर है जब विश्व विख्यात हॉलीवुड संगीतकार हंस ज़िमर (Hans Zimmer) और भारत के ऑस्कर विजेता संगीत सम्राट ए.आर. रहमान एक साथ मिलकर किसी फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर और संगीत तैयार कर रहे हैं। ‘द लायन किंग’, ‘इंटरस्टेलर’ और ‘ग्लेडिएटर’ जैसी कालजयी फिल्मों का संगीत देने वाले हंस ज़िमर ने सनातन संस्कृति के पारंपरिक श्लोकों और मंत्रों को पश्चिमी सिंफनी आर्केस्ट्रा के साथ जोड़ा है। वहीं ए.आर. रहमान ने भारतीय शास्त्रीय रागों, रुद्र वीणा, शंख ध्वनि और पखावज के जरिए इस महाकाव्य की आध्यात्मिक गहराई को संगीतबद्ध किया है। फिल्म के संवादों और गीतों में संस्कृत निष्ठ शुद्ध हिंदी का प्रयोग किया गया है, जिसे सुनकर थिएटर्स के भीतर एक अलग ही अलौकिक और भक्तिमय वातावरण का अहसास होगा। फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर केवल दृश्यों को सहारा नहीं देता, बल्कि हर एक दृश्य के भावनात्मक प्रभाव को कई गुना बढ़ा देता है।
4. बिना किसी छेड़छाड़ के वाल्मीकि रामायण की मूल आत्मा पर आधारित प्रामाणिक पटकथा
नितेश तिवारी की ‘रामायण’ की सबसे बड़ी यूएसपी यह है कि इसमें किसी भी प्रकार की आधुनिक सिनेमैटिक लिबर्टी (सिनेमाई छूट) या तथ्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं की गई है। निर्देशक नितेश तिवारी, जो ‘दंगल’ और ‘छिछोरे’ जैसी अर्थपूर्ण फिल्मों के लिए जाने जाते हैं, ने महर्षि वाल्मीकि की मूल रामायण और गोस्वामी तुलसीदास कृत ‘रामचरितमानस’ का गहन अध्ययन करने के बाद ही इसकी पटकथा तैयार की है। पटकथा लेखन के दौरान देश के जाने-माने संस्कृत विद्वानों, इतिहासविदों और आचार्यों की एक विशेष सलाहकार समिति बनाई गई थी, जिसने हर एक संवाद, परिधान, आभूषण और रीति-रिवाज की प्रामाणिकता की बारीकी से जांच की है। फिल्म में न तो कोई अनर्गल या आधुनिक तपोहीन संवाद रखा गया है और न ही किरदारों की वेशभूषा के साथ कोई पश्चिमी प्रयोग किया गया है। यह पूरी तरह से एक शुद्ध, प्रामाणिक और सांस्कृतिक फिल्म है, जिसे हर उम्र का व्यक्ति अपने पूरे परिवार और बच्चों के साथ बिना किसी संकोच के गर्व से देख सकता है।
5. रनटाइम, प्री-दिवाली रिलीज और थिएटर्स जाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
यदि आप कल पहला शो देखने जा रहे हैं, तो कुछ व्यावहारिक और तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखना जरूरी है। फिल्म का आधिकारिक रन-टाइम लगभग 3 घंटे 10 मिनट (190 मिनट) रखा गया है, इसलिए अपनी प्लानिंग उसी हिसाब से करें। पहले पार्ट की कहानी भगवान राम के जन्म, बाल्यकाल, शिक्षा, अहिल्या उद्धार, सीता स्वयंवर, अयोध्या से वनवास गमन, पंचवटी में निवास और अंत में माता सीता के हरण व भगवान राम की विरह वेदना तक सीमित रहेगी। रावण से होने वाला मुख्य युद्ध, सेतु निर्माण और लंका दहन फिल्म के दूसरे भाग यानी पार्ट-2 में दिखाया जाएगा, जो 2028 में रिलीज होगा। मेकर्स ने 41 साल पुरानी रणनीति के तहत इसे मुख्य दिवाली पूजन से ठीक पहले रिलीज किया है ताकि शुरुआती माउथ पब्लिसिटी के बाद त्योहारों की लगातार छुट्टियों में पारिवारिक दर्शक सिनेमाघरों की ओर रुख कर सकें। बेहतरीन सिनेमाई अनुभव के लिए दर्शकों को सलाह दी जाती है कि वे इसे अच्छे साउंड सिस्टम वाले आईमैक्स या डॉल्बी एटमॉस 3D थिएटर्स में ही देखें ताकि वीएफएक्स और संगीत की विशालता का पूरा आनंद लिया जा सके।
क्या पहले ही दिन 100 करोड़ का आंकड़ा पार करेगी ‘रामायण’?
ट्रेड एनालिस्ट्स और बॉक्स ऑफिस पंडितों के अनुसार, ‘रामायण: पार्ट वन’ भारतीय सिनेमा के इतिहास में पहले दिन की कमाई के सारे पुराने रिकॉर्ड्स को ध्वस्त करने का माद्दा रखती है। भारत में हिंदी, तमिल, तेलुगू, मलयालम और कन्नड़ भाषाओं में 7,500 से अधिक स्क्रीन्स और ओवरसीज में 3,000 से ज्यादा स्क्रीन्स पर रिलीज हो रही यह फिल्म एडवांस बुकिंग के आधार पर पहले ही दिन घरेलू स्तर पर 80 से 90 करोड़ और वर्ल्डवाइड ग्रॉस स्तर पर 130 से 150 करोड़ रुपये के पार जा सकती है। यदि फिल्म को शुरुआती दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलती है, तो दिवाली के चार दिनों के विस्तारित वीकेंड में यह फिल्म भारतीय सिनेमा में सबसे तेज 400 करोड़ कमाने वाली ऐतिहासिक ब्लॉकबस्टर साबित हो सकती है। कुल मिलाकर कल रिलीज हो रही ‘रामायण’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक गौरव और विश्वस्तरीय सिनेमाई तकनीक का एक ऐसा अभूतपूर्व उत्सव बनने जा रही है जिसे बड़े पर्दे पर देखना हर सिनेप्रेमी के लिए यादगार रहेगा।
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