किचन की चिपचिपी चिमनी को चमकाने का सबसे आसान तरीका, बिना रगड़े मिनटों में गायब होगा जमा हुआ काला तेल

भारतीय खानपान में छौंक, तड़का और डीप फ्राइंग का विशेष महत्व होता है, जिसके चलते खाना बनाते समय भारी मात्रा में तेल और मसालों का धुआं निकलता है। ऐसे में किचन को धुएं और सीलन से बचाने के लिए इलेक्ट्रिक चिमनी सबसे जरूरी उपकरण बन चुकी है। हालांकि, लगातार इस्तेमाल के बाद चिमनी के फिल्टर्स और उसकी बाहरी बॉडी पर चिपचिपा तेल, ग्रीस और कालिख की मोटी परत जम जाती है। यदि समय रहते इसकी सफाई न की जाए, तो चिमनी की सक्शन क्षमता (धुआं खींचने की ताकत) आधी से भी कम रह जाती है और मोटर पर अतिरिक्त लोड पड़ने से उसके खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, फिल्टर में जमा पुराना तेल आग लगने के जोखिम को भी कई गुना बढ़ा देता है। अधिकांश लोग यह सोचकर चिमनी की सफाई टालते रहते हैं कि इसमें घंटों की मेहनत और महंगी प्रोफेशनल सर्विस की जरूरत पड़ेगी। हकीकत यह है कि घर की रसोई में मौजूद साधारण चीजों की मदद से आप बिना किसी भारी मशक्कत के चिमनी को बिल्कुल नया जैसा चमका सकते हैं।

चिमनी के फिल्टर्स को सुरक्षित तरीके से कैसे निकालें

सफाई की प्रक्रिया शुरू करने से पहले सबसे पहला और अनिवार्य कदम सुरक्षा का होता है। चिमनी के मुख्य पावर स्विच को अनप्लग कर दें ताकि बिजली के झटके का कोई खतरा न रहे। इसके बाद चिमनी के नीचे लगे मेश या बाफल फिल्टर (Baffle Filter) के लॉक को हल्के हाथ से दबाएं। भारतीय चिमनियों में ज्यादातर स्टेनलेस स्टील के बाफल फिल्टर्स होते हैं, जो स्लाइडिंग लॉक के साथ आते हैं। लॉक को खोलते ही फिल्टर आसानी से बाहर आ जाता है। ध्यान रखें कि निकालते समय फिल्टर को संतुलित रखें, क्योंकि इसके पिछले हिस्से में जमा हुआ तेल टपक सकता है। फिल्टर निकालने के बाद यदि आपकी चिमनी में ऑयल कलेक्टर कप (Oil Collector Cup) लगा है, तो उसे भी घुमाकर धीरे से निकाल लें और उसमें जमा गंदे तेल को किसी पुराने अखबार या कचरे के डिब्बे में खाली कर दें।

बेकिंग सोडा, सिरका और खौलते पानी का जादुई फॉर्मूला

चिमनी के जालीदार फिल्टर्स पर जमा जिद्दी तेल साधारण साबुन से रगड़ने पर आसानी से नहीं निकलता। इसके लिए सबसे असरदार और वैज्ञानिक तरीका है बेकिंग सोडा (सोडियम बाइकार्बोनेट) और सफेद सिरके (व्हाइट विनेगर) का घोल। एक बड़े टब या सिंक में इतना खौलता हुआ गर्म पानी भरें जिसमें फिल्टर पूरी तरह डूब सकें। अब इस उबलते पानी में आधा कप बेकिंग सोडा, एक कप सफेद सिरका और दो बड़े चम्मच बर्तन धोने वाला लिक्विड डिशवॉश जेल मिला दें। जैसे ही आप सिरका और बेकिंग सोडा मिलाएंगे, पानी में तेज झाग और रासायनिक बुलबुले उठने लगेंगे। अब दोनों फिल्टर्स को इस गर्म घोल में 25 से 30 मिनट के लिए पूरी तरह डुबोकर छोड़ दें। गर्म पानी और बेकिंग सोडा की क्षारीय प्रकृति तेल के फैटी एसिड को तेजी से पिघला देती है, जिससे बिना रगड़े ही 90 फीसदी चिकनाई खुद-ब-खुद पानी में तैरने लगेगी।

जिद्दी ग्रीस को ब्रश से करें साफ और सुखाकर लगाएं

आधे घंटे के बाद जब पानी हल्का गुनगुना रह जाए, तो फिल्टर्स को बाहर निकालें। अब एक पुराने टूथब्रश या नायलॉन स्क्रबर पर थोड़ा सा डिशवॉश जेल लगाएं और जाली के कोनों व खांचों में फंसी बची-खुची गंदगी को हल्के हाथों से साफ कर लें। आप देखेंगे कि चिपचिपा तेल बिल्कुल मोम की तरह पिघलकर तुरंत साफ हो जाएगा। इसके बाद फिल्टर को नल के सामान्य साफ पानी से अच्छी तरह धो लें ताकि सारा केमिकल और चिकनाई बाहर निकल जाए। धुलाई के बाद फिल्टर को किसी सूती कपड़े से पोंछकर खुली हवा या धूप में कम से कम 20 मिनट के लिए रख दें ताकि वह पूरी तरह सूख जाए। कभी भी गीले फिल्टर को वापस चिमनी में न लगाएं, क्योंकि नमी मोटर के अंदर जाकर शॉर्ट सर्किट का कारण बन सकती है।

चिमनी की बाहरी बॉडी को कैसे बनाएं बिल्कुल चमकदार

फिल्टर्स के अलावा चिमनी की बाहरी बॉडी, ग्लास हुड और टच पैनल पर भी तेल की हल्की चिपचिपी परत जम जाती है। बाहरी सतह को साफ करने के लिए कभी भी लोहे के जूने या कठोर केमिकल का प्रयोग न करें, क्योंकि इससे पेंट और ग्लास पर खरोंच आ सकती है। एक स्प्रे बोतल में बराबर मात्रा में पानी और सफेद सिरका मिला लें, और उसमें नींबू के रस की कुछ बूंदें डाल दें। इस घोल को चिमनी के बाहरी हिस्से पर स्प्रे करें और 2 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद एक माइक्रोफाइबर कपड़े से हल्के हाथों से पोंछ दें। यदि कहीं ज्यादा पुराना दाग है, तो कपड़े पर थोड़ा सा नेल पेंट रिमूवर या थिनर लगाकर रगड़ने से वह दाग सेकंडों में गायब हो जाता है।

महीने में कितनी बार करें सफाई? मेंटेनेंस के जरूरी टिप्स

चिमनी की लंबी उम्र और बेहतर परफॉर्मेंस के लिए मेंटेनेंस का एक नियमित चक्र बनाए रखना बेहद जरूरी है। यदि आपके घर में रोजाना पराठे, पूड़ी और नॉन-वेज जैसे तली-भुनी चीजें ज्यादा बनती हैं, तो बाफल फिल्टर को हर 20 से 25 दिन में एक बार जरूर साफ करें। वहीं सामान्य खाना पकाने वाले घरों में महीने में एक बार यह डीप क्लीनिंग रूटीन पर्याप्त होता है। इसके अलावा, जब भी आप भारी तड़का लगाएं, तो चिमनी को खाना बनने के 5 मिनट बाद तक चालू रहने दें ताकि रसोई में हवा में तैर रहे तेल के कण पूरी तरह बाहर निकल जाएं। नियमित रूप से ऑयल कलेक्टर कप को हर हफ्ते खाली करते रहें। इस आसान घरेलू तरीके को अपनाकर आप बिना किसी मैकेनिक या महंगे केमिकल के अपनी चिमनी को सालों-साल नई जैसी स्थिति में बनाए रख सकते हैं।

Check Also

ब्लड शुगर कम करने के लिए कितनी देर टहलना है जरूरी? मेडिकल रिसर्च में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

डायबिटीज और प्रीडायबिटीज के मरीजों के लिए भोजन के बाद अचानक बढ़ने वाला ब्लड शुगर …