जेवर एयरपोर्ट से सीधे जुड़ेगी 30 मीटर चौड़ी एक और नई सड़क; रुकावटें दूर कर यीडा ने शुरू किया काम

गौतमबुद्ध नगर के जेवर में तेजी से विकसित हो रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंच को आसान और सुगम बनाने की दिशा में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने एक और बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। एयरपोर्ट की चौतरफा कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे के समानांतर दाहिनी तरफ प्रस्तावित 30 मीटर चौड़ी सड़क के निर्माण में आ रही तमाम प्रशासनिक और जमीनी बाधाओं को पूरी तरह दूर कर लिया गया है और इसका रुका हुआ कार्य युद्धस्तर पर शुरू करा दिया गया है। इस नई सड़क के तैयार हो जाने के बाद यमुना सिटी के रिहायशी और औद्योगिक सेक्टरों के साथ-साथ ग्रामीण अंचल के लोगों को भी एयरपोर्ट और ग्रेटर नोएडा आने-जाने के लिए एक अतिरिक्त और जाम-मुक्त सीधा विकल्प मिल जाएगा।

अतिक्रमण हटाकर दूर की गईं रुकावटें, 1800 मीटर के अधूरे हिस्से पर काम तेज

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के परियोजना विभाग के अनुसार, यमुना एक्सप्रेसवे के समानांतर दोनों तरफ कनेक्टिविटी सड़कें तैयार की जा रही हैं। बाईं तरफ 60 मीटर चौड़ी सड़क है जो परी चौक से शुरू होकर जीलोटिया, जीबीयू होते हुए एयरपोर्ट तक पहुंचती है। वहीं, एक्सप्रेसवे के दाहिनी ओर लगभग 16 किलोमीटर लंबी और 30 मीटर चौड़ी सड़क बनाई जा रही है, जो एक्सप्रेसवे के 7 किलोमीटर पॉइंट से शुरू होती है। इस 16 किलोमीटर लंबे रूट पर रौनीजा, चपरगढ़ और सलारपुर गांवों के पास लगभग 1800 मीटर के हिस्से में अतिक्रमण और स्थानीय विवादों के चलते निर्माण कार्य काफी समय से रुका हुआ था। यीडा के अधिकारियों और पुलिस-प्रशासन ने आपसी समन्वय से जमीन से अतिक्रमण हटाकर इस 1800 मीटर के हिस्से को पूरी तरह साफ करा दिया है, जिसके बाद अब सड़क निर्माण का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।

यमुना सिटी के सेक्टर-22E और 120 मीटर मुख्य सड़क से होगा सीधा जुड़ाव

यीडा के मुख्य परियोजना अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह 30 मीटर चौड़ी नई सड़क सीधे तौर पर यमुना सिटी के तेजी से विकसित हो रहे सेक्टर-22E तक कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। आगे चलकर इस सड़क को क्षेत्र की मुख्य 120 मीटर चौड़ी मास्टर प्लान रोड से जोड़ा जाएगा। इस मजबूत इंटर-लिंकिंग की बदौलत एयरपोर्ट के दाहिनी तरफ स्थित 10 से अधिक रिहायशी, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल सेक्टरों के निवासियों को मुख्य यमुना एक्सप्रेसवे पर चढ़े बिना सीधे एयरपोर्ट और ग्रेटर नोएडा के प्रमुख हिस्सों तक आवाजाही की सीधी सुविधा मिल जाएगी। इससे एक्सप्रेसवे पर स्थानीय ट्रैफिक का दबाव कम होगा और टोल प्लाजा पर लगने वाले समय की भी बचत होगी।

दर्जनों ग्रामीण इलाकों की बदलेगी सूरत, किसानों और स्थानीय व्यापारियों को राहत

इस नई सड़क के निर्माण से न केवल शहरी सेक्टरों को रफ्तार मिलेगी, बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों की तस्वीर भी पूरी तरह बदल जाएगी। सलारपुर, रौनीजा, चपरगढ़ और दयानतपुर क्षेत्र के दर्जनों गांवों के किसानों और स्थानीय व्यापारियों को अब मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए टूटे-फूटे रास्तों या संकरी गलियों से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। स्थानीय उत्पादों, दूध और कृषि उपज को ग्रेटर नोएडा और दिल्ली की मंडियों तक पहुंचाना बेहद आसान हो जाएगा। सड़क के चौड़ीकरण और विकास से इस पूरे बेल्ट में जमीन की कीमतों में उछाल आने और स्थानीय स्तर पर रोजगार व स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है। प्राधिकरण ने निर्माण एजेंसी को तय समय सीमा के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं ताकि एयरपोर्ट के वाणिज्यिक परिचालन शुरू होने से पहले सभी वैकल्पिक मार्ग पूरी तरह तैयार हो सकें।

Check Also

‘अब्दुल अब दरी नहीं बिछाएगा, नेता बनेगा’; रामपुर में असदुद्दीन ओवैसी का अखिलेश यादव और सपा पर तीखा हमला

उत्तर प्रदेश के राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील और मुस्लिम बहुल जिले रामपुर में चुनावी …