धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने का ये है सबसे उत्तम मुहूर्त: त्रयोदशी तिथि पर बन रहे हैं अमृत और शुभ चौघड़िया योग

नई दिल्ली: कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि यानी धनतेरस का महापर्व देश भर में अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और उमंग के साथ मनाया जाता है। सनातन परंपरा में इस पावन दिन पर आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि, धन के अधिपति कुबेर और माता महालक्ष्मी की विशेष आराधना की जाती है। इस दिन सोने, चांदी, पीतल के बर्तनों, इलेक्ट्रॉनिक सामान और बही-खातों की खरीदारी करना अत्यंत शुभ और अक्षय फलदायी माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, यदि धनतेरस पर खरीदारी शुभ लग्न और चौघड़िया मुहूर्त में की जाए, तो घर में सुख, संपन्नता और आरोग्य का वास स्थायी रूप से बना रहता है। इस वर्ष त्रयोदशी तिथि के दौरान प्रदोष काल, स्थिर लग्न और अमृत चौघड़िया का अद्भुत संयोग बन रहा है, जिससे खरीदारी के लिए दिन से लेकर रात तक कई फलदायी मुहूर्त उपलब्ध हैं। आइए जानते हैं सोना-चांदी और आभूषणों की खरीदारी के लिए सबसे उत्तम मुहूर्त और आवश्यक नियम।

त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ और सबसे फलदायी खरीदारी काल

वैदिक पंचांग के अनुसार, धनतेरस पर प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद के लगभग 2 घंटे 24 मिनट) और स्थिर लग्न (वृषभ लग्न) के दौरान की गई खरीदारी सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। स्थिर लग्न में सोना या चांदी खरीदने से घर में संपत्ति का ठहराव होता है और धन का अपव्यय रुकता है।

  • शाम का सबसे उत्तम मुहूर्त (प्रदोष काल व वृषभ लग्न): शाम 06:15 बजे से रात 08:20 बजे तक का समय खरीदारी और पूजा दोनों के लिए सर्वोत्तम है। इस दौरान प्रदोष काल और स्थिर लग्न दोनों का शुभ प्रभाव एक साथ रहेगा।

  • अभिजीत मुहूर्त (दोपहर का समय): सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक। कामकाजी लोगों और दिन में खरीदारी करने वालों के लिए यह एक अत्यंत पवित्र और सर्वसिद्धिदायक मुहूर्त है।

  • रात्रि मुहूर्त (सिंह लग्न): रात 12:45 बजे से देर रात 03:00 बजे तक। जो लोग रात में शुभ खरीदारी करना पसंद करते हैं, उनके लिए स्थिर सिंह लग्न का यह समय अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।

दिन और रात के चौघड़िया अनुसार खरीदारी का समय

यदि आप दिन के अलग-अलग समय में बाजार जाने की योजना बना रहे हैं, तो शुभ चौघड़िया का ध्यान रखकर खरीदारी कर सकते हैं:

  • प्रातःकाल शुभ चौघड़िया: सुबह 07:50 बजे से 09:15 बजे तक (सोने के सिक्के और पूजन सामग्री के लिए श्रेष्ठ)

  • दोपहर चर, लाभ और अमृत चौघड़िया: दोपहर 10:40 बजे से दोपहर 02:50 बजे तक (आभूषण, वाहन और बर्तनों की खरीदारी हेतु)

  • शाम का लाभ चौघड़िया: शाम 05:30 बजे से शाम 07:05 बजे तक (चांदी के बर्तन व लक्ष्मी-गणेश सिक्के के लिए)

  • रात्रि शुभ व अमृत चौघड़िया: रात 08:45 बजे से रात 11:55 बजे तक (पारिवारिक खरीदारी के लिए उत्तम)

प्रमुख शहरों में खरीदारी और पूजन का शुभ समय

देश के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में सूर्यास्त के समय में अंतर के आधार पर स्थानीय मुहूर्त इस प्रकार हैं:

शहर शाम का सबसे उत्तम मुहूर्त (प्रदोष काल)
नई दिल्ली / एनसीआर शाम 06:18 बजे से रात 08:14 बजे तक
लखनऊ / कानपुर शाम 06:05 बजे से रात 08:02 बजे तक
पटना / वाराणसी शाम 05:55 बजे से रात 07:52 बजे तक
मुंबई / पुणे शाम 06:35 बजे से रात 08:30 बजे तक
कोलकाता शाम 05:40 बजे से रात 07:35 बजे तक
जयपुर / अहमदाबाद शाम 06:25 बजे से रात 08:22 बजे तक

धनतेरस पर क्या खरीदना होता है सबसे शुभ?

शास्त्रों के अनुसार, धनतेरस के दिन कुछ विशेष वस्तुओं को घर लाने से पूरे वर्ष आर्थिक समृद्धि बनी रहती है:

  1. सोना और चांदी: 24K या 22K सोने के आभूषण, सोने के सिक्के या चांदी के सिक्के (जिस पर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश अंकित हों) खरीदना सबसे पहली पसंद माना जाता है।

  2. पीतल और तांबे के बर्तन: समुद्र मंथन के समय भगवान धन्वंतरि अपने हाथों में अमृत से भरा पीतल का कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए पीतल के बर्तन खरीदना अत्यंत मंगलकारी माना जाता है।

  3. साबुत धनिया (धनिया के बीज): धनतेरस पर मात्र ₹10-₹20 का साबुत सूखा धनिया खरीदना माता लक्ष्मी को अति प्रिय माना जाता है। इसे पूजा के बाद तिजोरी में रखा जाता है।

  4. झाड़ू: हिंदू मान्यताओं में झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। इस दिन नई सींक या फूल झाड़ू घर लाने से दरिद्रता दूर होती है।

  5. मिट्टी के दीये और लक्ष्मी-गणेश मूर्ति: दिवाली पूजन के लिए नए मिट्टी के दीये और शुद्ध मिट्टी से बनी लक्ष्मी-गणेश जी की प्रतिमा इस दिन जरूर घर लानी चाहिए।

भूलकर भी न खरीदें ये चीजें, माना जाता है अशुभ

शुभ मुहूर्त में खरीदारी करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि नकारात्मक प्रभाव वाली वस्तुएं घर न आएं:

  • लोहा और एल्युमिनियम: धनतेरस के दिन शुद्ध लोहे से बने औजार या नुकीली चीजें नहीं खरीदनी चाहिए, क्योंकि लोहे पर शनि का प्रभाव माना जाता है।

  • कांच या प्लास्टिक का सामान: कांच का संबंध राहु ग्रह से माना गया है, इसलिए धनतेरस पर कांच के बर्तन या शोपीस खरीदने से बचना चाहिए।

  • काले रंग की वस्तुएं: इस दिन काले वस्त्र या गहरे काले रंग के सामान की खरीदारी शुभ कार्यों में वर्जित मानी जाती है।

  • खाली बर्तन घर न लाएं: यदि आप पीतल, तांबे या स्टील के बर्तन खरीदते हैं, तो उन्हें घर के भीतर पूरी तरह खाली न लाएं; उनमें जल, चावल, मिठाई या फल डालकर ही गृह प्रवेश कराएं।

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