नीच राशि में जा रहे हैं मंगल, किसको मिलेगा लाभ और किसे नुकसान? जानें 12 राशियों का हाल और बचाव के उपाय

वैदिक ज्योतिष में साहस, पराक्रम, भूमि, रक्त और ऊर्जा के कारक ग्रह मंगल देव का राशि परिवर्तन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ग्रहों के सेनापति कहे जाने वाले मंगल जब चंद्रमा के आधिपत्य वाली जल तत्व की राशि कर्क (Cancer) में प्रवेश करते हैं, तो वे अपनी ‘नीच राशि’ (Debilitated Sign) में आ जाते हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, अग्नि तत्व के ग्रह मंगल के लिए जल तत्व और भावुक राशि कर्क में स्थित होना सहज नहीं माना जाता। नीच के मंगल के प्रभाव से व्यक्ति के भीतर आक्रामकता, अधीरता, मानसिक तनाव, रक्तचाप संबंधी समस्याएं और पारिवारिक कलह बढ़ने का अंदेशा रहता है। हालांकि, कुंडली में मंगल की स्थिति और ‘नीचभंग राजयोग’ के चलते हर किसी के लिए यह गोचर नकारात्मक नहीं होता। कुछ राशियों के लिए यह करियर में उछाल और अप्रत्याशित लाभ भी लेकर आता है।

नीच के मंगल का प्रभाव: किसको होगा जबरदस्त लाभ?

नीच राशि में होने के बावजूद ग्रहों के भावगत प्रभाव के आधार पर 3 राशियों को इस गोचर से अनुकूल परिणाम मिल सकते हैं:

  • मेष राशि (Aries): आपकी राशि के स्वामी मंगल चतुर्थ भाव में नीच के होंगे। यह गोचर कार्यक्षेत्र में अतिरिक्त जिम्मेदारियां लाएगा, लेकिन रियल एस्टेट, प्रॉपर्टी डीलिंग और वाहन सुख के मामलों में पुरानी अड़चनों को दूर कर सकता है। धैर्य से लिए गए फैसले मुनाफा देंगे।

  • कन्या राशि (Virgo): मंगल आपकी राशि से 11वें (लाभ) भाव में गोचर करेंगे। एकादश भाव में पापी या क्रूर ग्रहों का गोचर भी आर्थिक दृष्टि से शुभ माना जाता है। लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिल सकता है और आय के नए स्रोत बनेंगे।

  • धनु राशि (Sagittarius): मंगल अष्टम भाव में रहेंगे। अचानक धन लाभ या पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में सकारात्मक हल निकल सकता है। शोध और गुप्त विद्याओं से जुड़े लोगों को मान-सम्मान मिलेगा।

इन राशियों को रहना होगा सबसे ज्यादा सावधान

कर्क राशि में मंगल का संचरण कुछ राशियों के लिए मानसिक और शारीरिक चुनौतियां खड़ी कर सकता है:

  • कर्क राशि (Cancer): मंगल आपकी ही राशि यानी लग्न भाव में नीच के रहेंगे। इसके चलते अत्यधिक क्रोध, चिड़चिड़ापन, रक्त संबंधी विकार (Blood Pressure) और जीवनसाथी के साथ बेवजह तनाव हो सकता है। वाहन चलाते समय विशेष सतर्कता बरतें।

  • मिथुन राशि (Gemini): दूसरे (वाणी व धन) भाव में नीच मंगल के कारण कटु वाणी से बनते काम बिगड़ सकते हैं। पारिवारिक विवाद और बेवजह के खर्चों के चलते आर्थिक दबाव महसूस हो सकता है।

  • मकर राशि (Capricorn): मंगल सप्तम भाव में गोचर करेंगे और अपनी उच्च राशि मकर को देखेंगे। वैवाहिक जीवन और साझेदारी के व्यापार में गलतफहमी या तनातनी बढ़ सकती है। साझेदारों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।

  • कुंभ राशि (Aquarius): छठे भाव में मंगल शत्रुहंता तो बनाते हैं, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी उतार-चढ़ाव और पुराने कर्जों को लेकर चिंता बढ़ा सकते हैं। कानूनी मामलों में लापरवाही न बरतें।

अन्य राशियों पर मिला-जुला असर

  • वृषभ राशि (Taurus): पराक्रम भाव में गोचर से छोटे भाई-बहनों के साथ मतभेद हो सकते हैं, लेकिन छोटी यात्राओं से लाभ मिलेगा।

  • सिंह राशि (Leo): द्वादश (खर्च) भाव में मंगल कोर्ट-कचहरी और यात्राओं पर अनचाहा धन खर्च करा सकते हैं।

  • तुला राशि (Libra): दशम भाव में मंगल दिगबली होते हैं, इसलिए करियर में भागदौड़ के बावजूद प्रमोशन और नई जिम्मेदारी के योग बनेंगे।

  • वृश्चिक राशि (Scorpio): भाग्य भाव में नीच मंगल पिता के स्वास्थ्य और लंबी यात्राओं में रुकावटें पैदा कर सकते हैं।

  • मीन राशि (Pisces): पंचम भाव में बच्चों की सेहत और पढ़ाई को लेकर चिंता रह सकती है, प्रेम संबंधों में ईगो से बचें।

नीच मंगल के दुष्प्रभाव से बचने के लिए राशियां क्या उपाय करें?

मंगल की नकारात्मकता को कम करने और शुभ ऊर्जा को सक्रिय करने के लिए ज्योतिष में कुछ सरल और अचूक उपाय बताए गए हैं:

  • हनुमान चालीसा का नित्य पाठ: प्रतिदिन हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें और मंगलवार को बूंदी या गुड़-चने का प्रसाद बांटें।

  • क्रोध पर नियंत्रण और वाणी में संयम: जल तत्व की राशि में मंगल होने से भावनाएं भड़कती हैं, इसलिए आवेश में आकर कोई बड़ा फैसला न लें।

  • तांबे के लोटे से सूर्य को अर्घ्य: तांबे के पात्र में जल, रोली और लाल फूल डालकर नित्य प्रातः सूर्य देव को अर्पित करें।

  • मसूर की दाल और लाल वस्तुओं का दान: मंगलवार के दिन जरूरतमंदों को लाल मसूर की दाल, लाल वस्त्र या तांबे के बर्तनों का दान करें।

  • शारीरिक सक्रियता बढ़ाएं: व्यायाम, योग और खेलकूद में समय बिताएं ताकि शरीर की अतिरिक्त अग्नि और ऊर्जा सकारात्मक दिशा में प्रवाहित हो सके।

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