पीठ की असहनीय खुजली से हैं परेशान? बार-बार हाथ से खुरचने के बजाय अपनाएं ये 4 घरेलू उपाय

मौसम में बदलाव, पसीने के ठहराव, रूखी त्वचा या एलर्जी के कारण पीठ पर अचानक होने वाली तेज खुजली किसी को भी बेचैन कर सकती है। पीठ शरीर का एक ऐसा हिस्सा है जहां दोनों हाथ आसानी से नहीं पहुंच पाते, जिससे व्यक्ति और ज्यादा परेशान हो जाता है। ऐसे में कई लोग दीवार से पीठ रगड़ने लगते हैं या किसी नुकीली वस्तु, पेन या स्केल का सहारा लेकर जोर-जोर से खुरचने लगते हैं। डर्मेटोलॉजिस्ट्स (त्वचा विशेषज्ञों) के अनुसार, खुजली वाली जगह पर नाखून मारना या त्वचा को रगड़ना सबसे बड़ी गलती है। इससे स्किन बैरियर टूट जाता है, लाल चकत्ते पड़ जाते हैं और बैक्टीरियल या फंगल इन्फेक्शन का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। यदि आप भी पीठ की खुजली से परेशान हैं, तो बिना त्वचा को खुरचे कुछ आसान और प्राकृतिक उपायों से तुरंत राहत पा सकते हैं।

1. बर्फ की ठंडी सिकाई (Cold Compress) से नसों की संवेदनशीलता को करें शांत

जब पीठ पर असहनीय खुजली मचे, तो नाखून मारने के बजाय आइस पैक या ठंडी सिकाई का सहारा लें। एक साफ सूती तौलिए या कपड़े में बर्फ के 4-5 टुकड़े लपेटें और उसे अपनी पीठ के प्रभावित हिस्से पर 5 से 10 मिनट के लिए हल्के हाथों से दबाएं। मेडिकल साइंस के अनुसार, अत्यधिक ठंडक त्वचा की उन सेंसरी नसों को कुछ समय के लिए सुन्न कर देती है जो दिमाग तक खुजली का सिग्नल पहुंचाती हैं। इसके अलावा ठंडी सिकाई से त्वचा की सूजन और जलन तुरंत शांत हो जाती है।

2. नारियल तेल और कपूर का मिश्रण, फंगल व ड्राईनेस वाली खुजली का काल

सर्दियों या गर्मियों में पसीने के सूखने से होने वाली पीठ की खुजली का सबसे कारगर इलाज नारियल तेल और कपूर का मेल है। नारियल तेल में लॉरिक एसिड और एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं, जो रूखी त्वचा को गहरा पोषण देते हैं। वहीं पूजा में इस्तेमाल होने वाला भीमसेनी कपूर एक प्राकृतिक कूलिंग एजेंट है। 2 बड़े चम्मच शुद्ध नारियल तेल को हल्का गुनगुना करें और उसमें 1 चुटकी पिसा हुआ कपूर अच्छी तरह मिला लें। इस तेल को पीठ पर हल्के हाथों से लगाएं। कपूर की ठंडक खुजली को मिनटों में शांत कर देती है और किसी भी फंगल इंफेक्शन को पनपने नहीं देती।

3. नीम की पत्तियों के उबले पानी से करें स्नान, जड़ से खत्म होंगे बैक्टीरिया

यदि पीठ की खुजली का कारण घमौरियां (Heat Rash), फंगल इन्फेक्शन या पसीने से पैदा होने वाले कीटाणु हैं, तो नीम का पानी सबसे शक्तिशाली प्राकृतिक औषधि है। नीम में भरपूर मात्रा में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व पाए जाते हैं। एक बड़े बर्तन में 15-20 ताजी नीम की पत्तियां डालकर 10 मिनट तक उबाल लें। फिर इस पानी को नहाने की बाल्टी में मिला लें और इसी पानी से स्नान करें। यह पानी त्वचा के रोमछिद्रों (Pores) में जमा गंदगी और पसीने के बैक्टीरिया को साफ कर खुजली की समस्या को जड़ से समाप्त करता है।

4. एलोवेरा जेल और गुलाब जल का स्प्रे, चिपचिपाहट रहित ताजगी

अगर आप पीठ पर तेल लगाने से बचना चाहते हैं या उमस भरे मौसम में चिपचिपाहट से परेशान हैं, तो ताजा एलोवेरा जेल सबसे बेहतरीन विकल्प है। एलोवेरा में 99% पानी और प्राकृतिक एंजाइम्स होते हैं जो त्वचा की जलन को सेकंड्स में सोख लेते हैं। एलोवेरा जेल में थोड़ा सा गुलाब जल मिलाकर एक स्प्रे बोतल में भर लें। जब भी पीठ पर खुजली महसूस हो, पीठ पर इसका स्प्रे कर लें। यह त्वचा को बिना चिपचिपा बनाए ठंडक और राहत पहुंचाएगा।

पीठ की खुजली से हमेशा बचे रहने के लिए सिंथेटिक या टाइट कपड़े पहनने से बचें और हमेशा ढीले सूती (कॉटन) वस्त्र पहनें। वर्कआउट या ज्यादा पसीना आने के बाद तुरंत कपड़े बदलें और नियमित रूप से स्नान करें ताकि पसीना पीठ पर सूखकर खुजली की वजह न बने।

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