बरेली के आसमान में 8 साल बाद ‘सारंग’ की धमाकेदार वापसी, वायु सेना का दिखेगा पराक्रम

उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक और सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण शहर बरेली के निवासियों के लिए एक गर्व और रोमांच से भर देने वाली बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय वायु सेना (Indian Air Force – IAF) की विश्व प्रसिद्ध एयरोबैटिक डिस्प्ले टीम ‘सारंग’ (Sarang Helicopter Display Team) पूरे 8 साल के लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर बरेली के आसमान में अपनी गर्जना और हैरतअंगेज कलाबाजियों का प्रदर्शन करने जा रही है।

झुमका सिटी के नाम से मशहूर बरेली में स्थित भारतीय वायु सेना के प्रमुख और रणनीतिक ‘त्रिशूल एयरबेस’ (Trishul Air Base) पर इस बहुप्रतीक्षित एयर शो का आयोजन किया जा रहा है। आखरी बार साल 2018 में बरेली की जनता ने सारंग टीम के इस शानदार हवाई करतब को अपनी आंखों से देखा था। अब आठ वर्षों के लंबे अंतराल के बाद टीम की इस वापसी को लेकर न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के रक्षा प्रेमियों और युवाओं में भारी उत्साह और उत्सुकता देखी जा रही है।

सारंग एयरोबैटिक टीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह से भारत में निर्मित उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर ‘ध्रुव’ (ALH Dhruv) का उपयोग करती है, जिसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है। चार मोर-रंगे (Peacock Livery) ध्रुव हेलीकॉप्टरों का यह दस्ता जब हवा में एक साथ उड़ान भरता है, तो दर्शकों की सांसें थम जाती हैं।

बरेली के एयर शो के दौरान वायु सेना के ये जांबाज पायलट्स हवा में मात्र कुछ मीटर की दूरी पर एक-दूसरे के बेहद करीब से गुजरते हुए ‘इंडिया फॉर्मेशन’, ‘क्रॉसओवर ब्रेक’ और ‘डायमंड फॉर्मेशन’ जैसे कठिन और रोमांचक स्टंट्स को अंजाम देंगे। यह एयरोबैटिक शो न केवल भारतीय वायु सेना के पायलट्स की बेहतरीन तकनीकी क्षमता और अनुशासन को दर्शाता है, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की मजबूत तस्वीर को भी दुनिया के सामने पेश करता है।

बरेली स्थित त्रिशूल एयरबेस भारतीय वायु सेना का एक अति-संवेदनशील और मुख्य लड़ाकू स्टेशन है। इस भव्य हवाई प्रदर्शन को देखते हुए एयरबेस के आसपास और पूरे शहर में सुरक्षा के पुख्ता और कड़े इंतजाम किए गए हैं। वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के समन्वय से एयर शो के सुचारू संचालन के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं।

इस मेगा इवेंट को देखने के लिए स्कूली बच्चों, एनसीसी कैडेट्स, पूर्व सैनिकों और स्थानीय नागरिकों को आमंत्रित किया गया है। वायु सेना के अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार के रोमांचक और प्रेरणादायक आयोजनों से देश की युवा पीढ़ी में देशभक्ति का जज्बा पैदा होता है और उन्हें भारतीय सशस्त्र बलों (Armed Forces) में शामिल होकर देश सेवा करने की प्रेरणा मिलती है।

भारतीय वायु सेना की सारंग टीम का गठन साल 2003 में हुआ था और इसने पहली बार 2004 में सिंगापुर एशियन एयरोस्पेस शो में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। तब से लेकर आज तक इस टीम ने ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), श्रीलंका, रूस और सिंगापुर सहित दुनिया के कई देशों में अपने साहसिक हवाई कारनामों का प्रदर्शन कर भारत का परचम लहराया है।

अब 8 साल बाद उत्तर प्रदेश के बरेली में इस टीम का यह सफल कमबैक भारतीय वायु सेना के गौरवशाली इतिहास में एक और नया अध्याय जोड़ने जा रहा है। बरेली के आसमान में गूंजने वाली सारंग की यह दहाड़ पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और ऐतिहासिक क्षण की गवाह बनने जा रही है।

Check Also

लखनऊ के फैजुल्लागंज में बाढ़ का भयंकर तांडव, 50,000 से अधिक घर डूबे पानी में

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) के घनी आबादी वाले और निचले इलाकों में शुमार …