
गर्मियों का मौसम हो या उमस भरी बरसात, घरों में सीलिंग फैन (Ceiling Fan) दिन-रात लगातार चलता रहता है। लगातार चलने के कारण पंखे के ब्लेड्स पर धूल, गर्द और जालों की एक मोटी परत जमना बेहद आम बात है। अमूमन पंखे के ब्लेड की निचली सतह तो नजर आ जाती है, लेकिन ऊपरी हिस्से पर जमी जिद्दी धूल तब तक दिखाई नहीं देती जब तक कि वह हवा के साथ नीचे गिरना शुरू न कर दे। सबसे बड़ी सिरदर्दी तब होती है जब पंखे की सफाई करने पर यह सारी काली धूल उड़कर पूरे कमरे, बिस्तर, सोफे और साफ फर्श पर बिखर जाती है। नतीजा यह होता है कि पंखा साफ करने के बाद पूरे घर का पोछा और झाड़ू दोबारा लगानी पड़ जाती है। अधिकांश लोग इस झंझट से बचने के लिए पंखे को कई महीनों तक गंदा ही छोड़ देते हैं या फिर पेचकस से ब्लेड खोलने की भारी मशक्कत में पड़ जाते हैं। अच्छी बात यह है कि अब आपको पंखा खोलने की रत्ती भर भी जरूरत नहीं है। घर में मौजूद कुछ बेहद साधारण चीजों और स्मार्ट ट्रिक्स से आप पंखे को अपनी जगह पर लगे हुए ही महज 2 मिनट में नए जैसा चमका सकते हैं।
पुराने तकिए के खोल से करें जादुई सफाई
छत के पंखे को बिना कमरे में धूल गिराए साफ करने का सबसे लोकप्रिय और कारगर तरीका है पुराना तकिए का खोल यानी पिलो कवर (Pillow Cover)। यह ट्रिक उन घरों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जहां बिस्तर या सोफे के ठीक ऊपर पंखा लगा होता है। इस तरीके में धूल हवा में उड़ने या फर्श पर गिरने के बजाय सीधे कपड़े के अंदर ही बंद हो जाती है।
सफाई शुरू करने से पहले पंखे का मुख्य स्विच और रेगुलेटर पूरी तरह बंद कर दें और ब्लेड्स के स्थिर होने की प्रतीक्षा करें। इसके बाद एक पुराना तकिए का कवर लें और उसे पंखे के एक ब्लेड के ऊपर ठीक वैसे ही चढ़ा दें जैसे तकिए पर कवर चढ़ाया जाता है। ब्लेड जब पूरी तरह कवर के अंदर आ जाए, तो दोनों हाथों से कपड़े को ऊपर और नीचे से हल्के दबाव के साथ पकड़ें। अब कवर को धीरे-धीरे अपनी तरफ बाहर की ओर खींचें। ऐसा करने से ब्लेड की ऊपरी और निचली दोनों सतहों पर चिपकी सारी धूल पिलो कवर के अंदर ही खुरच कर जमा हो जाएगी। कमरे में एक कण भी नीचे नहीं गिरेगा। इसी तरह बाकी के सभी ब्लेड्स को भी साफ कर लें। सारे ब्लेड्स साफ होने के बाद तकिए के कवर को बालकनी या घर के बाहर ले जाकर झाड़ें और वाशिंग मशीन में धो लें।
माइक्रोफाइबर कपड़े से हटाएं बची-खुची गंदगी
यदि आपके घर में पंखे की नियमित सफाई होती रहती है और ब्लेड पर धूल की बहुत मोटी परत नहीं है, तो माइक्रोफाइबर कपड़ा (Microfiber Cloth) आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प साबित होता है। माइक्रोफाइबर के रेशों में इलेक्ट्रोस्टैटिक गुण होते हैं, जो धूल के बारीक कणों को हवा में उड़ाने के बजाय चुंबक की तरह अपने अंदर चिपका लेते हैं।
माइक्रोफाइबर कपड़े को ब्लेड के ऊपर रखें और बीच के हिस्से (हब) से शुरू करते हुए किनारे की तरफ हल्के हाथ से पोंछें। कपड़े को दोनों तरफ से पकड़कर एक ही दिशा में खींचने से धूल का फैलाव रुकता है। यदि धूल थोड़ी चिपचिपी महसूस हो, तो कपड़े को गुनगुने पानी में हल्का सा भिगोएं और पूरी तरह निचोड़ लें ताकि उसमें से पानी की एक बूंद भी न टपके। ज्यादा गीले कपड़े से सफाई करने पर धूल कीचड़ बनकर ब्लेड पर चिपक सकती है, इसलिए केवल नम कपड़े का ही प्रयोग करें।
ऊंची छतों के लिए लंबे डंडे वाले डस्टर का सहारा
जिन घरों में छत की ऊंचाई सामान्य से ज्यादा होती है, वहां बार-बार स्टूल या कुर्सी पर चढ़ना खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे मामलों में टेलीस्कोपिक यानी लंबे डंडे वाले पंखा डस्टर (Long Handle Duster) का इस्तेमाल करना समझदारी है। बाजार में विशेष रूप से U-शेप वाले पंखा क्लीनर मिलते हैं जो ब्लेड को दोनों तरफ से एक साथ साफ कर देते हैं।
डस्टर को ब्लेड की सतह पर धीरे-धीरे आगे-पीछे चलाएं। कभी भी पंखे को बहुत तेजी से न झाड़ें, क्योंकि जोर-जोर से झाड़ने पर धूल हवा में तैरने लगती है और पूरे कमरे में फैल जाती है। शांत और सधे हाथों से की गई सफाई कम समय में बेहतर परिणाम देती है।
रसोई के चिपचिपे पंखों के लिए साबुन और सिरके का घोल
किचन या डाइनिंग एरिया के पास लगे सीलिंग फैन पर केवल सामान्य धूल नहीं जमती, बल्कि खाना पकाने से उड़ने वाला तेल और धुआं भी चिपक जाता है। चिकनाई के कारण यह गंदगी एक चिपचिपी और जिद्दी परत का रूप ले लेती है, जिसे सूखा कपड़ा बिल्कुल साफ नहीं कर पाता।
ऐसी चिकनाई को हटाने के लिए एक स्प्रे बोतल में हल्का गुनगुना पानी लें, उसमें आधा चम्मच लिक्विड डिशवॉश और एक चम्मच सफेद सिरका (White Vinegar) मिला लें। सिरका तेल और चिकनाई को तेजी से काटने का काम करता है। इस घोल को सीधे पंखे पर छिड़कने की गलती कभी न करें। इसके बजाय माइक्रोफाइबर कपड़े पर यह स्प्रे करें और कपड़े से चिकने ब्लेड को रगड़ें। कुछ ही सेकंडों में चिपचिपापन पूरी तरह गायब हो जाएगा। इसके बाद एक साफ, सादे पानी से भीगे और अच्छी तरह निचोड़े हुए कपड़े से पोंछें और अंत में सूखे तौलिए से ब्लेड को सुखा दें।
मोटर और हब की सफाई में बरतें विशेष सावधानी
अक्सर लोग केवल ब्लेड्स को चमका कर छोड़ देते हैं, जबकि धूल का एक बड़ा हिस्सा पंखे की मोटर और उसके ऊपरी कप पर भी जमा रहता है। मोटर की सफाई करते समय हमेशा सूखे माइक्रोफाइबर कपड़े या पेंट वाले छोटे सूखे ब्रश का इस्तेमाल करें। मोटर के वेंट्स (छेद) के अंदर कभी भी पानी, साबुन का घोल या कोई केमिकल स्प्रे न जाने दें। अगर नमी मोटर की कॉइल या वायरिंग तक पहुंच गई, तो पंखा चालू करते ही शॉर्ट सर्किट होने या मोटर के फुंकने का गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
कितने दिनों के अंतराल पर करें सीलिंग फैन की सफाई?
पंखे की सफाई की समय-सीमा इस बात पर निर्भर करती है कि आपका घर सड़क के कितने करीब है और इलाके में धूल कितनी उड़ती है। यदि मुख्य सड़क के पास घर है, तो हर 10 से 15 दिन में पंखे को एक बार सूखे कपड़े या डस्टर से फेर लेना चाहिए। नियमित हल्की सफाई करने से धूल की सख्त पपड़ी नहीं जमती और हर बार डीप क्लीनिंग की जरूरत नहीं पड़ती। वहीं, रसोई वाले पंखे को महीने में कम से कम दो बार नम कपड़े से पोंछना जरूरी है ताकि तेल की परत कठोर न होने पाए।
पंखा साफ करते समय इन गलतियों से हर हाल में बचें
पंखे की सफाई करते समय सबसे पहले सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। कभी भी डगमगाती हुई पुरानी प्लास्टिक की कुर्सी या लड़खड़ाती टेबल पर खड़े होकर पंखा साफ न करें। मजबूत और समतल जगह पर टिकी सीढ़ी का ही इस्तेमाल करें। सफाई करते समय ब्लेड को कभी भी नीचे की ओर जोर से न दबाएं और न ही ज्यादा मोड़ें। ब्लेड का एंगल बिगड़ने से पंखा चलते समय डगमगाने लगता है, अजीब आवाजें करने लगता है और उसकी हवा फेंकने की गति भी धीमी पड़ जाती है। इसके अलावा, डेकोरेटिव या एंटीक फिनिश वाले पंखों पर बहुत खुरदुरे स्क्रबर का इस्तेमाल करने से बचें, अन्यथा उनकी पॉलिश और पेंट हमेशा के लिए खराब हो सकते हैं।
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