
अमेरिकी संविधान के अनुच्छेद 2, खंड 1 (Natural-born Citizen Clause) के अनुसार अमेरिका का राष्ट्रपति केवल वही व्यक्ति बन सकता है जिसका जन्म अमेरिका की धरती पर हुआ हो। एलन मस्क का जन्म दक्षिण अफ्रीका के प्रिटोरिया में हुआ था, इसलिए वे चाहकर भी कभी व्हाइट हाउस की शीर्ष कुर्सी पर आसीन नहीं हो सकते। हालांकि, अमेरिकी राजनीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था में मस्क का दखल किसी राष्ट्रपति से कम नहीं है। अब मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक चौंकाने वाला ऐलान करते हुए कहा है कि वह अगले साल अमेरिका के हर बच्चे को अपनी कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) का एक शेयर मुफ्त देंगे।
इस घोषणा ने राजनीतिक और कारोबारी दोनों हलकों में हलचल मचा दी है। अमेरिका में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की आबादी लगभग 7.2 से 7.3 करोड़ है। स्पेसएक्स के मौजूदा शेयर मूल्य (करीब 146 डॉलर प्रति शेयर) के हिसाब से इस ऐलान की कुल लागत लगभग 10.5 अरब डॉलर (करीब 85,000 से 90,000 करोड़ रुपये) बैठती है। राष्ट्रपति न बन पाने के बावजूद इतने भारी-भरकम वित्तीय तोहफे के पीछे मस्क की सोची-समझी दूरगामी रणनीति छिपी हुई है।
‘किंगमेकर’ बनने की रणनीति और ‘ट्रम्प अकाउंट्स’ से जुड़ाव
जब कोई व्यक्ति स्वयं सबसे बड़े राजनीतिक पद पर नहीं बैठ सकता, तो वह व्यवस्था के भीतर सबसे बड़ा ‘किंगमेकर’ बनने की दिशा में कदम बढ़ाता है। अमेरिकी राजनीति में रिपब्लिकन पार्टी और डोनाल्ड ट्रम्प की ‘ट्रम्प अकाउंट्स’ (Trump Accounts) या बेबी बॉन्ड्स पहल के तहत बच्चों के निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मस्क का यह दांव सीधे तौर पर 7 करोड़ से अधिक परिवारों के घरों में अपनी स्थायी पैठ बनाने का जरिया है।
जब अमेरिका की हर आने वाली पीढ़ी के पास स्पेसएक्स का एक शेयर होगा, तो मस्क केवल एक उद्योगपति नहीं रहेंगे, बल्कि अमेरिकी जनता के आर्थिक भविष्य का हिस्सा बन जाएंगे। यह जनसमर्थन उन्हें वाशिंगटन के नीति-निर्माताओं, रेगुलेटरी संस्थाओं (SEC, FAA) और राजनीतिक दलों पर भारी दबाव बनाने की असीमित शक्ति देगा।
एआई और टेक प्रतिद्वंद्वियों को मात देने की कॉर्पोरेट जंग
मस्क का यह फैसला अचानक नहीं आया है। यह ऐलान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र की प्रमुख प्रतिद्वंद्वी कंपनी ‘एंथ्रोपिक’ (Anthropic) की उस घोषणा के ठीक एक दिन बाद आया, जिसमें उसने अपने 5% शेयर ‘सार्वजनिक भलाई’ (Public Good Fund) के लिए दान करने की बात कही थी। मस्क ने किसी मध्यस्थ एनजीओ या ट्रस्ट को फंड देने के बजाय सीधे जनता के हाथ में शेयर थमाने का दांव खेला। उन्होंने एंथ्रोपिक के फैसले पर तंज कसते हुए कहा कि फंड्स को दान देने के बजाय सीधे जनता को शेयरधारक बनाना वास्तविक जनहित है।
टैक्स प्लानिंग और संपत्ति हस्तांतरण का मास्टरस्ट्रोक
अमेरिका के जटिल टैक्स कानूनों में अरबपतियों के लिए चैरिटी और गिफ्टिंग के नियम बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शेयर बाजार में लिस्टेड या अत्यधिक वैल्यूएशन वाली कंपनियों के शेयरों को जब उपहार (Gift) के रूप में या कस्टोडियल ट्रस्ट्स के जरिए वितरित किया जाता है, तो इससे भारी टैक्स छूट (Tax Deductions) और कैपिटल गेन्स टैक्स से राहत हासिल की जा सकती है। मस्क के पास स्पेसएक्स के अरबों शेयर्स हैं, और उसका एक छोटा सा हिस्सा (लगभग 1%) जनता में बांटकर वे एक तरफ अपनी टैक्स देनदारियों को साध सकते हैं, तो दूसरी तरफ स्पेसएक्स के रिटेल शेयरहोल्डर बेस को दुनिया में सबसे विशाल बना सकते हैं।
भविष्य की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था से जोड़ना और ब्रांड वफादारी
मस्क का हमेशा से मानना रहा है कि भविष्य मंगल ग्रह पर बस्तियां बसाने और अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था का है। जब आज का 5 या 10 साल का अमेरिकी बच्चा स्पेसएक्स का शेयरधारक बनेगा, तो वह जीवनभर मस्क के मंगल मिशन, स्टारलिंक और रॉकेट प्रक्षेपणों का भावनात्मक समर्थक बन जाएगा। यह एक ऐसी ब्रांड लॉयल्टी (Brand Loyalty) तैयार करेगा जिसे दुनिया की कोई भी पीआर एजेंसी अरबों डॉलर खर्च करके भी हासिल नहीं कर सकती।
संक्षेप में कहें तो राष्ट्रपति का चुनाव न लड़ पाना मस्क के लिए कोई बाधा नहीं है; वह लोकतंत्र के औपचारिक चुनाव लड़े बिना अमेरिकी समाज और उसकी अगली पीढ़ी के ‘आर्थिक संरक्षक’ की ऐसी भूमिका तैयार कर रहे हैं, जिसका प्रभाव किसी भी 4 साल के राष्ट्रपति कार्यकाल से कहीं अधिक लंबा और गहरा हो सकता है।
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