
भारतीय पारंपरिक रसोई में लोहे की कढ़ाई, तवा और बर्तनों का इस्तेमाल सदियों से होता आ रहा है। लोहे के बर्तनों में खाना पकाने से न केवल भोजन का स्वाद लाजवाब बनता है, बल्कि शरीर को प्राकृतिक रूप से आयरन भी मिलता है जो एनीमिया और खून की कमी से बचाता है। हालांकि, लोहे के बर्तनों के साथ सबसे बड़ी सिरदर्दी यह होती है कि धोकर रखते ही उन पर लाल-भूरे रंग की जिद्दी जंग (Rust) चढ़ने लगती है। कई बार रात में बर्तन धोकर सुखाने के लिए रखा जाता है और अगली सुबह उस पर जंग की मोटी परत जमी मिलती है। विज्ञान के अनुसार, जब लोहा हवा में मौजूद ऑक्सीजन और पानी या नमी के सीधे संपर्क में आता है, तो ‘आयरन ऑक्साइड’ की परत बन जाती है जिसे हम आम बोलचाल में जंग कहते हैं। यदि लोहे की सही देखभाल और ‘सीजनिंग’ (Seasoning) न की जाए, तो बर्तन न सिर्फ बदरंग हो जाता है बल्कि उसमें पका भोजन भी कड़वा और सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
सिरका, बेकिंग सोडा और नींबू: जंग की मोटी परत को उखाड़ फेंकने का अचूक नुस्खा
यदि आपकी लोहे की कढ़ाई में पहले से ही गहरी जंग लग चुकी है और वह इस्तेमाल करने लायक नहीं दिख रही है, तो उसे फेंकने या बाजार में घिसवाने की जरूरत नहीं है। घर की रसोई में मौजूद सफेद सिरका (Vinegar) और बेकिंग सोडा जंग के सबसे बड़े दुश्मन हैं। सबसे पहले कढ़ाई में दो चम्मच सफेद सिरका और दो चम्मच बेकिंग सोडा डालें। जैसे ही दोनों मिलेंगे, झाग बनने लगेगा। इसके बाद आधा कटा हुआ नींबू लें और उसी नींबू के छिलके से कढ़ाई की जंग वाली जगहों पर अच्छी तरह रगड़ें। नींबू में मौजूद साइट्रिक एसिड और सिरके का एसिटिक एसिड जंग के बॉन्ड को ढीला कर देते हैं। इसे 10 से 15 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें। इसके बाद एक साधारण स्क्रबर या नारियल के जूट से हल्के हाथों से घिसकर धो लें; सारी जंग पानी के साथ बह जाएगी और अंदर का काला या स्लेटी लोहा बिल्कुल नया जैसा चमकने लगेगा।
धोने के तुरंत बाद सुखाना है सबसे बड़ा सुरक्षा कवच
लोहे के बर्तनों में जंग लगने का 90 प्रतिशत कारण उन्हें धोने के बाद ठीक से न सुखाना होता है। अक्सर लोग बर्तन धोकर सिंक की जाली या रैक में गीला ही छोड़ देते हैं, जहां पानी की बूंदें घंटों जमी रहती हैं। लोहे के बर्तन को कभी भी प्राकृतिक रूप से हवा में सूखने के लिए न छोड़ें। धोने के तुरंत बाद एक साफ और सूखे सूती कपड़े से कढ़ाई के अंदर और बाहर का पूरा पानी अच्छी तरह पोंछ लें। इससे भी बेहतर तरीका यह है कि पोंछने के बाद कढ़ाई को गैस चूल्हे पर रखकर 1 से 2 मिनट के लिए धीमी आंच पर चढ़ा दें। हल्की गर्मी से लोहे के रोमछिद्रों (Pores) में छिपा हुआ पानी का हर एक सूक्ष्म कण भाप बनकर उड़ जाएगा और जंग लगने की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
सरसों के तेल की कोटिंग और सीजनिंग: लोहे को बनाएं नेचुरल नॉन-स्टिक
लोहे की कढ़ाई को जंग से बचाने और उसे काले नॉन-स्टिक बर्तन में बदलने का सबसे अचूक और पारंपरिक राज है ‘सीजनिंग’। जब कढ़ाई गैस पर गर्म होकर पूरी तरह सूख जाए, तो गैस बंद कर दें और उसमें आधा चम्मच सरसों का तेल या कोई भी कुकिंग ऑयल डालें। अब एक साफ टिशू पेपर या कॉटन के कपड़े की मदद से उस तेल को कढ़ाई के अंदरूनी और बाहरी दोनों हिस्सों पर अच्छी तरह फैलाकर एक पतली परत चढ़ा दें। जब तेल लोहे की गर्म सतह पर फैलता है, तो वह ‘पॉलीमराइजेशन’ की प्रक्रिया से गुजरता है। यह तेल की परत लोहे और हवा के बीच एक सुरक्षात्मक दीवार (बैरियर) बना देती है, जिससे ऑक्सीजन और नमी लोहे को छू भी नहीं पाती। हर बार इस्तेमाल और धोने के बाद तेल की यह हल्की मालिश करने से आपकी कढ़ाई कभी जंग नहीं पकड़ेगी और डोसा या पूरियां भी उसमें कभी नहीं चिपकेंगी।
लोहे के बर्तन धोते समय भूलकर भी न करें ये 4 गलतियां
लोहे की कढ़ाई की उम्र लंबी रखने के लिए बर्तन धोते वक्त कुछ सावधानियां बरतना अनिवार्य है। पहली बात यह कि लोहे के बर्तनों को कभी भी डिशवॉशर में न धोएं, क्योंकि डिशवॉशर का गर्म पानी और कड़ा डिटर्जेंट लोहे की तेल वाली प्राकृतिक परत को पूरी तरह नष्ट कर देता है। दूसरी बात, लोहे के बर्तनों को साफ करने के लिए बहुत ज्यादा हार्श केमिकल वाले लिक्विड या ब्लीच का इस्तेमाल न करें; हल्के बर्तन धोने वाले साबुन या गर्म पानी से ही साफ करें। तीसरी गलती यह कि खाना बनने के बाद घंटों तक पके हुए भोजन (खासकर टमाटर, इमली, दही या खट्टी चीजें) को लोहे की कढ़ाई में पड़ा न रहने दें, क्योंकि एसिडिक खाना लोहे से रिएक्शन करके काला पड़ जाता है और कोटिंग को काट देता है। चौथी बात, धोने के बाद कभी भी लोहे की कढ़ाई को किसी नम या सीलन वाली अलमारी के कोने में बंद करके न रखें।
जंग रहित और चमकदार कढ़ाई के लिए आसान डेली मेंटेनेंस रूटीन
अपनी रसोई के लोहे के बर्तनों को पीढ़ियों तक नया बनाए रखने के लिए बस एक तीन-चरणीय नियम याद रखें: ‘धोएं, सुखाएं और तेल लगाएं’। जब भी आप कढ़ाई का इस्तेमाल करें, उसे तुरंत साफ करें, गैस पर रखकर एक मिनट में उसका पानी सुखाएं और फिर दो बूंद तेल लगाकर रैक पर टांग दें। हफ्ते में एक बार तेज आंच पर तेल को धुआं निकलने तक गर्म करके ठंडा करने से कढ़ाई की नॉन-स्टिक कोटिंग और भी पक्की हो जाती है। इन आसान और वैज्ञानिक घरेलू उपायों को अपनी दिनचर्या में शामिल करके आप लोहे की कढ़ाई को हमेशा जंग-मुक्त, चमकदार और सेहतमंद कुकिंग के लिए तैयार रख सकते हैं।
Shashwat Lokwarta – State News,Up News देश-दुनिया